इलाहाबाद: जर्जर छात्रावास की छत ढही, भाई-बहन की हुई मौत
इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में एक दर्दनाक हादसा हुआ है। यहां विश्व हिंदू परिषद के वनवासी छात्रावास के पिछले हिस्से की दीवार व छत गिर गयी। जिससे मलबे में दबकर सगे भाई-बहन की मौत हो गई। चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने मलबे को हटाकर दोनों बच्चों को बाहर निकाला। घटना की सूचना पर पुलिस-प्रशासन के अधिकारी और नेता मौके पर पहुंचे गए। घटना के बाद डीएम सुहास एलवाई ने मृतक बच्चों के परिजनों को आपदा राहत कोष से 4.50-4.50 लाख रुपये आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।

कैसे हुआ हादसा
इलाहाबाद के कीटगंज इलाके में भार्गव कोठी है। कोठी में विहिप का वनवासी छात्रावास है। जिसके पिछले हिस्से की मिट्टी की दीवार गुरुवार शाम छत समेत भरभरा कर गिर गई। जिस कमरे की दीवार गिरी उसमें रिक्शा चालक संजय गौड़ का परिवार रहता था। उसकी पत्नी सुमन सड़क पर ठेला लगाती है। सुमन अपने तीन बच्चों के साथ उसी कमरे में थी। हादसे से महज पांच मिनट पहले वह अपनी एक पुत्री कामिनी खेलने के लिए बाहर जाने की जिद करने लगी। सुमन उसे बहलाने के लिए बाहर निकली ही थी कि तबतक तेज आवाज के साथ दीवार गिर गई और पूरी छत ढह गई। इससे कमरे में मौजूद उसके दो बच्चों में 15 माह का पुत्र सोना और छह वर्षीया पुत्री अनुष्का उर्फ शिवानी मलबे में दब गए।

चीख-पुकार सुनकर लोगों ने की मदद
चीख-पुकार सुनकर छात्रावास में रहने वाले लोग व विहिप के प्रखंड अध्यक्ष समेत आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े और मलबे को हटाकर दोनों बच्चों को बाहर निकाला। हादसे की सूचना पर पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंच गया। दोनों बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद से मां सुमन का रो-रोकर हाल बेहाल है। वहीं, हादसे के बाद इलाहाबाद के जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष से 4.50-4.50 लाख रुपये देने की घोषणा की है।












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