अतीक और अशरफ हत्याकांड की जांच के लिए सीएम योगी ने आयोग का किया गठन, ये तीन अधिकारी करेंगे पूरे मामले की जांच
अतीक अहमद और अशरफ हत्याकांड के संबंध में तीन सदस्यीय न्यायिक जांच समिति का गठन योगी सरकार ने किया है। ये जांच आयोग दो महीने में सरकार को रिपोर्ट देगी।

डॉन ब्रदर्स अतीक अहमद और अशरफ की 15 अप्रैल की देर रात पुलिस कस्टडी में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। एक साथ हुई डबल मर्डर की इस घटना ने पूरे सूबे को हिलाकर रख दिया था। इस हत्याकांड के बाद प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने न्यायिक आयोग का गठन का ऐलान किया था।
सीएम योगी के ऐलान के बाद रविवार 16 अप्रैल को तीन सदस्यीय न्यायिक जांच समिति का गठन प्रदेश सरकार द्वारा कर दिया गया। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, यह जांच आयोग 15 अप्रैल को प्रयागराज जिले में हुए संपूर्ण घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर दो महीने में सरकार को रिपोर्ट देगी।
न्यायिक जांच समिति की अध्यक्षता इलाहाबाद एचसी के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अरविंद कुमार त्रिपाठी करेंगे। बता दें, इस जांच आयोग में सेवानिवृत्त आईपीसी अधिकारी सुबेश कुमार सिंह और सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश बृजेश कुमार सोनी शामिल हैं।
खबर के मुताबिक, अतीक अहमद और अशरफ हत्याकांड के बाद सीएम योगी ने देर रात उच्च स्तीरय बैठक बुलाई थी और इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए थे। इतना ही नहीं, पुलिस अधिकारियों के साथ सीएम कई घंटों तक हाईलेवल बैठक भी चली।
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इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के पांच अधिकारियों को प्रयागराज भेजने का फैसला हुआ है। साथ ही, शनिवार रात हुई हत्या के बाद मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीआरपीसी की धारा 144 लागू की गई थी।
इस हत्याकांड के बाद पुलिस ने तीनों शूटरों को मौका-ए-वारदात से गिरफ्तार कर लिया था।इस बाबत प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा ने एफआईआर की कॉपी का हवाला देते हुए कहा, 'तीन शूटरों ने कहा कि यह जानकारी मिलने के बाद कि अतीक और अशरफ को पुलिस हिरासत में ले लिया गया है, हम पत्रकारों के रूप में भेष बदलकर प्रयागराज आए।'
इसके बाद स्थानीय पत्रकारों के बीच रहने लगे और दोनों को मारने की योजना बना रहे थे। हम प्रदेश में मशहूर होने के लिए गैंगस्टर से राजनेता बने अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को मारना चाहते थे।












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