मिर्जापुर: विधानसभा में क्लीन स्वीप करने वाली भाजपा का ब्लॉक प्रमुख चुनाव में हो गया सफाया
मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में एक बार फिर भाजपा प्रत्याशियों को हार का मुंह देखना पड़ा है। यहां अविश्वास प्रस्ताव के बाद खाली हुई तीन ब्लॉक प्रमुख सीटों पर एक सपा और दो निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज कराई है। खास बात यह है कि मिर्जापुर में पांच विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है। बता दें कि चुनाव से पहले सत्ता पक्ष पर बीडीसी समर्थको का अपहरण करने का आरोप भी लगा था।

नरायनपुर में पूर्व प्रमुख ने फिर किया कब्जा
नरायनपुर ब्लॉक प्रमुख सीट पर अविश्वास प्रस्ताव के बाद चुनाव हुआ था। इस उप चुनाव में भाजपा समर्थित उम्मीदवार अंजना सोनकर और पूर्व प्रमुख छांगुर कनौजिया के बीच मुकाबला रहा। पूर्व में अविश्वास प्रस्ताव में पराजित छांगुर कनौजिया ने 58 मत प्राप्त कर भाजपा समर्थित अंजना सोनकर को 13 मतों से हराया दिया। बता दें कि दो मतों को अवैध घोषित किया गया। 106 बीडीसी सदस्यों में 105 सदस्यों ने अपने मत का प्रयोग किया।

बृजमोहन ने पूर्व प्रमुख को हराया
जमालपुर ब्लाक प्रमुख पद के चुनाव में बृजमोहन 73 मत प्राप्त कर विजयी रहे। उन्होंने पूर्व ब्लाक प्रमुख संजय सोनकर को 35 मतों से पराजित किया। सहायक निर्वाचन अधिकारी एके उपाध्याय ने विजयी उम्मीदवार को प्रमाण पत्र दिया।

सपा समर्थित प्रत्याशी ने जीत दर्ज की
हलिया ब्लाक प्रमुख पद के उप चुनाव के लिए सपा समर्थित सुरेश दूबे व भाजपा समर्थित संतोष सिंह के बीच मुकाबला था। सुरेश दुबे ने 58 मत पाकर भाजपा समर्थित संतोष सिंह को दस मतों से पराजित कर दिया। 112 बीडीसी सदस्यों ने मताधिकार का प्रयोग किया। एक बीडीसी सदस्य जेल में बंद होने के कारण मतदान में भाग नहीं ले सका।












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