बुलंदशहर: 'मोदी' गैंग का पर्दाफाश, पुलिसवाला बन लिफ्ट देकर लूट लेते थे सबकुछ
लूटेरे रात के अंधेरे में पुलिस की टोपी पहनकर लोगों को अपनी गाड़ी में बैठा लेते हैं और सुनसान इलाके में ले जाकर हथियार के बल पर उन से लूटपाट करके फरार हो जाते हैं।
बुलंदशहर। रात के अंधेरे में पुलिस की टोपी पहने जरूरी नहीं की आपसे पुलिस वाला ही टकराए। दरअसल बुलंदशहर पुलिस ने ऐसे ही एक गैंग का खुलासा किया है जो रात के समय पुलिस की टोपी लगाकर पिछले दो महीनों में 200 से ज्यादा वारदातों को अंजाम दे चुका हैं।

एसपी सिटी मानसिंह चौहान ने बताया कि मंडी चौकी पुलिस ने ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है। ये शातिर लिफ्ट देने के बहाने लूटपाट की वारदात को अंजाम देते है। लूटेरे रात के अंधेरे में पुलिस की टोपी पहनकर लोगों को अपनी गाड़ी में बैठा लेते हैं और सुनसान इलाके में ले जाकर हथियार के बल पर उन से लूटपाट करके फरार हो जाते हैं। बता दें कि इन लूटेरों ने पिछले दो महीनों में 200 से ज्यादा लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया है। इनके पास से सैंट्रो गाड़ी, तीन बाइक, 20 मोबाइल फोन, 22 हजार रुपए और पुलिस की टोपी बरामद हुई है।

कैसे पड़ा गैंग का नाम 'मोदी' गैंग?
पुलिस ने खुलासा किया है कि इस गैंग का नाम मोदी गैंग है। जिसके पांच लूटेर मनोज उर्फ गुड्डू, जितेंद्र उर्फ जीतू, दीपक, रविंद्र और सुनील को पुलिस ने अरेस्ट किया है जबकि गैंग लीडर धर्मेंद्र मोदी अभी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस की माने तो शातिर लूटेरों को संतोष इंटरनेशनल स्कूल के पास से गिरफ्तार किया गया गया है। ये लुटेरे जहांगीराबाद में किसी लूट की वारदात को अंजाम देने के लिए जा रहे थे।

गैंग के सदस्य मनोज उर्फ गुड्डू की मानें तो गैंग का नाम मोदी गैंग है। मनोज ने बताया कि गैंग का सरगना धर्मेंद्र मोदी है और उसके ही नाम पर गैंग का नाम है मोदी गैंग रखा गया। धर्मेंद्र ही अपनी सैंट्रो कार देता था जिससे मुसाफिरों को लिफ्ट देने के बहाने ले जाकर ये लूटपाट की वारदात को अंजाम देते थे।
गलती से चढ़े पुलिस के हत्थे
जितेंद्र उर्फ जीतू की माने तो उसने बीते साल 25 दिसंबर को मोदी गैंग ज्वाइन किया था। 25 दिसंबर से अब तक जीतू 80 से 100 लूटपाट की वारदातों को अंजाम दे चुका है। जीतू की मानें तो अपनी गलती की वजह से वह पुलिस के हत्थे चढ़ गए।












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