चुनावी मोड में BJP; 2019 में हारी हुई 14 लेाकसभा सीटों पर जीत को लेकर होगा मंथन
लखनऊ, 29 जून : उत्तर प्रदेश में हाल ही में सम्पन्न रामपुर और आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव में मिली जीत के बाद से ही बीजेपी काफी उत्साहित नजर आ रही है। बीजेपी ने अब मिशन 2024 को लेकर अपनी तैयारियों को अमली जामा पहनाने की कवायद शुरू कर दी है। इस रणनीति के तहत ही अब 2019 में यूपी में हारी हुई लोकसभा सीटों पर कमजोरियों को लेकर मंथन किया जाएगा। इस बैठक में हारी हुए जिलों के प्रभारियों और बूथ अध्यक्षों को बुलाया गया है जो अपना फीडबैक देंगे और उसी के आधार पर पार्टी 2024 में होने वाले चुनाव को लेकर अपनी रणनीति को और धार देगी।

2019 में बीजेपी यूपी में हारी थी 14 लोकसभा सीटें
उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने मिशन 2024 को लेकर अपनी तैयारियां अभी से शुरू कर दी है। इसको लेकर संगठन स्तर पर बैठकों का सिलसिला अभी से शुरू हो गया है। लखनऊ में आज बीजेपी मुख्यालय पर 2019 में हारी हुई सीटों को लेकर मंथन किया जाएगा। इसमें इस बात पर जोर दिया जाएगा कि अगले लोकसभा चुनाव में इन सीटों पर कैसे भगवा लहराया जा सके। इसकी कमान पूरी तरह से संगठन मंत्री सुनील बंसल के हाथों में होगी। सांगठनिक कौशल में माहिर सुनील बंसल की अगुवाई में बीजेपी हारी हुई सीटों पर हर कमजोरी का बारिकी से अध्ययन करेगी और उसे समय रहते दूर करेगी।

14 हारी सीटों में दो सीटें बीजेपी जीत चुकी है
2019 में हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने यूपी में 14 सीटें गवाईं थीं। इसमें बसपा को दस, सपा को पांच और कांग्रेस को केवल एक ही सीट पर संतोष करना पड़ा था। इन सीटों पर हार की वजहें तलाशने की कवायद अब संगठन ने दो साल पहले ही शुरू कर दिया है। इन जिलों के जातीय समीकरणों और स्थानीय कमियों पर फोकस किया जाएगा। पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी की माने तो बीजेपी हर समय चुनावी मोड में रहती है इसलिए उसके कार्यकर्ता सालभर एक्टिव मोड में रहते हैं। इसका फायदा उसको यूपी में होने वाले चुनावों में मिलता है। उसी तर्ज पर पार्टी ने अभी से अपनी कमजोरियों पर काम करना शुरू कर दिया है ताकि अगले आम चुनाव में यूपी में मिशन 75 प्लस के टारगेट को पूरा किया जा सके।

बैठक में जिला प्रभारी और बूथ अध्यक्ष होंगे शामिल
यूपी की राजधानी लखनऊ में पार्टी मुख्यालय पर बुधवार को हार के कारणों पर मंथन होगा। इसमें उन जिलों के प्रभारी और बूथ अध्यक्ष शामिल होंगे। जिला प्रभारियों और बूथ तैयारियों को पहले ही इसको लेकर तैयारी करने का निर्देश दिया गया था। अब इस बैठक में बीजेपी इनसे फीडबैक लेगी कि किस जिले में कौन सी कमजोरियां हैं जिसकी वजह से पार्टी को हार का सामना करना पड़ रहा है। उन कमियों को दूर करने के लिए जिला प्रभारियों और बूथ अध्यक्षों को टास्क भी पकड़ाया जाएगा।

आजमगढ़-रामपुर में रणनीति सफल होने से उत्साहित बीजेपी
पिछले आम चुनाव में बीजेपी को यूपी में 14 सीटों पर हार मिली थी लेकिन बीजेपी ने अब उसमें से दो सीटों पर अपना कब्जा जमा लिया है। आजमगढ़ और रामपुर में हुए उपचुनाव के जो रिजल्ट आए हैं उससे पार्टी गदगद है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि योगी के साथ ही पीएम मोदी ने इन दोनों सीटों पर जीत को ऐतिहासिक बताया था। बीजेपी के लिए इन दोनों सीटों पर जीत इसलिए अहम है क्योंकि ये दोनों ही सीटें समाजवादी पार्टी का गढ़ रही हैं। एक जगह अखिलेश का गढ़ टूटा है तो दूसरी तरह आजम खान का तिलिस्म। इन दोनों सीटों पर हार से समाजवादी पार्टी को काफी करारा झटका लगा है।












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