चुनाव से पहले अनुप्रिया पटेल का मास्टर स्ट्रोक, मां कृष्णा पटेल को दिया मंत्री एवं अध्यक्ष बनने का ऑफर
लखनऊ, 10 सितम्बर: उत्तर प्रदेश अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल मास्टर स्ट्रोक खेलने की तैयारी में जुटी हैं। अपना दल के सूत्रों का दावा है कि आने अनुप्रिया ने दोनों परिवारों को एकजुट करने का एक प्लान तैयार किया है जिसके तहत वह अपने मिशन में जुटी हुई हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपनी मां कृष्णा पटेल की पार्टी का अपनी पार्टी में विलय को लेकर एक ऑफर दिया है जिसके तहत उन्होंने मां को मंत्री और अध्यक्ष बनाने का आफर दिया है। हालांकि दोनों परिवार को एकजुट करने में अनुप्रिया की बहन पल्लवी और उनके पति रोड़ा बन रहे हैं। बताया जा रहा है कि दोनों नहीं चाहते कि किसी तरह अनुप्रिया के ऑफर पर विचार किया जाए।

दोनों कुनबे को एक करने की कोशिश में जुटीं अनुप्रिया
केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने ''अपना दल '' के दोनों कुनबों को एक करने की कोशिशें तेज कर दी हैं। इस सिलसिले में उन्होंने अपनी मां और अपना दल (कमेरावादी) की मुखिया कृष्णा पटेल के समक्ष उनकी पार्टी का अपना दल (सोनेलाल) में विलय को ले कर कई प्रस्ताव रखे हैं। सूत्रों के मुताबिक अनुप्रिया की कोशिशों में एक पेंच उनकी बहन पल्लवी और उनके पति पंकज निरंजन की भूमिका को लेकर फंसा हुआ है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल इन दोनों को साथ रखने के पक्ष में नहीं है।
सोनेलाल पटेल की कुर्मी समुदाय में खासी पैठ थी
अनुप्रिया के पिता सोनेलाल पटेल ने 1995 में ''अपना दल" का गठन किया था। वह अपने समय के जानेमाने नेता थे और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुर्मी समुदाय में उनकी खासी पैठ थी। वर्ष 2009 में सोनेलाल पटेल के निधन के बाद पार्टी की कमान कृष्णा पटेल के हाथों में आ गई। बाद में पारिवारिक मतभेदों के कारण अनुप्रिया ने 2016 में अपनी अलग पार्टी अपना दल (सोनेलाल) बना ली। पार्टी में क़ब्ज़े की लड़ाई अदालत में भी पहुंची। विवादों के चलते कृष्णा पटेल ने भी अपना दल (कमेरावेदी) नाम से एक नई पार्टी बना ली।

छोटी बहन के जरिए की सुलह की पहल
सूत्रों के मुताबिक कुछ दिन पूर्व अनुप्रिया ने कृष्णा पटेल के मायके पक्ष के रिश्तेदारों और अपनी छोटी बहन अमन पटेल के जरिए दोनों धड़ों के बीच सुलह की पहल की है। इसके तहत उन्होंने कृष्णा पटेल के समक्ष एक विस्तृत प्रस्ताव भेजा है। सूत्रों का कहना है कि अनुप्रिया ने समझौते के लिए कृष्णा पटेल के समक्ष कई विकल्प रखे गए हैं। इनमें सबसे प्रमुख विकल्प उन्हें उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित मंत्रिमंडल विस्तार में अपना दल कोटे से मंत्री पद देने के अलावा पार्टी का आजीवन संरक्षक या राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का है।
एमएलसी का पद भी छोड़ देंगे आशीष पटेल
सूत्रों के मुताबिक अनुप्रिया ने यहां तक कहा है कि अगर कृष्णा पटेल चाहें तो उनके पति आशीष पटेल विधानपरिषद सदस्य (एमएलसी) का पद छोड़ देंगे या फिर वह अपने पसंद की किसी भी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकती हैं। अपना दल (एस) का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ गठबंधन है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार में अपना दल (एस) कोटे से अभी एक ही मंत्री है। उत्तर प्रदेश में अपना दल (एस) के नौ विधायक हैं। राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार लंबे समय से प्रतिक्षित है।












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