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मुन्ना बजरंगी को मारने में अकेला नहीं था सुनील राठी, उससे पहले 'किसी और' ने चलाई थी गोली

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      Munna Bajrangi Case : Sunil Rathi के अलावा कई और शूटरों ने की है हत्या | वनइंडिया हिंदी

      बागपत। बागपत जेल में सोमवार को मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मुन्ना बजरंगी की हत्या की जिम्मेदारी गैंगस्टर सुनील राठी ने ली है। हत्या के बाद से लगातार नए-नए खुलास हो रहे हैं तो वहीं मीडिया में भी तरह-तरह की खबरें चल रही है। ऐसी ही एक खबर इन दिनों मीडिया की सुर्खियां बनी हुई है। जिसमें कहा जा रहा है कि बागपत जेल में मुन्ना को गोली मारने में सिर्फ सुनील राठी ही नहीं था, बल्कि उसके तीन अन्य शूटर भी शामिल थे। मीडिया सूत्रों के मुताबिक एसटीएफ के सीन ऑफ क्राइम में जो सामने आया उसमें बताया गया है कि पहली गोली सुनील राठी ने नहीं बल्कि उसके इशारे पर शूटर ने चलाई थी उसके बाद सुनील राठी समेत चार लोगों ने मुन्ना बजरंगी को हंसते हुए गोली मारी थी।

      सुनील राठी के तीन गैंगस्टर थे मौजूद

      सुनील राठी के तीन गैंगस्टर थे मौजूद

      बताया ये भी जा रहा है कि जिस दौरान वारदात को अंजाम दिया गया उस वक्त वहां पर सुनील राठी नहीं बल्कि 11 बंदी खड़े थे। वारदात के बाद सुनील राठी और तीन अन्य बंदियों को छोड़कर बाकी सभी भाग गए थे। एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि सुनील राठी अकेले गोली चलाने में नहीं था बल्कि उसके साथ मारे जा चुके कुख्यात प्रमोद राठी का भाई गागनौली निवासी रवि, मुजफ्फरनगर के भौराकलां निवासी 50 हजारी हरीश का भाई आदेश, बागपत के खेकड़ा निवासी प्रशांत और सुनील राठी हत्या के समय मौका-ए-वारदात पर खड़े थे। पहली गोली सुनील राठी ने उपरोक्त तीनों में एक बदमाश से चलवाई, इसके बाद सुनील राठी ने पिस्टल शूटर से लेकर मैगजीन को खाली कर दिया।

      मुख्तार अंसारी पर फिरौती देकर हत्या कराने के आरोप

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      वहीं मुन्ना बजरंगी की हत्या के पीछे किसी सियासी हस्ती का हाथ है, इसके लेकर भी कयास लगाए जा रहे हैं। मुख्तार के प्रबल प्रतिद्वंदी अशोक सिंह का दावा है कि जेल में हत्या किसी और ने नहीं बल्कि मुख्तार अंसारी ने कराई है।अशोक सिंह ने कहा कि मुख्तार अंसारी हमेशा उन लोगों को मरवा देता है जो उनके लिए काम करते हैं। उन्होंने दलील दी है कि मुन्ना बजंरगी की राजनीतिक महत्वकांक्षा काफी बढ़ गई थी। वह गाजीपुर से लेकर बनारस तक के पूर्वांचल के ठेकों में हस्तक्षेप भी करने लगा था। इससे अंसारी की नाक के नीचे मुन्ना की पहुंच हो चली थी। उसके राजनीति में सक्रिय हो जाने के बाद तो यह दर्द और बढ़ गया था। अशोक सिंह ने कहा कि कृष्णानंद राय हत्याकांड में गवाही भी होनी थी। उन्होंने आशंका जतायी कि गवाही खिलाफ न हो जाए इस डर से ही अंसारी ने घटना को अंजाम दिलवाया होगा।

       जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर भी लगे आरोप

      जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर भी लगे आरोप

      माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के मामले में पुलिस जल्द ही पूर्व सांसद धनंजय सिंह समेत पांचों आरोपितों से पूछताछ करेगी। बता दें कि बजरंगी की पत्नी सीमा ने हत्या को लेकर कई लोगों का नाम लिया था जिसमें पूर्व सांसद धनंनजय सिंह का नाम प्रमुखता से लिया गया था। मुन्ना बजरंगी के परिजनों ने पहले ही आशंका जताई थी कि बागपत जेल में उनकी हत्या हो सकती है। 29 जून को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह ने कहा था कि जेल में उनके पति की जान को खतरा है।

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      English summary
      Sunil Rathi was not alone in killing Munna Bajrangi, his shooter had shot before him

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