दूसरे चरण के मतदान में अहम भूमिका निभाएंगे गन्ना किसान, जानिए ये दिलचस्प आंकडे़
लखनऊ, 14 फरवरी: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान आज हो रहा है। दूसरे चरण में 55 सीटों पर 586 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होना है। 9 जिलों की करीब 9 विधानसभा सीटें पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हैं। वहीं गन्ना किसानों में भुगतान में देरी को लेकर नाराजगी है। दूसरे चरण के मतदान में गन्ना किसान पार्टी उम्मीदवारों की जीत में बड़ी भूमिका निभाएंगे। दूसरे चरण में यूपी की 55 सीटों पर मतदान होना है। गन्ना किसानों का उन पर बहुत अधिक प्रभाव है और गन्ना किसानों की समस्या राज्य के मुख्य मुद्दों में शामिल है। राज्य में लगभग 23.7 लाख हेक्टेयर भूमि पर गन्ने की खेती की जाती है। यूपी में गन्ने की खेती किसानी से लगभग 35 लाख किसान जुड़े हुए हैं। एक दिलचस्प आंकड़ा यह भी है कि दूसरे चरण में जिस भी दल ने बाजी मारी उसी की सरकार बनी।

यूपी में 55 सीटों पर आज हो रहा मतदान
वहीं, राज्य की 55 सीटों पर 14 फरवरी को मतदान हो रहा है। जिसमें पश्चिमी यूपी के सहारनपुर, बिजनौर, अमरोहा, संभल, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, बदायूं और शाहजहांपुर शामिल हैं. इन सभी सीटों पर मुस्लिम और दलित वोटरों के साथ-साथ गन्ना किसानों का भी खासा प्रभाव है। पहले चरण की तुलना में दूसरा चरण अधिक महत्वपूर्ण है। बरेली जिले में करीब 70 फीसदी गन्ना किसान हैं, जबकि मुरादाबाद में 60 फीसदी, बदायूं 40, बिजनौर में 50 फीसदी से ज्यादा, रामपुर में करीब 45 फीसदी नकदी फसल उगाई जाती है।

दूसरे चरण में गन्ना किसान होंगे अहम
जिला प्रशासन और स्थानीय किसानों से प्राप्त जानकारी के अनुसार अन्य जिलों की तुलना में संभल में 35 प्रतिशत, सहारनपुर और अमरोहा में 65 और 60 प्रतिशत और शाहजहांपुर में 35 प्रतिशत गन्ना किसान नकदी फसल उगाते हैं। दूसरे चरण के मतदान में मुस्लिम और दलित मतदाताओं के साथ-साथ गन्ना किसानों की भी अहम भूमिका होगी। जिन सीटों पर 14 फरवरी को मतदान होना है, उनमें निजामाबाद, नगीना, बरहापुर, धामपुर, नेहटौर, बेहट, नकुड़, सहारनपुर नगर, सहारनपुर, ठाकुरद्वारा, मुरादाबाद ग्रामीण, मुरादाबाद नगर, बिजनौर, चांदपुर, बिठारी, चेनपुर, बरेली शामिल हैं. बरेली। कैंट, नूरपुर, अमरोहा समेत कई अन्य स्थान शामिल हैं।

गन्ना किसानों की सरकार से नाराजगी डालेगी असर
दूसरे चरण में 55 सीटों पर करीब 586 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होना है। 9 जिलों की करीब 9 विधानसभा सीटें पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हैं। वहीं गन्ना किसानों में भुगतान में देरी को लेकर नाराजगी है। किसानों का कहना है कि सरकार को बकाया भुगतान के बाद फसल की कीमतों में भी वृद्धि करनी चाहिए। 14 फरवरी को होने वाले मतदान में गन्ना किसान 586 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे।

सरकार उसी की बनी जिसने दूसरे चरण में मारी बाजी
यूपी में इन 55 विधानसभा सीटों पर हुए पिछले चुनावों के आंकड़ों पर गौर करें तो सरकार उसी पार्टी की बनी। 2007 के विधानसभा चुनाव में यहां की 55 में से 35 सीटें जीतकर मायावती उत्तर प्रदेश की CM बनी थीं। 2012 में अखिलेश यादव ने यहां 40 सीटों पर जीत हासिल की और UP के सीएम बने। 2017 में भाजपा ने 37 पर जीत दर्ज की तो योगी की बतौर सीएम ताजपोशी हुई। पश्चिमी यूपी और रुहेलखंड क्षेत्र की जिन 55 सीटों पर मतदान हो रहे हैं, उनमें से 37 अभी भाजपा के पास हैं। जबकि 16 सपा और 2 कांग्रेस के पास हैं। बसपा यहां 2017 में अपना खाता भी नहीं खोल सकी थी। अब भाजपा के सामने इन 37 सीटों को बचाने की चुनौती है। जबकि सपा 2012 का प्रदर्शन दोहराने के लिए पूरी ताकत लगाए हुए हैं।

कांग्रेस को पिछले चनुाव में मिली थी सिर्फ दो ही सीटें
पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को इस क्षेत्र में 55 में से 2 सीटें मिली थीं। सहारनपुर देहात से कांग्रेस के मसूद अख्तर और बेहट सीट से कांग्रेस के नरेश सैनी चुनाव जीतकर विधायक बने थे। लेकिन ये दोनों ही कांग्रेस छोड़ गए। नरेश सैनी ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा ज्वाइन कर ली और अब भाजपा के सिंबल पर बेहट से ही चुनाव मैदान में हैं। जातीय समीकरणों की बात करें तो मौजूदा 55 विधायकों में सबसे अधिक 12 मुस्लिम विधायक हैं। इनमें 11 सपा और एक कांग्रेस विधायक है।

मुस्लिम वोटर की होगी अहम भूमिका
55 सीटों में से सात सीट ऐसी हैं, जहां प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला मुस्लिम मतदाताओं के हाथ में होगा। इन सात सीटों में आजम खां की रामपुर शहर सीट पर सबसे अधिक 60 फीसदी मुस्लिम वोटर हैं। 55 फीसदी मुस्लिम वोटरों वाली सीटों में मुरादाबाद और सहारनपुर जिले की भी दो- दो सीटें शामिल हैं। 7 सीटों पर मुस्लिम मतदाता 55 प्रतिशत हैं। इसके अलावा करीब 20 सीटें ऐसी हैं जहां मुस्लिम मतदाताओं की संख्या 35 से 40 फीसदी तक है। यानी कह सकते हैं कि इन सीटों पर भी मुस्लिम वोटर रिजल्ट तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।












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