CBSE बोर्ड के खिलाफ देशभर में छात्र-छात्राओं का हल्ला बोल, कहा 'नहीं देगें री-टेस्ट'

कानपुर। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) 10वीं के गणित व 12वीं के अर्थशास्त्र के पेपर लीक होने के मामले में देश के दसवीं और बारहवीं के छात्र-छात्राए सड़कों पर विरोध जताने उतर आए है। इस दौरान कुछ छात्रओं ने सीबीएसई बोर्ड के चेयरमैन के इस्तीफे तक की मांग कर डाली। छात्रों का कहना है कि उन्हें अब आगे अपने सब्जेक्ट्स चुनने हैं। वहीं बारहवीं के छात्र छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओ की तैयारी करनी हैं, लेकिन अब वो फिर से री-टेस्ट की तैयारी करेगें। छात्र-छात्राओं ने दोबारा परीक्षा देने से इनकार करते हुए कहा कि पेपर दिल्ली में लीक हुआ तो उसका खामियाजा पूरे देश के बच्चे क्यों भुगतें।

students take to roads to protest CBSE retest

बीते दिनों दिल्ली में सीबीएसई परीक्षा के दसवीं और बारहवीं के प्रश्न पत्र लीक होने के बाद सीबीएसई बोर्ड ने दोनों परीक्षाए दोबारा कराने के फैसले को लेकर पूरे देश के छात्र-छात्राओं में उबाल आ गया है। आक्रोशित छात्र छात्राओं का कहना है कि चन्द लोगों की गल्ती की सजा पूरे देश के लाखों बच्चे क्यों भुगते। सीबीएसई बोर्ड को परीक्षा होने के पहले जब पेपर लीक की जानकारी हो गई थी तो प्रश्न पत्र का सेट बदल देते। लेकिन उन्होंने ऐसा न करके दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया जो छात्र छात्राओं के हित में नहीं है।

दसवीं के छात्र जहां परीक्षा खत्म होने के बाद ग्यारहवीं में आर्ट, साइंस या कॉमर्स विषय चुनने को परेशान थे वहीं बारहवीं के छात्र छात्राए परीक्षा के बाद आगे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे थे। लेकिन अब री-टेस्ट होने के फैसले से हमारा भविष्य खराब होने की डर है। छात्र छात्राओं को सबसे बड़ी परेशानी ये है कि वो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करें या री-टेस्ट की। छात्र छात्राओं ने कानपुर के मोतीझील पर सड़क जाम करके अपनी मांगें रखी लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं था।

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