महिलाओं का विशेष सत्र: जब बोलीं अनुपमा जायसवाल-'मुझे आवाज उठाने दो', तो तालियों से गूंज उठा सदन

लखनऊ, 23 सितंबर। गुरुवार को विधानसभा में अनोखा नजारा देखने को मिला, दरअसल यहां पर महिलाओं के लिए विशेष सत्र रखा गया था, जिसमें पक्ष और विपक्ष की महिला विधायकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिसकी सराहना करते हुए विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि 'महिलाओं को हर मुद्दे पर खुलकर बोलने की, अपना पक्ष रखने की पूरी स्वतंत्रता है। सभी महिलाएं खुद को सिर्फ एक दिन की चर्चा तक ही सीमित न रखें, वो हर मुद्दे पर प्रश्न कर सकती हैं और खुलकर अपने विचार रख सकती हैं।' उन्होंने कहा कि 'महिला सदस्यों से कराई गई विशेष चर्चा को पूरे देश ने देखा है और जल्द ही इसके सार्थक परिणाम हमें देखने को मिलेंगे।'

"पुरुष, थोड़ा धीरज रखें''

"पुरुष, थोड़ा धीरज रखें'', यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना को गुरुवार को सदन के पुरुष सदस्यों को लगातार याद दिलाना पड़ रहा था क्योंकि वे अक्सर महिला विधायकों की ओर से बोलने की कोशिश कर रहे थे या उन्हें यह बताने की कोशिश करते थे कि क्या करना है और क्या बोलना है।

"बोलो, बोलो" के साथ हुई थी सदन की शुरुआत

सदन की शुरुआत तो पुरुष सदस्यों ने अपनी महिला सहयोगियों को "बोलो, बोलो" के साथ हुई लेकिन देखते ही देखते महिलाओं की सारी झिझक दूर हो गई और फिर किसी को उन्हें निर्देश देने की जरूरत ही नहीं पड़ी।

डेस्क को थपथपाकर उत्साह वर्घन किया

डेस्क को थपथपाकर उत्साह वर्घन किया

जैसे-जैसे सत्र आगे बढ़ा, पुरुषों ने भी अपनी महिला सहयोगियों के भाषण की सराहना की और डेस्क को थपथपाकर उनका उत्साह वर्घन भी किया। यही नहीं बहुत सारे लोग तो महिलाओं की स्पीच से काफी प्रभावित भी नजर आए।

'मुझे आवाज उठाने दो, हाशिये से उठकर मुख्य पटल पर आने दो'

बहराइच से भाजपा विधायक अनुपमा जायसवाल ने शायरी के माध्यम से जब कहा कि 'मुझे आवाज उठाने दो, हाशिये से उठकर मुख्य पटल पर आने दो, आखिर कितनी परीक्षाएं लोगे, मुझे भी आजमाने दो' तो पूरा सदन तालियों से गूंज उठा।

 'महिला सफलता में पीछे नहीं, साथ खड़ी दिखनी चाहिए'

'महिला सफलता में पीछे नहीं, साथ खड़ी दिखनी चाहिए'

महिला विधायकों की हौसला अफजाई करते हुए सतीश महाना ने कहा कि 'अब तक यह कहा जाता था कि महिलाएं सदन में नहीं बोलती हैं, लेकिन प्रदेश की महिला सदस्यों ने इस मिथक को तोड़ दिया है।सभी को खुलकर अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार है। अक्सर कहा जाता है कि हर सफल पुरुष के पीछे एक महिला का हाथ है, हमें इसे बदलना है। महिला सफलता में पीछे नहीं, साथ खड़ी दिखनी चाहिए।'

38 महिला विधायकों ने चर्चा में हिस्सा लिया

आपको बता दें कि विधानसभा की विशेष चर्चा में विभिन्न दलों की 38 महिला विधायकों ने भाग लिया, जिसमें बीजेपी की 24, सपा की 10, अपनादल (एस) की तीन, कांग्रेस की एक महिला विधायक शामिल हैं।

सदन में हुई नई शुरुआत

सतीश महाना ने कहा कि 'इस विशेष सत्र को आयोजित करने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की तो उन्होंने सहमति जताई, आपको बता दें इससे पहले कभी भी सदन में ऐसा नहीं हुआ था।'

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