BJP के हर घर तिरंगा अभियान को 'देश बचाओ, देश बनाओ' यात्रा के जरिए काउंटर करेगी SP
लखनऊ, 09 अगस्त: उत्तर प्रदेश में एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी पूरे प्रदेश में आज से हर घर तिरंगा अभियान शुरू कर रही है वहीं दूसरी ओर मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने भी आज से देश बचाओ देश बनाओ यात्रा का आगाज कर दिया है। दरअसल असल सपा के मुखिया अखिलेश यादव बीजेपी के हर घर तिरंगा अभियान को काउंटर करना चाहते हैं। सपा को पता है कि बीजेपी के इस अभियान के पीछे का मकसद ही कुछ और है। लिहाजा अब सपा ने आज से अपनी यात्रा का शुभारंभ कर दिया है। हालांकि यह यात्रा एसबीएसपी के चीफ ओम प्रकाश राजभर के गढ़ से होकर गुजरेगी।

गाजीपुर से देश बनाओ, देश बचाओ यात्रा की शुरूआत
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज अलग अलग जगहों पर पार्टी के कार्यक्रमों में व्यस्त रहे। समाजवादी पार्टी की देश बचाओ देश बनाओ यात्रा का शुभारंभ आज गाजीपुर से किया गया। इस यात्रा के बहाने समाजवादी पार्टी अपनी जमीन टटोलने का प्रयास करेगी क्योंकि उनके मुख्य सहयोगी ओम प्रकाश राजभर अब उनसे अलग हो चुके हैं। अखिलेश को पता है कि अगले आम चुनाव में यदि बीजेपी को टक्कर देना है तो ठोस रणनीति के तहत ही आगे बढ़ना होगा।

भाजपा के हर घर तिरंगा के काउंटर की तैयारी
समाजवादी पार्टी का यह सफर ऐसे समय निकाला जा रहा है, जब बीजेपी पूरे राज्य में हर घर में तिरंगा फहराने में लगी हुई है। भाजपा भी 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत साथ ही लोगों तक पहुंचेगी। बीजेपी ने पूरे उत्तर प्रदेश में 15 करोड़ परिवारों के घरों पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य रखा है। उत्तर प्रदेश में बीजेपी और समाजवादी पार्टी का प्रचार एक साथ चलेगा। राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो सपा ने इस यात्रा का आयोजन भाजपा के महाअभियान का मुकाबला करने के लिए ही किया है।

पूर्वांचल में सपा ने बीजेपी को नुकसान पहुंचाया था
उत्तर प्रदेश में तीन महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने ओम प्रकाश राजभर के साथ मिलकर पूर्वांचल में बीजेपी को कड़ी टक्कर दी थी। दिलचस्प बात यह भी है कि समाजवादी पार्टी ने अपना सफर इसी जगह से शुरू किया है जहां चुनाव में बीजेपी का खाता भी नहीं खुला था। इसके अलावा जिन जिलों से होकर समाजवादी पार्टी का सफर गुजरेगा, वहां वाराणसी ही एक ऐसा जिला है जहां बीजेपी ने सभी विधानसभा सीटों पर कब्जा जमाया था। सपा ने अपने सफर में पूर्वांचल के सिर्फ उन्हीं जिलों को चुना है जहां संगठन मजबूत है।

विधानसभा चुनाव के बाद सपा का यह पहला बड़ा कार्यक्रम
दरअसल, विधानसभा चुनाव के दौरान अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। समाजवादी पार्टी को राजभर से काफी समर्थन मिला था, जिससे बीजेपी को काफी नुकसान हुआ था। चुनाव के बाद चीजें बदल गई हैं। राजभर अब भाजपा के और करीब आ गया है, इसलिए इस दौरे के बहाने समाजवादी पार्टी अपनी ताकत को थाह लेना चाहती है। समाजवादी पार्टी यह भी चाहती है कि राजभर को अपनी शक्ति का एहसास हो कि भाजपा के साथ जाने से सपा पर कोई असर नहीं पड़ेगा।












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