UP: उपचुनाव से पहले एक मंच पर आए सपा-बसपा-कांग्रेस, BJP को हराने की तैयारी?
इलाहाबाद। यूपी में उपचुनाव होना है। उपचुनाव में विपक्ष भाजपा के लिये कैसी मुश्किल खड़ी करेगा उस रणनीति का एक नजारा इलाहाबाद में गुरुवार को देखने को मिला। यहां शियाट्स यूनिवर्सिटी के मामले के बहाने सपा-बसपा-कांग्रेस के कद्दावर नेता एक मंच पर नजर आए। इनकी सामूहिक प्रेस कांफ्रेंस हुई। तीनों दलों के नेताओ ने भाजपा पर निशाना साधा। हालांकि उपचुनाव में गठबंधन के सवाल पर तीनों दल के नेताओ ने इसे शीर्ष नेतृत्व का मुद्दा बताकर अपना पल्ला झाड़ लिया। हालांकि तीनों दलों के नेताओ के बीच दिख रहे सामंजस्य से रणनीति की झलक साफ नजर आती रही।

दरअसल इलाहाबाद की फूलपुर लोकसभा सीट से यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य सांसद हैं। वह अब एमएलसी भी बन चुके हैं। ऐसे में सांसद पद से उन्हे इस्तीफा देना होगा। जिसके बाद फूलपुर लोकसभा में उपचुनाव होगा। इस उप चुनाव में विपक्ष एकजुट होकर भाजपा को अपनी ताकत का एहसास दिलाएगा। क्योंकि उपचुनाव के बाद लोकसभा चुनाव की तारीखे जल्द ही आ जाएंगी और फिर एकजुटता का फायदा मुख्य चुनाव में विपक्ष उठाकर सत्ता में लौटने का प्रयास करेगा। ये भी बढ़ें- ये है इस्तीफे के बाद मायावती का मास्टर प्लान, योगी आदित्यनाथ की बढ़ी टेंशन
क्यों दिखे एकजुट
इलाहाबाद के नैनी स्थिति शियाट्स यूनिवर्सिटी में करोड़ो का घोटाला हुआ है। इस मामले में शियाट्स के अधिकारी भी फंसे हैं। चूंकि शियाट्स यूनिवर्सिटी का संचालन ईसाई मशीनरी द्वारा किया जाता है। इसलिये विपक्ष इस घोटाले को अल्पसंख्यक उत्पीड़न बताकर राजनैतिक मुद्दा बना रहा है। विपक्ष का आरोप है कि आरएसएस और भाजपा उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के इशारे पर संस्था को खत्म करना चाहती है। इसलिये इसमे शियाट्स प्रशासन को फंसाया गया है। एकजुट विपक्ष ने मामले में सीबीआई जांच की मांग की है।
क्या बोले नेता
सपा नेता लल्लन राय ने कहा कि डिप्टी सीएम कुलपति और कालेज के लोगों को फंसा रहे हैं। घोटाले में बैंक के अफसरों की गलती है। बसपा के शहर अध्यक्ष चौधरी सईद अहमद ने कहाकि सरकार अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों को निशाना बना रही है। वहींकांग्रेस के शहर अध्यक्ष उपेंद्र सिंह ने कहा कि शियाट्स में धर्म परिवर्तन जैसी भी कोई चीज नहीं होती। यह सब संस्था को खत्म करने की साजिश है। जबकि बसपा के पूर्व विधायक राजबली जैसल, सपा के विनोद चंद्र दुबे, कांग्रेस के किशोर वार्ष्णेय ने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यक संस्थानों को बदनाम किया जा रहा है। ये भी पढ़ें- BSP से गठबंधन को लेकर मुलायम सिंह यादव ने दिया बड़ा बयान
यह भी जानें
इस घोटाले में बैंक अधिकारी व शियाट्स प्रशासन के लोग गिरफ्तार हो चुके हैं और काफी दिनों से कार्रवाई चल रही है। लेकिन डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का नाम इस प्रकरण में अब सामने आना पुरानी बातों को फिर से जिंदा कर रहा है। दरअसल जब केशव मौर्य सिराथू से विधायक थे। तब इलाहाबाद में ईसाई मशीनरी द्वारा चंगाई कार्यक्रम का आयोजन किया था। इसका संयोजन शियाट्स हेड आरबी लाल द्वारा किया गया था। उस वक्त केशव मौर्य ने इस कार्यक्रम को धर्मांतरण करने वाला कार्यक्रम बताकर आंदोलन छेड़ दिया था। केशव और उनके समर्थकों पर पुलिस ने लाठियां भांजी और जेल भेज दिया था। यही से केशव को इलाहाबाद में एक नई पहचान भी मिली थी। इसी घटना को लेकर अब विपक्ष ने आरोप शुरू कर दिए कि सत्ता में आने पर केशव के इशारे पर ही यही कार्रवाई हो रही है।
विवादों में रहा है शियाट्स
शियाट्स यूनिवर्सिटी कृषि क्षेत्र में कई अनुसंधान के लिये चर्चित रही। लेकिन विवादों से इसका गहरा नाता रहा है। कालेज में बवाल के साथ धर्म परिवर्तन को लेकर कई बार सड़क पर प्रदर्शन हुआ। आरबी लाल पर हमेशा से आरोप लगते रहे कि शियाट्स में धर्मांतरण कराया जाता है। पिछले साल बाहुबली अतीक अहमद की यहीं पर गुंडई के बाद बुरे दिन शुरू हो गये थे और उन्हे जेल जाना पड़ा था। जबकि कालेज में राष्ट्रगीत गाये जाने की मांग पर एक स्टूडेंट को कालेज से निकाल दिया गया था। अब ताजा प्रकरण में शियाट्स यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा 22 करोड़ से अधिक का घोटाला सामने आया। जिसमे एक्सिस बैंक के अधिकारी भी शामिल हैं। अब इसी मामले को लेकर विपक्ष ने एक मंच पर आकर आंदोलन की चेतावनी दी है। ये भी पढ़ें- ट्विटर पर भिड़े केशव प्रसाद मौर्य और अखिलेश यादव












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