50 से 500 रुपए में लड़कियों के नंबर बेचते हैं 'रिचार्ज वाले भैया', जानिए कैसे फिक्स होता है रेट
मोबाइल रिजार्च की दुकानों से लड़कियों के फोन नंबर खरीद कर उनका गलत इस्तमाल किया जाता है। लड़कियों के नंबर पर फोन कर मनचले उन्हें परेशान करते हैं।
लखनऊ। मोबाइल रिचार्ज शॉप पर रिचार्ज कूपन बेचे जाते हैं या फिर मोबाइल से जुड़े एसेसरीज। लेकिन यूपी में इन मोबाइल रिचार्ज की दुकानों का एक ऐसा काला करोबार सामने आया है जिसे जानने के बाद आपके रौंगटे खड़े हो जाएंगे। यहां रिचार्ज की दुकानों पर लड़कियों के मोबाइल नंबर बेचे जा रहे हैं। इसके लिए दुकानदार मनचलों से 50 रुपये से लेकर 500 रुपये तक वसूल रहे हैं। हिंदुस्तान टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक यह धंधा उत्तर प्रदेश के कई शहरों में धड़ल्ले से चल रहा है।
अखबार के मुताबिक मोबाइल रिजार्च की दुकानों से लड़कियों के फोन नंबर खरीद कर उनका गलत इस्तमाल किया जाता है। लड़कियों के नंबर पर फोन कर मनचले उन्हें परेशान करते हैं। जानकारी के मुताबिक लड़कियों के पास जो भी फोन आते हैं उसमें अधिकतर पुरुष दोस्ती से बातें शुरु करते हैं। जैसे ''आपकी आवाज बहुत अच्छी है, क्या हम दोस्त बन सकते हैं''। करें ऑनलाइन रिचार्ज और अपनी पहचान सुरक्षित रखें- http://recharge.oneindia.com/

कैसे तय होती है लड़कियों के नंबर की कीमत
नंबरों की यह कीमत लड़कियों के लुक्स पर निर्भर करती है। जैसे लड़की जितनी खूबसूरत, उसका मोबाइल नंबर उतना महंगा। साधारण लुक वाली लड़की का मोबाइल नंबर महज 50 रुपए में मिल रहा है और जबकि लड़की खूबसूरत हो तो उसका मोबाइल नंबर 500 रुपए में मिल रहे हैं।

केसे पाते हैं नंबर
आपने अकसर देखा होगा कि अगर किसी रिचार्ज शॉप पर मोबाइल रिचार्ज कराने जाओ तो वो एक रजिस्टर देता है और उसमें नंबर लिखने को कहता है। नंबर लिखने के बाद वो उसके सामने उतनी राशि लिखता है जितने का मोबाइल रिचार्ज करना होता है। जब कोई लड़की अपना नंबर उस रजिस्टर में नोट करती है तो मनचले दुकानदार उस नंबर को अंडरलाइन कर लेते हैं जिससे पता चल सके कि यह लड़की का नंबर है। उसके बाद शुरु होता है नंबर बेचने का सिलसिला।

कैसे हुआ खुलासा
दरअसल इस रैकेट का भंडाफोड़ तब सामने आया जब महिला हेल्प लाइन 1090 पर इस तरह की शिकायतों की बाढ़ सी आ गई। इस नंबर पर पिछले 4 साल में इस नंबर पर 6 लाख से ज्यादा उत्पीडन की शिकायतें दर्ज हुई हैं। इनमें 90 प्रतिशत शिकायतें महिलाओं के साथ फोन पर उत्पीड़न की थी।

क्या कहते हैं नवनीत सिकेरा
हैरान करने वाली बात ये है कि महिलाओं के नंबर बेचने और खरीदने वाले लोगों में किसी को भी अभी तक जेल नहीं भेजा जा सका है। यूपी में वुमेन हेल्पलाइन (1090) के फाउंडर आईजी नवनीत सिकेरा ने बताया कि इस तरह के कृत्य पर कोई क्राइम नहीं बनेगा। उन्होंने बताया कि हमने तीन ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया है जिन्होंने फेक आई पर सिमकार्ड बेचे हैं।












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