पार्टी का तेवर और कलेवर बदलने में जुटे शिवपाल, सपा को कमजोर करने के लिए चलेंगे ये दांव
लखनऊ, 6 मई: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव सम्पन्न होने के बाद प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (PSP) और समाजवादी पार्टी के चीफ अखिलेश यादव के बीच जमकर जुबानी जंग चल रही है। एक तरफ जहां शिवपाल भतीजे को विधायकी समाप्त करने की चुनौती दे रहे हैं वहीं दूसरी ओर अखिलेश भी शिवपाल की पैतरेंबाजी से सतर्क हैं। इन सियासी उठापटक के बीच शिवपाल ने एक बार फिर संगठन को दुरुस्त करने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए उन्होंने पार्टी की कोर कमेटी की बैठक बुलाई थी जिसमें उन्हों कहा कि एक सप्ताह के भीतर प्रसपा की नई राज्य कार्यकारिणी का गठन कर लिया जाएगा।

एक सप्ताह के भीतर होगा कार्यकारिणी का गठन
एक सप्ताह के भीतर प्रसपा की राज्य कार्यकारिणी का गठन कर दिया जाएगा। विधानसभा चुनाव के बाद, पीएसपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी को छोड़कर अन्य सभी समितियों को भंग कर दिया गया था। पार्टी नेता शिवपाल सिंह यादव ने जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की तो उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन अब इन अटकलों पर विराम लग गया है। शिवपाल अब आजम खां को अपने साथ लाकर अखिलेश को उनके ही गढ़ में जवाब देने की कोशिश में जुटे हैं। हालांकि आजम को भी राजनीति का माहिर खिलाड़ी माना जाता है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या वो शिवपाल की बात मानेंगे या कोई अलग रास्ता अख्तियार करेंगे।

सपा की कमियां गिनाएगी प्रसपा
प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) जल्द ही एक नए मूड और रंग में दिखाई देगी। पार्टी के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। वहीं एसपी के मामले में चुप रहने वाली प्रस्पा उन पर हमला करने से पीछे नहीं हटेगी। प्रसपा लोगों को यह भी बताएगी कि कैसे सपा अपने मूल रास्ते से भटक गई है। जिला, तहसील एवं प्रखंडवार प्रशिक्षण शिविर आयोजित किये जायेंगे। इसमें कार्यकर्ताओं को समाजवाद की अवधारणा से अवगत कराया जाएगा और बताया जाएगा कि डॉ. लोहिया के सपनों को लेकर प्रस्पा कैसे आगे बढ़ेगी।

चुनाव के बाद शिवपाल ने सभी समितियों को किया था भंग
विधानसभा चुनाव के बाद, पीएसपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी को छोड़कर अन्य सभी समितियों को भंग कर दिया गया था। पार्टी नेता शिवपाल सिंह यादव ने जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की तो उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन अब इन अटकलों पर विराम लग गया है. वहीं उम्मीद है कि गुरुवार को नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर कोर कमेटी चर्चा करेगी और दो-तीन दिन में अध्यक्ष के नाम पर मुहर लग जाएगी। मई में प्रदेश कमेटी व फ्रंटल संगठन बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद जिलेवार अभियान चलेगा।

मुलायम पर हमला बोलकर शिवपाल ने बताए अपने इरादे
दरअसल, पिछले हफ्ते आजम खान के बहाने शिवपाल सिंह ने एसपी संरक्षक मुलायम सिंह यादव पर हमला कर अपनी मंशा जाहिर कर दी है। शिवपाल ने कहा कि एसपी को जीरो से पीक पर ले जाया गया है। शिवपाल और उनके साथियों का पार्टी में खून-पसीना हो गया है, जिसका कुछ लोग विरोध कर रहे हैं। अब उसी तर्ज पर प्रस्पा भी शिखर पर पहुंच सकेगी। भाजपा में शामिल होने की चर्चा के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनका एक ही मकसद है कि पीएसपी सक्रिय भूमिका में वापस आए।












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