यूपी के सीएम के तगड़े दावेदार के तौर पर उभरा एक अनजाना चेहरा
सुरेश कुमार खन्ना का कहना है कि हमने कभी भी जो़तोड़ और सट्टे की राजनीति नही की है। इससे पहले उनको जब भी पार्टी ने जो भी जिम्मेदारी दी उन्होंने इमानदारी से पालन किया।
शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश मे हुए विधानसभा चुनाव मे बीजेपी को प्रचंड बहुत मिलने के बाद अब जनता को इंतजार है कि आखिर यूपी का मुख्यमंत्री कौन होगा। ऐसा ही एक चेहरा यूपी के शाहजहांपुर का है जिसने बीजेपी के टिकट पर लगातार आठवीं बार जीत दर्ज की है। इस वक्त पार्टी के पदाधिकारियों और जनता मे भी इसी बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी विधानमंडल दल के नेता सुरेश कुमार खन्ना को दी जा सकती है।

हालांकि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा ये आने वाली 16 तारीख को साफ हो पाएगा। वहीं बीजेपी विधानमंडल दल के नेता एंव संभावित मुख्यमंत्री सुरेश कुमार खन्ना से जब सवाल किया कि अगर उनको मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी दी जाती है तो क्या वह जिम्मेदारी निभाने को तैयार हैं। तो उनका कहना था कि ये काल्पनिक सवाल है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कौन होगा ये संसदीय बोर्ड तय करता है उन्हें जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी वह उसे निभाने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बनते ही प्रदेश की जनता को तीन महीने के अंदर प्रदेश में बदलाव दिखने लगेगा। इसे भी पढ़ें- गोवा में पर्रिकर को CM बनाने खिलाफ कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में दी याचिका
बीजेपी विधानमंडल दल नेता सुरेश कुमार खन्ना का कहना है कि पिछले 15 सालों में उत्तर प्रदेश मे सरकार नाम की कोई चीज ही नहीं थी। सरकारी पैसों का दुरूपयोग, भ्रष्टाचार कानून की धज्जियां उड़ाने का अभी तक काम चलता रहा। लेकिन प्रदेश की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अच्छी सरकार देने का भरोसा दिखाया। केंद्र मे सरकार बनने के तीन साल के बाद ही जनता ने प्रदेश मे 325 सीटें दिला कर विकास का रास्ता चुन लिया।
सुरेश कुमार खन्ना का कहना है कि हमने कभी भी जो़तोड़ और सट्टे की राजनीति नही की है। इससे पहले उनको जब भी पार्टी ने जो भी जिम्मेदारी दी उन्होंने इमानदारी से पालन किया। इस बार भी अगर उनको जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी उसको वो पूरी निष्ठा के साथ निभाएंगे जिस स्तर का पद और जिम्मेदारी दारी जाएगी उसका उसी स्तर से पालन करेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री के सवाल पर उनका कहना है कि ये अभी काल्पनिक बात है मुख्यमंत्री बनाने का फैसला संसदीय बोर्ड करता है, संसदीय बोर्ड का जो भी फैसला होगा उसको वह पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाएंगे।












Click it and Unblock the Notifications