Samajwadi Party ने शुरू की मिशन 2024 की तैयारी, BJP को उसी की रणनीति से काउंटर करने की तैयारी

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के चीफ अखिलेश यादव ने बीजेपी को उसी की रणनीति से मात देने की कवायद शुरू कर दी है। अखिलेश इस समय बूथ समितियों को मजबूत करने में जुटे हुए हैं।

अखिलेश यादव

Samajwadi Party Chief Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने अब 2024 को लेकर अपनी तैयारियों को अमली जामा पहनाने की कवायद शुरू कर दी है। अखिलेश ने भी अब बीजेपी को उसी के रणनीति के तहत काउंटर करने की कोशिश की है। अखिलेश ने रविवार और सोमवार को जिलाध्यक्षों और बूथस्तर की कमिटियों का ऐलान किया था। दरअसल बीजेपी बहुत पहले से बूथ स्तर पर पन्ना प्रमुखों की रणनीति अपना रही है। इसी तरह अब सपा ने भी बूथ को मजबूत करने पर काम शुरू किया है।

बीजेपी को काउंटर करने की तैयारी

अखिलेश यादव ने कहा था कि आगामी चुनावों में राज्य में भाजपा को हराने के लिए पार्टी के पास एक मजबूत बूथ-स्तरीय संगठनात्मक ढांचा होना चाहिए। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) बूथ स्तर पर अपनी मौजूदगी मजबूत करने में जुटी है। इसके लिए राज्य के सभी 80 लोकसभा क्षेत्रों में हर बूथ के लिए समितियां बनाने का फैसला किया है।

यूपी में सपा ने की प्रभारियों की घोषणा

रविवार और सोमवार को, पार्टी ने 47 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए प्रभारियों की पहली सूची की घोषणा की। पार्टी की बूथ कमेटियों के गठन की जिम्मेदारी प्रभारियों की होगी। शेष 33 निर्वाचन क्षेत्रों के बारे में घोषणा जल्द होने की उम्मीद है। 47 निर्वाचन क्षेत्रों में रायबरेली और अमेठी भी हैं। अब तक इन दो सीटों पर सपा अपने उम्मीदवार खड़े नहीं कर रही थी लेकिन इस बार अखिलेश यादव ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। हाल ही में अमेठी के दौरे के समय अखिलेश ने इसके संकेत भी दिए थे।

पांच जून तक बन जाएंगी बूथ कमेटियां

अखिलेश यादव का दावा है कि 5 जून तक बूथ कमेटियों के गठन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने रविवार को कहा था कि यूपी की सभी 80 लोकसभा क्षेत्रों के सभी बूथों पर सपा बूथ समितियां होंगी। अखिलेश के इस ऐलान के कुछ ही घंटों के भीतर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने 32 लोकसभा क्षेत्रों में बूथ समिति गठन के लिए प्रभारियों की सूची जारी की थी। अनुभव रखने वाले और सांगठनिक क्षमता वाले कुछ गिने-चुने लोगों को ही यह जिम्मेदारी दी जा रही है।

इन नेताओं को बनाया गया प्रभारी

विधायक व पूर्व मंत्री अवधेश प्रसाद को अयोध्या (फैजाबाद) का प्रभारी बनाया गया है। विधायक व पूर्व मंत्री रामाचल राजभर को अंबेडकरनगर, घोसी, गाजीपुर व बलिया का प्रभार दिया गया है जबकि विधायक और पूर्व मंत्री लालजी वर्मा को आजमगढ़, लालगंज, मछलीशहर, और जौनपुर, विधायक और पूर्व मंत्री राम मूर्ति वर्मा श्रावस्ती और गोंडा, पूर्व मंत्री राम प्रसाद चौधरी बस्ती, पूर्व सांसद राजा राम पाल झांसी, जालौन, हमीरपुर, कानपुर और अकबरपुर रनिया, पूर्व मंत्री रामजी लाल सुमन को आगरा, हाथरस और फतेहपुर सीकरी, पूर्व सांसद अनु टंडन को उन्नाव, पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक मुजफ्फरनगर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

कोलकाता में हुई कार्यकारिणी में बनी थी रणनीति

दरअसल 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले अनु टंडन और हरेंद्र मलिक कांग्रेस छोड़कर सपा में शामिल हो गए थे। रामअचल राजभर और लालजी वर्मा ने भी बसपा छोड़कर सपा का दामन थाम लिया था। इस बीच प्रभारियों के अलावा सपा ने 31 जिलों के जिलाध्यक्षों की घोषणा भी कर दी है। हाल ही में कोलकाता में हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में बूथ कमेटियां बनाने की योजना बनाई गई थी।

जिन 32 सीटों पर बनाए गए प्रभारी वहां से लड़ेगी सपा

अखिलेश ने बार-बार कहा है कि उनकी पार्टी सभी 80 लोकसभा चुनाव अपने छोटे-छोटे दलों के साथ मिलकर ही चुनाव लड़ेगी। वह कांग्रेस या बसपा के साथ गठबंधन नहीं करेगी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, रविवार को जिन 32 सीटों के लिए प्रभारियों की घोषणा की गई उन पर सिर्फ सपा के उम्मीदवार ही चुनाव लड़ेंगे। नए सदस्य के साथ, पार्टी के पास अब 38 जिलों में जिलाध्यक्ष हैं, जो बूथ समितियों के निर्वाचन क्षेत्र प्रभारियों के साथ समन्वय में काम करेंगे। पार्टी सूत्रों ने बताया कि इनमें से कुछ प्रभारी उन सीटों पर पार्टी के उम्मीदवार भी बन सकते हैं।

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