'अपनी हद न लांघे...', अफजाल अंसारी के बयान पर काशी के संत नाराज, स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने दी नसीहत
गाजीपुर लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी द्वारा दिए गए बयान के बाद घमासान मचा हुआ है। बयान सामने आने के बाद काशी के संतों द्वारा भी अफजाल अंसारी के बयान पर नाराजगी जाहिर की गई है। संतों ने नसीहत दी कि अफजाल अंसारी अपने हद में रहें।
दरअसल, बीते दिनों मीडिया कर्मियों को इंटरव्यू देते समय गाजीपुर सांसद अफजाल अंसारी द्वारा कहा गया था कि गांजा को कानूनी रूप से वैध घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा था कि गांजा को भगवान का प्रसाद कहा जाता है, कुछ लोग बूटी कहते हैं।

अफजाल अंसारी ने यहां तक कहा था कि अगर कुंभ में मालगाड़ी से गांजा चला जाए तो पूरा गांजा खप जाएगा। कहा था कि धार्मिक स्थलों पर गांजा को प्रसाद बता कर लोग खूब पीते हैं। जब करोड़ों लोग गांजा पीते हैं तो इसे कानूनी दर्जा दिया जाए।
सांसद अफजाल अंसारी द्वारा बयान दिए जाने के बाद संत समाज द्वारा लगातार विरोध जारी है। बीते दिनों हिंदू धर्म गुरु प्रमोद कृष्णम द्वारा अफजाल अंसारी को नसीहत दी गई थी। इसके अलावा विपक्षी पार्टियों पर भी उन्होंने जमकर हमला बोला था।
अब इसी मामले को लेकर वाराणसी के संत महात्मा का भी बयान सामने आया है। इस मामले को लेकर अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि गाजीपुर सांसद अफजाल अंसारी ने कुंभ में गांजा की खपत को लेकर जो बयान दिया है उस पर हम अफजाल भाई से इतना ही कहेंगे कि वह अपने आप को हलाल और हलाला तक ही सीमित रखें।
आगे उन्होंने कहा कि संतों की थाली में क्या पड़ रहा है और कुंभ हमारी परंपरा और हमारा ऐश्वर्य है, संतों का अपना तपश्चार्य जीवन है। ऐसे में सांसद अफजाल अंसारी को इस तरीके का बयान नहीं देना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि आप नेतागिरी खूब करिए लेकिन हिंदू धर्म और साधु संतों को बोलते समय आप अपनी हद और सीमा न लांघिए नहीं तो बहुत दिक्कत हो जाएगी।












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