लखनऊ में बढ़ते कोरोना के आंकड़ों ने बजाई खतरे की घंटी ? 48 घंटे में आए इतने मामले

लखनऊ, 20 अगस्त: उत्तर प्रदेश की राजधानी में एक बार फिर कोरोना के आंकड़ों ने डराना शुरू कर दिया है। एक तरफ जहां सरकार यूपी में बूस्टर डोज लगवाने पर फोकस कर रही है वहीं दूसरी ओर लापरवाही की वजह से कोरोना ने एक बार फिर लखनऊवासियों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि त्योहारों के मौसम में सुरक्षा प्रोटोकॉल की अनदेखी न करें। आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले 48 घंटों में 334 लोग कोविड संक्रमित पाया गया है। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि सावधानी और सतर्कता से ही इससे बचा सकता है। लोगों को भीड़ भाड़ वाले कार्यक्रमों को आयोजित करने से बचना चाहिए।

कोरोना वायरस

अधिकारी ने बताया कि पिछले 48 घंटों में 334 लोगों में कोविड की पुष्टि हुई है। इसमें शुक्रवार को 187 और गुरुवार को 147 मामले सामने आए। इसके साथ ही लखनऊ में सक्रिय मामलों की संख्या 773 हो गई। कम से कम 24 रोगियों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से 10 की हालत नाजुक बनी हुई है। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में इलाज करा रही एक गर्भवती महिला की हालत गंभीर है।

22 जून को आए थे 191 मामले

अधिकारियों की माने तो इससे पहले 22 जून को एक दिन में 191 मामले दर्ज किए गए थे। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के आयुर्विज्ञान संस्थान में माइक्रोबायोलॉजी विभाग के पूर्व प्रमुख अनिल कुमार ने कहा कि लोगों ने मास्क पहनना, हाथों को साफ करना और कोविड -19 प्रोटोकॉल का पालन करना छोड़ दिया है। उन्हें पता होना चाहिए कि ओमिक्रान के रूप में नया वैरिएंट आ चुका है जो पहले से अत्यधिक संक्रामक है। टीकाकरण और सावधानी से ही इससे बचा जा सकता है।"

उन्होंने कहा कि, "हालांकि ओमीक्रॉन गंभीर बीमारी का कारण नहीं बनता है, लेकिन यह बुजुर्ग लोगों लोगों के लिए घातक साबित हो सकता है। एक जोखिम यह भी है कि तेजी से फैलने की अपनी विशेषता के कारण वायरस एक खतरनाक नए रूप में बदल सकता है।"

लोगों के बीच जागरुकता फैलाने की जरूरत

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मनोज अग्रवाल ने कहा कि, "टीकाकरण ही इस गंभीर बीमारी की संभावना को कम करता है। लोगों को यह समझना चाहिए कि वे अभी भी संक्रमित हो सकते हैं और दूसरों को वायरस दे सकते हैं। इसलिए, लोगों को प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए।"

केजीएमयू के चिकित्सा अधीक्षक प्रो डी हिमांशु ने कहा, "प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लोग उत्सव में भाग लेते समय मास्क पहनें और अपने हाथों को साफ करें। लोगों को अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को भी बड़ी सभा के साथ किसी भी कार्यक्रम में लाने से बचना चाहिए।" उन्होंने आगे कहा कि जो लोग इस तरह के आयोजन में शामिल होते हैं, वे अपने परिवार से मिलने से पहले खुद को सेनेटाइज जरूर करें।

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