Ramgopal Yadav Statement: भाजपा पर भड़के रामगोपाल यादव, कहा- अगर पूरी बात सुनते तो इतना शोर नहीं मचता
Ramgopal Yadav Statement: यूपी की राजनीति में जुबानी जंग तेज हो गई है। विंग कमांडर व्योमिका सिंह को लेकर सपा नेता रामगोपाल यादव द्वारा दिए गए बयान पर मचे बवाल के बीच उन्होंने अब अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके बयान को अधूरा सुनकर उस पर प्रतिक्रिया दी गई और राजनीतिक फायदे के लिए तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया।
रामगोपाल यादव ने शुक्रवार को एक्स पर पोस्ट कर कहा कि उन्होंने किसी अफसर या संस्था के खिलाफ कुछ नहीं कहा, बल्कि जाति और धर्म के आधार पर हो रहे भेदभाव पर सवाल उठाया था। उनका यह भी कहना है कि अगर पूरी बात को सुना जाता तो शायद इतनी बड़ी गलतफहमी न होती।

उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को निशाने पर लेते हुए कहा कि मुझे आश्चर्य है कि सीएम ने बिना पूरा बयान सुने ही उस पर ट्वीट कर दिया। जब खुद उनके राज्य में दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार की घटनाएं हो रही हों, तो उन्हें दूसरों को नसीहत देने से पहले अपने गिरेबां में झांकना चाहिए।
जाति-धर्म के आधार पर कार्रवाई के आरोप
रामगोपाल यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा कि उत्तर भारत, खासकर उत्तर प्रदेश में जाति और धर्म के नाम पर लोगों के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि एनकाउंटर, गैंगस्टर एक्ट और संपत्ति जब्ती जैसे कानूनों का दुरुपयोग सिर्फ जाति-धर्म देखकर किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं पर अत्याचार तक वर्ग और पहचान देखकर किए जा रहे हैं। इसके साथ ही अधिकारियों की तैनाती में भी जाति और समुदाय को प्राथमिकता दी जा रही है, जो बेहद चिंताजनक है।
अफसरों को गाली देने का लगाया आरोप
रामगोपाल ने दावा किया कि कुछ कट्टरपंथी मानसिकता वाले लोग सेना और प्रशासन के अधिकारियों को भी उनके नाम और धर्म से पहचान कर गाली देते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि अगर इन लोगों को यह पता चल जाता कि विंग कमांडर व्योमिका सिंह जाटव हैं और एयर मार्शल अवधेश भारती यादव हैं, तो वे इन्हें भी नहीं छोड़ते।
रामगोपाल यादव ने कुछ मीडिया हाउसों पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि जो चैनल इस्लामाबाद और रावलपिंडी पर कब्जा कर चुके हैं, उनसे मुझे कोई उम्मीद नहीं है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि सत्ता पक्ष के समर्थन वाले चैनल हमेशा विपक्ष को बदनाम करने की कोशिश में लगे रहते हैं।
सीएम योगी और भाजपा नेताओं ने किया पलटवार
रामगोपाल यादव के बयान को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गर्माई हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके बयान को "संकुचित मानसिकता" करार देते हुए कहा कि यह सेना के गौरवशाली परंपरा का अपमान है।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे ओछी राजनीति का उदाहरण बताया। भाजपा नेताओं का कहना है कि देश की रक्षा करने वाले सैनिकों और अधिकारियों का सम्मान किया जाना चाहिए, न कि उन्हें जाति के चश्मे से देखा जाए।
सपा नेता का बयान, भाजपा के लिए बना मुद्दा
रामगोपाल यादव का यह बयान भाजपा के लिए राजनीतिक हथियार बन गया है। पार्टी इसे देशभक्ति और राष्ट्रवाद से जोड़ते हुए सपा पर हमला कर रही है। भाजपा प्रवक्ताओं ने सपा को सेना और सैनिकों का अपमान करने वाली पार्टी करार दिया है।
वहीं, समाजवादी पार्टी ने बचाव में कहा है कि रामगोपाल यादव का मकसद सिर्फ सामाजिक असमानताओं की ओर ध्यान खींचना था। बयान को गलत संदर्भ में पेश किया गया है।












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