राजस्थान: फैलोशिप दिलवाने की एवज में प्रोफेसर ने छात्रा से की घूस की मांग, एसीबी ने रंगे हाथों पकड़ा
अजमेर। राजस्थान के अजमेर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अधिकारियों ने भ्रष्टाचार मुक्त अभियान के तहत सोमवार को एक विश्वविद्यालय में छापा मारा। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में जांच के दौरान प्रोफेसर को घूसखोरी करते हुए रंगे हाथ धर दबोचा गया। इसके बाद कार्रवाई की प्रक्रिया प्रोफेसर के चेंबर में ही की गई। आपको बता दें कि प्रोफेसर ने पीएचडी कर रही छात्रा की दस माह की फैलोशिप के पैसे दिलवाने की एवज में रिश्वत की मांग की थी।

अजमेर एसीबी प्रभारी कैलाश चंद्र बिश्नोई ने कहा कि नागौर जिले की रहने वाली छात्रा महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में प्रो. सतीश अग्रवाल के निर्देशन में मैनेजमेंट विषय से पीएचडी कर रही थी। गत दस माह से छात्रा की फैलोशिप की राशि प्रो. अग्रवाल ने रोक दी थी और इसके भुगतान की एवज में डेढ़ लाख रूपए की मांग की थी। छात्रा ने अपने गुरू से काफी निवेदन किया कि उसके पास पैसे नहीं है। वहीं फैलोशिप की राशि नहीं मिलने से वह और उसका परिवार भी काफी आर्थिक संकट झेल रहा है। इसके बावजूद भी प्रो. अग्रवाल का दिल नहीं पसीजा और वह डेढ़ लाख की राशि पर अड़े रहे। इस पर छात्रा ने एसीबी ऑफिस जाकर अपनी शिकायत दी।
दो दिन कटवाए चक्कर
एसीबी एसपी कैलाश चंद्र बिश्नोई ने कहा कि छात्रा पूर्व में डॉक्यूमेंट अपलोड करवाने के समय भ्रष्ट प्रोफेसर अग्रवाल को 25 हजार रूपए भी दे चुकी थी। छात्रा की शिकायत के बाद सत्यापन करवाया गया और पहली किश्त पचास हजार रूपए देने के लिए प्रो. अग्रवाल को राजी किया। इसके बाद रिश्वत की राशि देने के लिए शनिवार को भी प्रयास किया लेकिन अग्रवाल को संदेह हुआ तो वह चक्कर कटवाता रहा। आज खुद उसने छात्रा को ऑफिस आकर रिश्वत की राशि देने को कहा। छात्रा ने प्रो. अग्रवाल के ऑफिस में जाकर ही रिश्वत की राशि दी। जैसे ही प्रोफेसर ने पैसे लिए एसीबी की टीम ने प्रोफेसर को रंगे हाथों दबोच लिया।












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