अस्पताल के बड़े डॉक्टर साहब सफाई कर्मचारी से सीख रहे हैं इलाज, मरीज की जिंदगी से खिलवाड़

जहर खा लेने के बाद इस मरीज का इलाज ये सफाई कर्मचारी का बेटा कर रहा है। डॉक्टर साहब पवन कुमार तो पास में खड़े हैं लेकिन वो मरीज को हाथ लगाने की बजाय सफाई कर्मचारी से ही उसका इलाज सीख रहे हैं।

शाहजहांपुर। स्वास्थ्य विभाग का एक ऐसा नजारा देखिए जिससे आपको पता चलेगा कि सूबे में स्वास्थ्य व्यवस्था की क्या हकीकत है। ताजा मामला शाहजहांपुर का है जहां एक गंभीर मरीज का इलाज सफाई कर्मचारी का बेटा कर रहा है। जिसे खुद समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बंडा के डॉक्टर ने अवैध रूप से रखा हुआ है। खास बात ये है कि सफाई कर्मचारी का बेटा दवा देने से लेकर मरीज का ऑपरेशन तक कर देता है। जैसा की तस्वीरों में देखा जा सकता है।

अस्पताल के बड़े डॉक्टर साहब सफाई कर्मचारी से सीख रहे हैं इलाज, मरीज की जिंदगी से खिलवाड़

इस युवक का नाम राजीव है जो कि इसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात सफाई कर्मचारी का बेटा है। सफाई कर्मचारी तो ड्यूटी पर कभी आता ही नहीं बल्कि उसकी जगह पर उसका बेटा ही इस अस्पताल में डॉक्टर का काम करता है। यहां इस वक्त शिवराम नाम के युवक ने जहर खा लिया है। जिसका इलाज ये सफाई कर्मचारी का बेटा कर रहा है। डॉक्टर साहब पवन कुमार तो पास में खड़े हैं लेकिन वो मरीज को हाथ लगाने की बजाय सफाई कर्मचारी से ही उसका इलाज करवा रहे हैं।

अस्पताल के बड़े डॉक्टर साहब सफाई कर्मचारी से सीख रहे हैं इलाज, मरीज की जिंदगी से खिलवाड़

खास बात ये है कि इस प्राइवेट कर्मचारी को यहां अवैध रूप से काम पर लगाया गया है। ऐसा नहीं है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी और दूसरे चिकित्सा अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है। ऐसे नजारे आपको शाहजहांपुर के स्वास्थ्य केंद्रों में आमतौर पर देखने को मिल जाएंगे। लेकिन ऐसे में बड़ा सवाल ये उठता है कि एक तरफ जहां सुबे के मुख्यमंत्री कामकाज और दूसरी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में लगे हुए हैं तो वहीं स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी मुख्यमंत्री के मंसूबों पर पानी फेरने का काम क्यों कर रहे हैं।

चिकित्सा अधीक्षक, बंडा के सीएचसी, डॉक्टर पवन कुमार सबका एक ही कहना है कि एक मरीज आया था जिसने जहर पी लिया था। उसकी हालत बिगड़ने लगी थी। इसलिए उसका तत्काल उपचार किया जा रहा है और हालत नाजुक बनी हुई है। भले ही इन नाजुक परिस्थितियों में इलाज एक आम जब सफाई कर्मचारी द्वारा इलाज पर बात की तो इसके बारे मे कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। वहीं इस मामले मे जब सीएमओ से बात कही तो वह भी कुछ बोलने को राजी नही थे।

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