दिल्ली में अमित शाह व जेपी नड्डा से मिले निषाद पार्टी के अध्यक्ष, एमएलसी की 4 सीटों को लेकर अटकलें हुईं तेज
लखनऊ, 14 अगस्त: उत्तर प्रदेश समेत 5 राज्यों में चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सहयोगी दलों की नाराजगी दूर करने में जुट गई है। शनिवार को दिल्ली स्थित गृह मंत्री आवास पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद व सांसद प्रवीण निषाद की मुलाकात हुई। यह मुलाकात बैठक करीब 1 घंटे चली। बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान निषाद पार्टी ने यूपी में आरक्षण लागू करने के साथ ही यूपी में एमएलसी के लिए खाली बची सीटों पर भी अपनी दावेदारी पेश की है। हालांकि शीर्ष नेतृत्व की ओर से संजय निषाद को आश्वासन ही मिला है।

एमएलसी के नामों में कई दिग्गज शामिल
पांच जुलाई को रिक्त हुई विधान परिषद की चार सीटों पर कौन जाएगा? इसकी घोषणा बीजेपी जल्द कर सकती है। बताया जाता है कि हाल ही में कांग्रेस छोड़ भाजपा में आए ब्राम्हण समाज के नेता और निषाद समाज से एमएलसी बनाया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार जो नाम एमएलसी बनने के दावेदारों में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी, कांग्रेस से भाजपा में आए जितिन प्रसाद, ठाकुर नेता दयाशंकर सिंह शामिल हैं। इसके अलावा संजय निषाद और ओम प्रकाश राजभर की पार्टी को भी एमएलसी सीटों का दावेदार बताया जा रहा है।
बीजेपी से अपनी मांगें मनवाना चाहते हैं संजय निषाद
यूपी में होने वाले 2022 के चुनाव को लेकर दोनों दलों के बीच हुई वार्ता में निषाद पार्टी के द्वारा प्रदेश के 160 विधानसभा पर मजबूत पकड़ होने का दावा किया गया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद को आश्वस्त किया कि हम 2022 के चुनाव में निषाद पार्टी को सभी सहयोगी दल के साथ प्रमुख सीटों पर चुनाव लड़वाएंगे। संजय निषाद दावा करते हैं कि यूपी में निषाद वंशीय 17 फीसदी हैं और वे 160 विधानसभा सीटों पर प्रभावशाली स्थिति में हैं। खासकर, गोरखपुर और आस-पास के जिलों में निषाद समाज का प्रभाव है। इसका प्रमाण भी है कि इनके बेटे प्रवीण निषाद गोरखपुर और संतकबीर नगर से लोकसभा का चुनाव लड़े और जीत भी गए।
2018 में प्रवीण निषाद ने भाजपा को हराया था
समाजवादी पार्टी ने 2018 के उपचुनाव में प्रवीण निषाद को गोरखपुर से लोकसभा का टिकट दिया और प्रवीण निषाद भाजपा को हरा कर गोरखपुर के सांसद बन गए। इस घटना क्रम ने भाजपा को सोचने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद भाजपा ने निषाद पार्टी को अपने साथ में मिला लिया और प्रवीण को संतकबीर नगर से साल 2019 में लोकसभा का टिकट दिया। प्रवीण निषाद फिलहाल संत कबीर नगर से भाजपा के सांसद हैं।
एमएलसी बनाकर चार जातियों को साधने की है तैयारी
राज्य में विधान परिषद सदस्य की रिक्त चार सीटों पर मनोनयन से भाजपा विधानसभा चुनाव-2022 की अपनी मुहिम को धार देगी। इन चार सीटों से उन चार जातियों को साधने की कोशिश होगी जिन्हें नाराज माना जा रहा है। निषाद, राजभर, कायस्थ और ब्राम्हण जाति के नेताओं को एमएलसी बनाकर भाजपा इस वर्ग को सकारात्मक संदेश दे सकती है। एमएलसी के नामों के साथ ही अन्य कई मुद्दों पर सोमवार 19 जुलाई को दिल्ली में भाजपा राष्ट्रीय जेपी नड्डा के साथ प्रदेश के प्रमुख पदाधिकारी बातचीत के लिए बैठेंगे।












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