Puja Pal BJP में शामिल हो सकती हैं, अखिलेश यादव को प्रयागराज में लगेगा तगड़ा झटका!
उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़े उलटफेर की संभावना है। रिपोर्ट्स के अनुसार समाजवादी पार्टी की विधायक पूजा पाल बीजेपी का दामन थाम सकती हैं। सियासी पंडितों के अनुसार पूजा का सपा छोड़ना अखिलेश यादव के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।
यूपी की राजनीति पर नजर रखने वाले लोगों की मानें तो बसपा के दिवंगत विधायक राजू पाल की पत्नी हसबैंड के मर्डर के बाद सपा से जुड़ीं और विधायक भी बनीं। अब पूजा साइकिल (अखिलेश की पार्टी का चुनाव चिह्न) छोड़कर कमल थामने का मन बना चुकी हैं।

कयासबाजी के मुताबिक इंद्रजीत सरोज भी दल बदलने की संभावनाओं को टटोल रही हैं। दोनों घटनाओं को प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद हत्याकांड से भी जोड़ा जा रहा है। अतीक की हत्या के बाद राजनीति तेजी से बदल रही है।
समाजवादी पार्टी की विधानसभा सदस्य (MLA) पूजा पाल लोकसभा चुनाव 2024 से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़ सकती हैं। आम चुनाव से चंद महीने पहले पूजा का भाजपा में जाना सपा के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के चायल निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी (सपा) विधायक पूजा पाल को भाजपा योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री बना सकती है। सूत्रों का कहना है कि पूजा पाल के प्रवेश से पिछड़े समुदायों के बीच भाजपा की उपस्थिति गहरी होने की उम्मीद है।
इससे पहले पूर्व विधायक दारा सिंह चौहान ने भी बीजेपी से हाथ मिला लिया और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का हिस्सा बन गए। ओपी राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में फिर से शामिल होने से 2024 के चुनावों से पहले उत्तर प्रदेश में भी भाजपा को बढ़ावा मिला है।
सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी 2024 के लोकसभा चुनाव में पूजा पाल को सिराथू या प्रयागराज संसदीय सीट से पार्टी का लोक सभा उम्मीदवार बना सकती है। अतीक अहमद और उनके भाई अश्वफ की हत्या के बाद प्रयागराज निर्वाचन क्षेत्र एक महत्वपूर्ण सीट बन गया है।
इन घटनाओं से राज्य की राजनीति में एक बड़ा बदलाव आया है। पूजा पाल के साथ कई समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ आने वाले सप्ताह में भाजपा में शामिल होने की उम्मीद है।
राजू पाल हत्याकांड: एक पृष्ठभूमि
2005 में, अपने चुनावी पदार्पण में पूर्व सांसद और गैंगस्टर अतीक अहमद के छोटे भाई खालिद अजीम को हराकर इलाहाबाद (पश्चिम) विधानसभा सीट जीतने के महीनों बाद राजू पाल की निर्मम हत्या कर दी गई थी।
राजू पाल हत्याकांड में अतीक अहमद, उनके भाई और पूर्व विधायक अशरफ मुख्य आरोपी थे। बाद में, अप्रैल 2023 में, मेडिकल परीक्षण के लिए ले जाते समय उत्तर प्रदेश में दोनों की गोली मारकर हत्या कर दी गई।












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