यूपी की राजनीति के सियासी किस्से: कहीं गुरु शिष्य में मुकाबला, कहीं दोस्त हैं एक दूसरे के आमने-सामने
लखनऊ, 4 फरवरी: उत्तर प्रदेश में चुनाव की सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। पश्चिम यूपी में दस फरवरी को पहले चरण का मतदान होना है। अब सभी पार्टियों ने प्रत्याशियों की घोषणा करनी शुरू कर दी है। यह अंतिम दौर में है लेकिन इस बीच कई ऐसी चीजें भी सामने आ रही हैं जो इस चुनाव को दिलचस्प बना रही हैं। जी हां, यदि बात करें तो किसी सीट पर गुरु-शिष्य आमने सामने हैं तो कई रिश्ते एक दूसरे की परीक्षा ले रहे हैं। आज हम आपको बताएंगे ऐसी पांच सीटों के बारे में जहां एकदूसरे के बीच दिलचस्प मुकाबला हो रहा है और एक दूसरे को हराने के लिए हर दांव भी आजमा रहे हैं।

कुंडा में गुरू शिष्य आमने सामने
प्रतापगढ़ की कुंडा सीट की बात करें तो यहां भी मुकाबला दिलचस्प होने वाला है। यूं तो कुंडा सीट से राजा भैया जैसा दिग्गज चुनाव लड़ रहा है लेकिन उनके ही शिष्य अब उनकी परेशानी बढ़ा रहे हैं। यानी जिस शिष्य ने गुरु से राजनीति का दांव पेंच सीखा अब उन्हीं पर आजमने में लगे हैं। एक तरफ जहां राजा भैया कुंडा से अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं वहीं दूसरी ओर उनके खिलाफ सपा ने गुलशन यादव को टिकट देकर यहां का पारा बढ़ा दिया है। रही सही कसर बीजेपी ने पूरी कर दी है। बहरहाल बताने वाले बताते हैं कि राजा भैया की सरपरस्ती में सियासत करने वाले गुलशन यादव अब उन्हीं को टक्कर दे रहे हैं।
फिरोजाबाद में दोस्त बने दुश्मन
फिरोजाबाद की सदर सीट पर दो दोस्त अब आमने सामने हैं। सपा के टिकट पर मैदान में उतरे सैफर्रहमान और पूर्व विधायक अजीम भाई की दोस्ती काफी चर्चित थी लेकिन अब दोनों दोस्त आमने सामने हैं। अजीम की पत्नी साजिया हसन बसपा के टिकट से चुनावी मैदान में हैं। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष और पूर्व विधायक अजीम अब अपनी पत्नी के लिए वोट मांग रहे हैं। बताया जा रहा है कि इससे पहले दोनों दोस्त साथ साथ सियासत में सक्रिय थे लेकिन चुनावी गणित ने आमने सामने लाकर खड़ा कर दिया है।
जालौन में रिश्ते दांव पर
जालौन जिले में तो स्थिति यह है कि यहां आपसी रिश्ते दावं पर लग गए हैं। जालौन के पूर्व सांसद इकबाल खाबरी के परिवार में ही सियासी जंग शुरू हो गई है। खाबरी महरौनी से कांग्रेस के टिकट पर मैदान में हैं वहीं उनकी पत्नी उर्मिला स्वर्णकार ने कांग्रेस के टिकट पर उरई से पर्चा भरा है। इसी सीट पर खाबरी के दूसरे रिश्तेदार श्रीपाल ने बसपा से टिकट लेकर पर्चा दाखिल कर दिया है। अब इन दोनों रिश्तेदारों को लेकर चुनावी माहौल गरमाया हुआ है और रिश्ते एक दूसरे की परीक्षा ले रहे हैं।
मोहनलालगंज में रोचक मुकाबला
लखनऊ की मोहनलालगंज सीट पर भी रोचक मुकाबला देखने को मिल रहा है। पिछले चुनाव में यहां से सपा का खाता खोलने वाले अंबरीष पुष्कर ने दो दिन पहले ही सपा के सिंबल पर अपना नामांकन किया। लेकिन अगले दिन टिकट काटकर सुशीला सरोज को मैदान में उतार दिया गया। ऐसे में विधायक पुष्कर ने निर्दल पर्चा भर दिया है। कभी बीएस 4 के सक्रिय सदस्य रहे अंबरीश पुष्कर को सक्रिय राजनीति में लाने का श्रेय सुशीला सरोज को ही जाता है। दोनों साथ साथ विभिन्न कार्यक्रमों में देखे जाते थे लेकिन विधानसभा चुनाव में टिकट की लड़ाई ने एक दूसरे को सामने लाकर खड़ा कर दिया है।












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