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अटल जी की मौत पर मुलायम सहित क्या बोले यूपी के दिग्गज नेता

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    लखनऊ। एक ऐसा नेता और कवि जो अपनी ही मौत पर कविता लिख गया। मौत से जो दो-दो हाथ करने को जिंदा रहते ही आतुर था। वो जाते जाते सबको रुला गया। अटल जी किसी भी दलीय राजनीति से ऊपर थे। इसका उदाहरण आज उनकी मौत पर भी देखने को मिला। मायावती से लेकर तमाम विपक्षी पार्टियों के नेता उनसे मिलने पहुंचे। अटल जी एक ऐसे नेता थे जिनका हर पार्टी में सम्मान था। शायद यही वजह है कि उनके इस दुनिया से जाने की खबर सुन कर उनके विरोधी भी उनकी तारीफ कर रहे हैं। जानिए किस नेता ने उनके लिए क्या कहा।

    अटल जी के जाने से देश को हुई बड़ी क्षति

    अटल जी के जाने से देश को हुई बड़ी क्षति

    सदन में अटल जी के विरोधी रहे समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने कहा कि उनका जाना देश के लिए एक बड़ी क्षति है। मुलायम सिंह अटल जी की मृत्यु पर शोक जताते हुए कहा कि उनके अंदर घमंड का कोई निशाना नहीं था। देश के एक वरिष्ठ नेता होते हुए भी वह एक आम इंसान की तरह जीवन जिया उन्होंने। मौजूदा दौर के नेता उनसे बहुत कुछ सीख सकते हैं।

    अटल जी के भाषणों को ध्यान से सुनते थे लोग

    अटल जी के भाषणों को ध्यान से सुनते थे लोग

    वहीं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी अटल जी की मृत्यु पर गहरा शोक जताया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वे ओजस्वी वक्ता और लोकप्रिय कवि थे। लखनऊ उनकी कर्मभूमि थी। लखनऊ से सांसद निर्वाचित होकर ही वे प्रधानमंत्री बने थे। लोकसभा में उनके भाषणों को बड़े ध्यान से सुना जाता था। विदेश मंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने उल्लेखनीय भूमिका निभाई। विचारधारा से असहमति के बावजूद वे विरोधी नेताओं के प्रति सम्मान भाव रखते थे।

    अटल जी ने पहले मायावती को बनाया था मुख्यमंत्री

    अटल जी ने पहले मायावती को बनाया था मुख्यमंत्री

    अटल जी ने ही पहली बार मायावती को मुख्यमंत्री बनवाया था। पहली बार मायावती 1995 में भाजपा के सहयोग से मुख्यमंत्री बानी थीं। उस समय अटल जी ने कांसीराम के साथ गठबंधन कर के मायावती को सीएम बनने का न्योता दिया था। अटल जी की मृत्यु पर बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि सांसद, केंद्रीय मंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में अटल बिहारी वाजपेयी के अमूल्य योगदान को लोग लगातार याद करते रहे हैं और आगे भी याद करते रहेंगे। कवि मन वाले वाजपेयी ऐसे नेता थे जो भारतीय जनसंघ व बाद में इसके नए अवतार बीजेपी में रहने के बावजूद व्यापक स्तर पर सम्मान की दृष्टि से देखे जाते थे। उन्होंने पार्टी व सरकार में रहते हुए अनेक मौकों पर पार्टी हित से ऊपर उठकर समाज व देश की भलाई के लिए काम किया। मायावती अटल जी को देखने एम्स भी पंहुची थीं।

    कभी सपा के टिकट पर अटल जी के खिलाफ लड़े थे चुनाव

    कभी सपा के टिकट पर अटल जी के खिलाफ लड़े थे चुनाव

    कभी सपा के टिकट पर अटल जी के खिलाफ चुनाव लड़े और आज उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राजबब्बर ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्व. वाजपेयी भारतीय राजनीति के अप्रतिम सेनानी थे। जिन्होंने स्वतंत्रता आन्दोलन के दौर को भी देखा, नेहरू जी और इन्दिरा जी के दौर में भारत के निर्माण को भी देखा। एक विदेश मंत्री के रूप में, देश के प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने अपनी अनुकरणीय सेवा देश को दी। प्रदेश अध्यक्ष ने आगे कहा कि विचारधारा से अलग होते हुए भी गांधी जी और नेहरू जी के समावेशी समाज की परिकल्पना के पक्षधर थे अटल जी, शायद यही कारण था कि वो सर्वमान्य नेता बने।

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    English summary
    political leaders express grief over atal bihari vajpayee demise

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