UP में "ऑपरेशन कायाकल्प" में 9 जिलों में शिक्षा की बदहाली का हुआ ख़ुलासा, जानिए 5 बड़ी बातें

लखनऊ, 27 अगस्त: उत्तर प्रदेश सरकार सूबे में शिक्षा की बेहतरी को लेकर लगातार कदम उठा रही है। कुछ दिनों पहले शासन स्तर पर ऑपरेशान कायाकल्प अभियान शुरू किया गया था जिसका मकसद यूपी में उन जिलों की पहचान करना था जहां प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की हालत काफी खस्ता है। इस बड़े अभियान का नतीजा अब सामने आने लगा है। शासन से जुड़े अधिकारियों की माने तो प्रदेश के नौ जिलों में इन स्कूलों की स्थिति काफी खराब है। ऑपरेशन कायाकल्प के बाद अब सरकार ने इन जिलों के स्कूलों को ठीक करने का काम शुरू कर दिया है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि स्कूलों में सुविधाओं में सुधार करने की पूरी कोशिश की जा रही है। जल्द ही इसके बेहतर परिणाम मिलेंगे।

नौ जिलों के स्कूलों में नहीं दिखी कोई प्रगति

नौ जिलों के स्कूलों में नहीं दिखी कोई प्रगति

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि "ऑपरेशन कायाकल्प" के तहत सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सुविधाओं को मजबूत करने में वांछित प्रगति नहीं की है। इन नौ जिलों में महोबा, हाथरस, अमरोहा, अयोध्या, ललितपुर, कानपुर देहात, बस्ती, मथुरा और संत कबीर नगर शामिल हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) और अन्य अधिकारियों के साथ वीडियोकांफ्रेंसिंग के माध्यम से महानिदेशक (डीजी), स्कूली शिक्षा, विजय किरण आनंद की अध्यक्षता में हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में इसका खुलासा हुआ है।

711 स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का आभाव

711 स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का आभाव

इसी प्रकार विकास खण्ड की ओर से प्रेरणा पोर्टल पर विद्यालयों का स्वमूल्यांकन प्रत्येक माह किया जाता है। लेकिन प्रदेश के 452 सरकारी स्कूलों की ओर से कोई सेल्फ असेसमेंट रिपोर्ट पेश नहीं की गई. इन स्कूलों में आगरा में 94, कानपुर देहात में 64, गाजीपुर में 30, महोबा में 25, अमेठी में 22, आजमगढ़ में 15 और मैनपुरी जिले में 14 स्कूल शामिल हैं। समीक्षा में यह भी पाया गया कि राज्य में 711 स्कूल ऐसे हैं जिनमें शौचालय, पानी की सुविधा जैसी पहली पांच न्यूनतम सुविधाएं नहीं हैं और 4,211 स्कूलों में शौचालयों में टाइल जैसी अन्य सुविधाओं का अभाव है।

स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं बेहतर करने के प्रयास

स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं बेहतर करने के प्रयास

डीजी, स्कूली शिक्षा, उत्तर प्रदेश, विजय किरण आनंद के मुताबिक, स्कूल सुविधाओं में सुधार के लिए अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं। "हम 'ऑपरेशन कायाकल्प' के माध्यम से स्कूलों में सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद करने के लिए बीएसए को प्रोत्साहित कर रहे हैं। हमारे पास पूरे यूपी में 1.3 लाख से अधिक स्कूल हैं। और अच्छी संख्या में स्कूलों ने चार वर्षों में अपने बुनियादी ढांचे में सुधार किया है।

संबंधित जिलों के BSA को दिए गए निर्देश

संबंधित जिलों के BSA को दिए गए निर्देश

संबंधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। उन्हें जल्द से जल्द सुधार करने को कहा गया है। सरकार की ओर से छह माह के भीतर स्कूलों में पाइप से पानी की सुविधा और बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए गए। हालांकि समीक्षा बैठक में उपस्थित अधिकारियों के अनुसार चित्रकूट, मऊ, कानपुर देहात, देवरिया, प्रतापगढ़, गोंडा, संत कबीर नगर, बलिया, अमरोहा, उन्नाव और आजमगढ़ जिलों की प्रगति असंतोषजनक पाई गई।

स्कूलों में इन 19 बुनियादी सुविधाओं का होना जरूरी

स्कूलों में इन 19 बुनियादी सुविधाओं का होना जरूरी

दरअसल स्कूलों में 19 बुनियादी सुविधाएं को बेहतर करने के लिए ऑपरेशन कायाकल्प चलाया जा रहा है। इनमें पानी की सुविधा, लड़कों का शौचालय, लड़कियों का शौचालय, शौचालयों में पानी की सुविधा, शौचालयों में टाइलें, विकलांगों के लिए शौचालय, हाथ धोना, कक्षाओं में टाइलें, ब्लैकबोर्ड, रसोई, सफेद धुलाई, रैंप एवं रेलिंग, वायरिंग और बिजली के उपकरण, बिजली, फर्नीचर एवं डेस्क, सबमर्सिबल पंप और चारदीवारी का निर्माण शामिल है।

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