Noida Labour Protest: नोएडा में सैलरी बढ़ोतरी की मांग पर भारी बवाल, सड़क पर उतरे कर्मचारियों का हिंसक प्रदर्शन
Noida Phase 2 Labour Protest: उत्तर प्रदेश के नोएडा के फेज-2 इलाके में सोमवार, 13 अप्रैल को उस समय हालात बिगड़ गए, जब एक कंपनी के बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
देखते ही देखते यह प्रदर्शन हिंसक हो गया और मौके पर तोड़फोड़, पथराव और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शुरुआत में कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखीं, लेकिन कुछ ही देर में माहौल तनावपूर्ण हो गया।

गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर खड़े वाहनों को निशाना बनाया, पुलिस की गाड़ियों के शीशे तोड़े और एक वाहन को आग के हवाले कर दिया।
Noida में क्यों हिंसक हुआ प्रदर्शन?
अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, फेज-2 स्थित एक नामी कंपनी के कर्मचारी पिछले काफी समय से अपनी सैलरी बढ़ाने की मांग कर रहे थे। सोमवार सुबह बड़ी संख्या में कर्मचारी कंपनी के गेट पर इकट्ठा हुए। शुरुआत में यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन प्रबंधन के साथ बातचीत विफल होने और मांगों पर कोई ठोस आश्वासन न मिलने के कारण कर्मचारी भड़क गए।

हिंसा और आगजनी का रणक्षेत्र बना नोएडा फेज-2
देखते ही देखते प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। उग्र भीड़ ने कंपनी परिसर और बाहर खड़ी संपत्तियों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर खड़े वाहनों को निशाना बनाया। एक वाहन को पूरी तरह से आग के हवाले कर दिया गया, जिससे इलाके में काले धुएं का गुबार छा गया। जब पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने की कोशिश की, तो कर्मचारियों की ओर से पुलिस बल पर जमकर पत्थरबाजी की गई जिसके कारण पुलिस की गाड़ी के शीशे टूट गए।
इस हमले में कई वाहनों के शीशे टूट गए और सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है। घटना की सूचना मिलते ही नोएडा पुलिस के आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पीएसी (PAC) की टुकड़ियों को भी बुलाया गया है। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर किया है। एहतियात के तौर पर पूरे फेज-2 इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है। हिंसा में शामिल लोगों की पहचान सीसीटीवी फुटेज के जरिए की जा रही है।
प्रशासन की चेतावनी: दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
नोएडा प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लोकतांत्रिक तरीके से मांग रखना सबका अधिकार है, लेकिन कानून हाथ में लेने और सरकारी या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अब उन शरारती तत्वों की तलाश कर रही है जिन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन को हिंसा में बदल दिया। फिलहाल कंपनी के बाहर सन्नाटा पसरा हुआ है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं। कंपनी प्रबंधन की ओर से अभी तक इस हिंसा पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।














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