Noida International Airport: UP का मेगा एयरपोर्ट तैयार, नोएडा से पहली फ्लाइट कब भरेगी उड़ान?
Noida International Airport License: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इस एयरपोर्ट को लेकर कई महीने से इंतजार है, और अब उम्मीद बन रही है कि बहुत जल्द यहां से पहली कमर्शियल फ्लाइट उडान भरेगी। यह प्रोजेक्ट न केवल नोएडा और ग्रेटर नोएडा, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक बडा बदलाव साबित होगा। दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर लगातार बढ़ रही भीड़ और सीमित स्लॉट्स के बीच, यह नया एयरपोर्ट यात्रियों के लिए राहत लेकर आएगा।
हजारों नौकरी के मौके, तेज ट्रैवल फैसिलिटी और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं के साथ यह एयरपोर्ट नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यूपी की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देगा। सबसे खास बात-DGCA से लाइसेंस मिलने की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है, लेकिन कमर्शियल उड़ानों के लिए यात्रियों को 2026 तक इंतजार करना पड़ सकता है।

DGCA से लाइसेंस की प्रक्रिया अंतिम चरण में
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को 30 नवंबर तक DGCA से एयरोड्रोम लाइसेंस मिलने की उम्मीद है। यह लाइसेंस मिलने के बाद ही एयरपोर्ट को औपचारिक रूप से संचालन की मंजूरी दी जा सकती है। प्रोजेक्ट को यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड यानी YIAPL तैयार कर रहा है और एयर इंडिया, अकासा एयर और इंडिगो जैसी कंपनियां इसके पार्टनर हैं।
24 नवंबर 2025 को एयरपोर्ट का अंतिम सिक्योरिटी इंस्पेक्शन किया जाएगा, जिसमें DGCA, यूपी सिविल एविएशन डिपार्टमेंट, सेंट्रल मिनिस्ट्री, NIAL, CISF और कई एयरलाइंस के अधिकारी मौजूद रहेंगे। इस दौरान ATC टावर, टर्मिनल बिल्डिंग और एयरसाइड एरिया सहित पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर की जांच की जाएगी।
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टेक्निकल ट्रायल्स अभी जारी
पहले 3 नवंबर 2025 की समीक्षा बैठक में जो छोटी सुरक्षा दिक्कते सामने आई थीं, वे सभी दूर कर दी गई हैं। सितंबर 2025 में BCAS ने एयरसाइड इंफ्रा को सिक्योरिटी क्लियरेंस भी दे दिया था। कम्युनिकेशन, नेविगेशन और सर्विलांस सिस्टम के लिए AAI की टीम लगातार एयरपोर्ट को तकनीकी सहायता दे रही है।
दिसंबर 2024 में यहां पहली बार वैलिडेशन फ्लाइट हुई थी, जिसमें रनवे की मजबूती, लाइटिंग सिस्टम, टर्मिनल की छत और कई तकनीकी चीजो को जांचा गया। लेकिन ORAT प्रोग्राम के तहत अभी भी कई ट्रायल्स चल रहे हैं। इस प्रोग्राम में सिस्टम टेस्टिंग, इमरजेंसी सिचुएशन की तैयारी, सिमुलेशन और स्टाफ की ट्रेनिंग शामिल है।
एनआईएएल के नोडल अफसर शैलेंद्र भाटिया ने कहा,"यह कमर्शियल फ्लाइट्स शुरू होने से पहले का सबसे अहम चरण है और अगर सब कुछ मानको के अनुसार निकला, तो एक हफ्ते के भीतर लाइसेंस मिलने की प्रक्रिया पूरी हो सकती है।"
एयरलाइंस को स्लॉट और शेड्यूल के लिए चाहिए समय
एक अधिकारी के अनुसार, एयरलाइंस को स्लॉट लेने, रूट फाइनल करने और शेड्यूल तय करने में कम से कम एक महीना लगता है। इसी वजह से भले ही लाइसेंस नवंबर 2025 में मिल जाए, लेकिन कमर्शियल फ्लाइट्स 2026 से पहले शुरू होने की संभावना कम है।
लाइसेंस के बाद एयरपोर्ट को शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय से उद्घाटन की तारीख भी फाइनल करनी होगी। अगर तारीख जल्दी मिल जाती है, तो उद्घाटन के 30 से 45 दिन बाद ऑपरेशन शुरू हो सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार, रनवे स्ट्रेंथ, सेफ्टी जोन, टैक्सीवे, एप्रॉन, नेविगेशन सिस्टम, मौसम डेटा, इमरजेंसी प्लान, फायर रेस्क्यू और वाइल्डलाइफ मैनेजमेंट जैसी लगभग सभी जांचे पूरी हो चुकी हैं।
दिल्ली-एनसीआर को बडा फायदा
यह नया एयरपोर्ट दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और आसपास के शहरो के लिए बडी राहत लाएगा। आईजीआई एयरपोर्ट पर हमेशा भारी भीड रहती है, ऐसे में यहां से नई फ्लाइट्स शुरू होने पर यात्रियो को आसान विकल्प मिलेगा। इसके साथ ही आसपास के क्षेत्र में हजारो रोजगार के मौके बढेंगे और कई इंडस्ट्रीज को सीधे फायदा होगा।
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