Noida Labour Rules: 1O तारीख तक सैलरी, बोनस, दोगुना ओवरटाइम-नोएडा की कंपनियों को अल्टीमेटम, बदल गए लेबर नियम
Noida Greater Noida New Labor Rules: उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक हब नोएडा और ग्रेटर नोएडा में पिछले कई दिनों से चल रहा मजदूरों का गतिरोध अब खत्म होता नजर आ रहा है। अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे हजारों कर्मचारियों के कड़े विरोध और तीन दिनों तक चले लगातार प्रदर्शन के बाद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हस्तक्षेप पर प्रशासन ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।
गौतम बुद्ध नगर जिला प्रशासन ने औद्योगिक इकाइयों के लिए नए और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनका उद्देश्य कंपनी मालिकों की मनमानी पर लगाम लगाना और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करना है। इन नए नियमों के लागू होने से न केवल वेतन वितरण में पारदर्शिता आएगी, बल्कि कार्यस्थल पर शोषण को रोकने के लिए भी जवाबदेही तय की जाएगी। प्रशासन का यह कदम उन हजारों कामगारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जो लंबे समय से वेतन विसंगतियों और असुरक्षित कार्य वातावरण से जूझ रहे थे।

अब ओवर टाइम पर बरसेगा पैसा, बदल गए मजदूरी के नियम
प्रशासन द्वारा जारी नए फरमान के अनुसार, अब कोई भी कंपनी किसी कर्मचारी का आर्थिक शोषण नहीं कर पाएगी।
डबल ओवर टाइम: यदि कोई कंपनी निर्धारित घंटों से अधिक काम लेती है, तो उसे सामान्य प्रति घंटे की दर से दोगुना भुगतान करना होगा।
संडे वर्किंग: यदि किसी कर्मचारी को रविवार (साप्ताहिक अवकाश) के दिन काम पर बुलाया जाता है, तो उस दिन की मजदूरी भी डबल दी जाएगी। इसमें किसी भी प्रकार की कटौती अवैध मानी जाएगी।
अनिवार्य साप्ताहिक अवकाश: हर कर्मचारी को हफ्ते में एक दिन की छुट्टी देना अब अनिवार्य है, ताकि उनके स्वास्थ्य और कार्यक्षमता पर बुरा प्रभाव न पड़े।
सैलरी और बोनस को लेकर सख्त डेडलाइन
अक्सर देखा जाता था कि कंपनियां वेतन देने में महीनों की देरी करती थीं, लेकिन अब ऐसा करना भारी पड़ सकता है।
10 तारीख तक भुगतान: कंपनियों को हर हाल में महीने की 10 तारीख तक कर्मचारियों के खातों में वेतन भेजना होगा।
सैलरी स्लिप अनिवार्य: भुगतान के साथ विस्तृत सैलरी स्लिप देना जरूरी होगा ताकि पीएफ और अन्य कटौतियों में पारदर्शिता बनी रहे।
बोनस की सीधी एंट्री: वार्षिक बोनस अब कैश में न देकर सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर करना होगा। इसके लिए 30 नवंबर की समयसीमा तय की गई है।
महिला सुरक्षा और शिकायत निवारण तंत्र
कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए हैं।
महिला शिकायत समिति: प्रत्येक कंपनी को एक आंतरिक शिकायत समिति बनानी होगी, जिसकी अध्यक्षता एक महिला सदस्य ही करेगी।
शिकायत पेटी: दफ्तरों और फैक्ट्रियों में शिकायत पेटी (Complaint Box) लगाना अनिवार्य होगा, ताकि कर्मचारी बिना किसी डर के अपनी समस्याएं प्रबंधन तक पहुँचा सकें।
प्रशासनिक कंट्रोल रूम: प्रशासन ने एक विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी कर कंट्रोल रूम स्थापित किया है। किसी भी नियम के उल्लंघन पर कर्मचारी सीधे यहां शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिस पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
विरोध के तीसरे दिन झुका प्रबंधन
गौरतलब है कि रविवार को भी नोएडा के फेस-2 औद्योगिक क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण रहा। भारी संख्या में कर्मचारी सड़कों पर डटे रहे और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों का आरोप था कि उन्हें न तो समय पर वेतन मिल रहा था और न ही बोनस। इसी जनसैलाब और बढ़ते दबाव को देखते हुए जिला प्रशासन को तत्काल प्रभाव से ये नए नियम लागू करने पड़े।
with AI Inputs












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