कांग्रेस के गढ़ रायबरेली के साथ मोदी सरकार का सौतेला व्यवहार?
इसी को लेकर कांग्रेस के लोग यहां की जनता को धरने के माध्यम से बताना चाहते हैं कि मोदी सरकार इस जिले के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।
रायबरेली। उत्तर प्रदेश का रायबरेली कांग्रेस का गढ़ माना जाता है लेकिन खुद की जमीन पर बनी योजनाओं में भाजपा सरकार अवरोध खड़ी करती नजर आ रही है क्योंकि यहां पर कांग्रेस के दिए हुए एम्स में केंद्र सरकार ने कटौती कर दी है। इसी को लेकर कांग्रेस के लोग यहां की जनता को धरने के माध्यम से बताना चाहते हैं कि मोदी सरकार इस जिले के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। ऐसे में भाजपा ने कांग्रेस के गढ़ में विकास को लेकर आपसी तनातनी मचा दी है क्योंकि योगी सरकार के लोग विकास कराने की कोशिश तो कर रहे हैं लेकिन उसका श्रेय खुद लेना चाहते हैं। चाहे कांग्रेस की पुरानी सारी योजनायें क्यों न हो, इसको लेकर कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर एवं धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर हो गये हैं।

सरकार द्धारा एम्स के बजट में कटौती किए जाने के विरोध में कांग्रेस ने आंदोलन शुरू कर दिया है। कांग्रेसियों ने शहीद चैक पर सामूहिक उपवास रखकर गांधीगिरी तरीके से विरोध प्रदर्षन किया। सांसद सोनिया गांधी के प्रतिनिधि के एल शर्मा ने कहा कि वर्ष 2009 में एम्स के लिए 823 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे।
केन्द्र में भाजपा की सरकार आने के बाद एम्स के निर्माण की प्रगति धीमी हो गई। अब एम्स के बजट में कटौती कर दी गई है। एम्स में 960 बेड के स्थान पर अब 600 बेड कर दिये गए हैं। केंद्र सरकार सोनिया के क्षेत्र में विकास कार्यों में रोड़ा डालने का काम कर रही है। जिले के लोग इसक मुंहतोड़ जवाब देंगे। जरूरत पड़ी तो दिल्ली में भी धरना दिया जाएगा।

सांसद प्रतिनिधि ने कहा कि रेल कोच कारखाने को भी प्रभावित करने का प्रयास किया गया था लेकिन जिले के लोगों के गंभीर होने के कारण विपक्षियों की एक भी नही चली। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जिले को शिक्षा का हब बनाया है। तकनीकी शिक्षा के लिए भी जिले के युवाओं को बाहर नहीं जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार जाने के बाद जिले के विकास को बाधित करने का प्रयास किया गया है।
जिलाध्यक्ष वीके शुक्ला ने कहा कि एम्स से जिले के साथ ही प्रदेश के अन्य जिलों को लाभ मिलना है लेकिन केंद्र सरकार ने सोनिया गांधी का क्षेत्र होने के कारण ही बजट में कटौती कर दी है। भाजपा सरकार को प्रदेश के विकास से कुछ भी लेना-देना नही है। विकास के नाम पर लोगों को बरगलाने का काम किया जा रहा है। कांग्रेसी इस उपेक्षा के खिलाफ चुप नही बैठेगें। उपवास में अन्य कांग्रेसियों ने भी अपने अपने विचार व्यक्त करके केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार की नीतियों का विरोध करने के साथ ही इसके विरोध में आंदोलन करने की चेतावना दी।












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