यूपी विधानसभा चुनाव 2017: अंतिम यात्रा वाहन को बनाया चुनावी यात्रा वाहन
चुनावी चुनाव में श्मसान घाट के वाहन और कर्मचारियों की लगी एलेक्शन ड्युटी। आरटीओ विभाग की बड़ी गलती आई सबके सामने।
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर में आरटीओ विभाग की एक बड़ी चूक सामने आई है। चुनाव में यहां शवों को ढोने वाले श्मशान घाट के वाहन को भी लगा दिया गया है। इतना ही नहीं श्मशान घाट के कर्मचारियों को भी चुनाव ड्यूटी में लगा दिया गया है। इस अजीबो गरीब सरकारी आदेश के बाद खतौली के श्मशान घाट के मैनेजर व स्टाफ दुविधा में हैं कि आखिर श्मशान घाट के वाहन व कर्मचारी का चुनाव मे क्या काम।

उत्तर प्रदेश में चुनाव आचार सहिंता घोषित होते ही अब सभी अधिकारी अपने अपने विभागीय कार्यों को निपटाने में जुट गए हैं। फिर चाहें उन कामो में चूक ही क्यों ना हो रही हो सभी गलतियों को दरकिनार करते हुए बस काम निपटाने जद्दो जहद फिलहाल जारी हैं। इसी क्रम में जिले के आरटीओ विभाग बड़ी चूक देखने को मिली। आपको बता दे की 11 फरवरी को मुजफ्फरनगर जनपद मे प्रथम चरण के लिए विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग होनी है। तमाम जिले के अधिकारी चुनाव को सही तरह से समपन्न कराने मे लगे हुए हैं।
जनपद के खतोली कस्बे के श्मशान घाट मुक्ति धाम चुनावी तैयारियों से बेखबर था कयोकि वहां तो अंतिम संस्कार का काम होता है लेकिन जिले के अधिकारियों व परिवहन विभाग को श्मशान घाट के संसाधनों की उपयोगिता चुनाव मे नजर आने लगी जिसके चलते जिले के परिवहन विभाग आरटीओ के बड़े अधिकारियों ने बाकायदा नोटिस जारी कर आदेश दिया कि वो शव ले जाने वाली गाड़ी को डाईवर सहित चुनाव कार्य के लिए नुमाइश मैदान में भेजे और गाड़ी को चुनाव तक जब्त कर लिया गया है। इस आदेश के बाद श्मशान घाट के संचालन समिति मे हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि खुद आरटीओ अधिकारी ने खुद स्वीकार किया है की ये एक बड़ी चूक है और वो इस मामले को खुद संज्ञान में लेकर उचित कार्रवाई करेंगे।












Click it and Unblock the Notifications