पीएम मोदी से संवाद कार्यक्रम में जाने वाली मुस्लिम महिलाओं को मिली धमकियां
जो महिलाएं पीएम के संवाद में जाने की इच्छा रखती है उनको तमाम संगठन और परिजनों के माध्यम से धमकियां मिल रही हैं कि आपको प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में नहीं जाना है।
वाराणसी। 22-23 सितम्बर को अपने दो दिवसीय दौरे पर संसदीय क्षेत्र बनारस आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी तमाम परियोजनाओं को जनता को समर्पित करने के साथ ही तीन तलाक में मुस्लिम महिलाओं को जीत दिलाने के बाद उनसे डीएलडब्ल्यू के ऑडिटोरियम में संवाद करेंगे। इसके लिए बकायदा सर्कुलर भी सभी मदरसों को जारी किया गया था जिसमें 25-25 महिलाओं को साथ लाना था लेकिन विरोध के बाद अधिकारियों ने कैंसिल कर दिया। अब जो महिलाएं पीएम के संवाद में जाने की इच्छा रखती है उनको तमाम संगठन और परिजनों के माध्यम से धमकियां मिल रही हैं कि आपको प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में नहीं जाना है।

क्या कहते हैं मदरसे के टीचर?
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की ओर से जिले के सभी अनुदानित और गैर अनुदानित मदरसों को भेजे गए लेटर में कहा गया है कि आगामी 22 सितंबर को पीएम मोदी का वाराणसी के डीएलडब्ल्यू प्रेक्षागृह में अल्पसंख्यक महिलाओं के साथ संवाद का कार्यक्रम है। इस प्रेक्षागृह में 700 महिलाओं के बैठने की व्यवस्था की गई है। उस दिन अल्पसंख्यक महिलाओं को कार्यक्रम स्थल पर पहुंचाने का जिम्मा मदरसों को दिया जा रहा है। मदरसे से कम से कम 25-25 महिलाओं को कार्यक्रम स्थल पर पहुंचाएं। इस सिलसिले में सोमवार को एक बैठक जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के कार्यालय में होगी जिसमें मदरसे के एक शिक्षक या शिक्षणेत्तर कर्मचारी को नामित कर भेजा जाए, ताकि प्रधानमंत्री के संवाद कार्यक्रम के बारे में विचार-विमर्श किया जा सके।
इसको लेकर अब विवाद शुरू हो गया और इस आदेश पर रोक लग गयी पर टीचर्स एसोसिएशन मदारिसे अरबिया यूपी के महामंत्री हाजी दीवान साहेब जमा खां ने कहा कि हम बीजेपी कार्यकर्ता नहीं हैं। जिले में कुल 150 मदरसे हैं यहां, जिसमें से 23 अनुदानित है। 23 मदरसों में सर्कुलर जारी किया गया है। प्रबंधक व प्रधानाचार्यों के जरिए मुस्लिम महिलाओं को जुटाने का दबाव बनाना गलत है। हम इसका विरोध करते हैं। उधर दूसरी ओर मुस्लिम महिला फाउंडेशन 100 महिलाओं को पीएम से मिलाने की तैयारी में है।

पीएम के कार्यक्रम ने शिरकत न करने की मिल रही धमकियां
वहीं विधानसभा चुनाव के बाद पहली बार वाराणसी में अपने दो दिवसीय दौरे पर आने से पहले जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुस्लिम महिलाओं ने मिलने की इच्छा जाहिर की, वाराणसी के वरुणापार इलाके में मुस्लिम महिला फाउंडेशन के महिलाओं ने कचहरी के आने पर संवाद कार्यक्रम में शरीक होने पर बल दिया। मुस्लिम महिला फाउंडेशन की नेशनल सदर नाजनीन अंसारी ने oneindia से बाद करते हुए कहा कि हम खुद ही तीन तलाक जैसे सख्त कानून के पारित होने के बाद प्रधानमंत्री का शुक्रिया अदा करना चाहते हैं, ऐसे में यदि उनकी तरफ से हमें न्यौता मिला है तो भला कैसे इस छोड़ें। यही नहीं नाजनीन ने कहा कि पीएम से मिलकर गरीब मुस्लिम महिलाओं के रोजगार के संबंध में बात की जाएगी। मुस्लिम महिला फाउंडेशन के महिलाओं की कचहरी की जानकारी जैसे ही कटटरपंथियों को मिली उन्होंने पीएम के कार्यक्रम में मुस्लिम महिलाओं के शिरकत न करने की धमकियां देनी शुरू कर दी है। oneindia से बात करते बात करते हुए फाउंडेशन के कार्यक्रम में आयी, गुड़िया, शकीला, तस्लीम, नूरजहाँ, जुबैदा, मेहरुनिशा ने बताया कि कुछ लोग उनके घर आये थे और पीएम के कार्यक्रम में न जाने की धमकियां देकर गए हैं। कहा कि यदि उस दिन वह गयी तो हाथ-पैर तोड़ दिया जायेगा।

'धमकी के बावजूद पीएम से मिलने जाएंगे'
बता दें कि कुछ दिनों पहले ही बनारस के शक़्कर तालाब के पास कुछ लोगों ने मुस्लिम महिला फाउंडेशन के एक कार्यकर्ता पर हमला भी किया था जिसको लेकर एफआईआर भी दर्ज कराई गयी थी। वहीं नाजनीन ने कहा कि इस बार चाहे कितनी भी धमकी दी जाए, हम 100 मुस्लिम महिलाएं जरूर पीएम के कार्यक्रम में शिरकत करेंगे और यदि फिर से धमकियां मिली तो एसएसपी वाराणसी से मिलकर इन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।












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