'मुसलमान कब से इस सोसायटी में आने लगे, जय श्री राम बोलो पहले', गाजियाबाद में उर्दू टीचर के साथ क्या हुआ?
Ghaziabad News: गाजियाबाद की क्रॉसिंग्स रिपब्लिक की एक सोसायटी में उर्दू टीचर से अभद्रता का मामला सामने आया है। इस मामले ने सबको हैरान कर दिया है। निजी ट्यूशन उर्दू शिक्षक 23 अक्टूबर को कॉमन एरिया में रहने वाले एक निवासी ने कथित तौर पर गाली दी और परेशान किया। उर्दू शिक्षक को जोर से 'जय श्री राम' बोलने के लिए भी मजबूर किया गया था।
बात इतनी बढ़ गई थी आखिरकार उसे लिफ्ट से उतरने के लिए कहा गया था। पुलिस ने बताया कि निवासी मनोज कुमार को बुधवार (23 अक्टूबर) को गिरफ्तार किया गया और उसके खिलाफ गलत तरीके से रोकने और जानबूझकर अपमान करने सहित अन्य धाराओं के तहत आरोप लगाए गए। मनोज कुमार (36) एक व्यवसायी हैं।

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उर्दू टीचर से अभद्रता का क्या है पूरा मामला?
उर्दू शिक्षक मोहम्मद आलमगीर ने पुलिस को बताया कि जब मनोज कुमार ने उन्हें पंचशील वेलिंगटन के ग्राउंड फ्लोर पर लिफ्ट का इंतजार करते देखा तो उन्होंने बिना किसी उकसावे के उन पर हमला कर दिया। आलमगीर ने पुलिस को बताया कि मनोज कुमार ने "पहले मुझे अजीब तरीके से देखा और पूछा कि वह कहां जा रहा हो...?''
जब आलमगीर ने मनोज कुमार को बताया कि वे सोसायटी की 16वीं मंजिल पर एक फ्लैट में उर्दू पढ़ाते हैं। इसको सुनकर मनोज कुमार भड़क गए और कहने लगे कि, ''जय श्री राम बोलकर दिखाओ।'' हालांकि आलमगीर ने मनोज कुमार की बातों को नजरअंदाज कर दिया था। लेकिन मनोज कुमार ने पूछताछ जारी रखा और उनका व्यवहार और भी आक्रामक होता गया।
आलमगीर ने कहा, ''मैं हैरान था और मैंने कुछ नहीं कहा। जब लिफ्ट पहली मंजिल पर रुकी, तो उन्होंने मुझे धक्का देकर बाहर निकाल दिया।'' फिर उन्होंने दूसरे निवासी को बुलाया और उससे कहा, 'मुसलमान कब से इस सोसायटी में आने लगे हैं?'
आलमगीर ने आरोप लगाया कि दूसरे निवासी ने भी उनके साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें 16वीं मंजिल पर जाने से मना कर दिया। बाद में अन्य लोगों ने हस्तक्षेप किया और "मौजूदा माहौल" का हवाला देते हुए उनसे जाने का अनुरोध किया।
आलमगीर ने कहा, "मैंने अपने छात्र के माता-पिता को फोन किया और जब कॉल खत्म हुई, तो उसने (मनोज कुमार) एक बार फिर मुझसे कहा, 'जय श्री राम' बोलो। जब मैंने कोई जवाब नहीं दिया, तो वह और दूसरा निवासी मुझे ग्राउंड फ्लोर पर ले गए और आक्रामक हो गए। फिर टावर का सुरक्षा गार्ड और तीसरा निवासी आया। उन्होंने मेरा नंबर लिया और मुझे तुरंत सोसायटी छोड़ने को कहा। मैं क्लास लिए बिना ही चला गया।"
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पूरे मामले पर गाजियाबाद पुलिस ने क्या कहा?
वेव सिटी एसीपी लिपि नगायच ने कहा कि मनोज कुमार के खिलाफ बीएनएस की धारा 126 (2) (गलत तरीके से रोकने की सजा), 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना), 351 (2) (आपराधिक धमकी के लिए सजा) और 351 (3) (आपराधिक धमकी) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
एसीपी लिपि नगायच ने कहा, "हमने जांच शुरू की और आरोपी की पहचान मनोज कुमार के रूप में की, जो उसी टावर में रहता है।" वेव सिटी एसीपी लिपि नगायच ने बताया कि मनोज कुमार के खिलाफ धारा 126 (2) (गलत तरीके से रोकने की सजा), 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना), 351 (2) (आपराधिक धमकी के लिए सजा) और बीएनएस की 351 (3) (आपराधिक धमकी) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
आरोपी मनोज कुमार ने पुलिस को क्या बताया?
एसीपी लिपि नगायच ने कहा, "हमने जांच शुरू की और आरोपी की पहचान मनोज कुमार के रूप में की, जो उसी टावर में रहता है।" उन्होंने कहा कि पूछताछ के दौरान मनोज कुमार ने पुलिस को बताया कि घटना के समय "वह शराब के नशे में था।"
एसीपी लिपि नगायच ने कहा, "उसने कहा कि जब उसने शिक्षक को देखा, तो उसने कुछ सवाल पूछे, लेकिन जब शिक्षक ने जवाब नहीं दिया, तो वह आक्रामक हो गया। उसे अदालत में पेश किया गया और जेल भेज दिया गया। किसी अन्य आरोपी की पहचान की जाएगी।"
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