विदेशों तक फैला हुआ Mukhtar Ansari का साम्राज्य, जानिए कैसे बना मछली किंग
Mukhtar Ansari News: 'एक था मुख्तार अंसारी...' यह हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि, गुरुवार देर शाम गैंगस्टर से राजनेता बने पूर्वांचल के बाहुबली मुख्तार अंसारी का निधन हो गया। ऐसा बताया जा रहा है कि बांदा जेल में तबीयत बिगड़ने के बाद मुख्तार अंसारी को दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान मुख्तार की मृत्यु हो गई। आइए जानते हैं कि मुख्तार अंसारी कैसे बना मछली किंग...?
भले ही अपराध की दुनिया में मुख्तार अंसारी का सिक्का चलता हो और लोग उसके नाम से थरथर कांपते हो। लेकिन, क्या आप यह जानते है कि मुख्तार का मछली कारोबा देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक फैला हुआ था। जी हां...मुख्तार अंसारी की मोटी कमाई का जरिया मछलियां थी और इस मछली कारोबार की जड़े देश के कई राज्यों तक जमी हुई है। ऐसा बताया जाता है कि इस कारोबार से मुख्तार गैंंग को करोड़ों रुपए की कमाई होती थी।

मुख्तार के मछली कारोबार को जानने से पहले आप मुख्तार के बारे में जान लीजिए। मुख्तार अंसारी का जन्म 3 जून 1963 को गाजीपुर जिले में हुआ था। मुख्तार के पिता का नाम सुब्हानउल्लाह अंसारी था। मुख्तार ने क्राइम का रास्ता जरूर पकड़ लिया था, लेकिन उसका परिवार काफी प्रतिष्ठित था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्तार के दादा अहमद अंसारी एक स्वतंत्रता सेनानी थे और पिता सुब्हानउल्लाह कम्यूनिस्ट नेता थे। साल 1971 में वो नगर पालिका चुनाव में निर्विरोध चुने गए थे।
मुख्तार की लोगों के लिए रॉबिनहुड जैसी थी छवि
भले ही जुर्म की दुनिया में मुख्तार अंसारी का सिक्का चलता हो, लेकिन लोगों के मन में उसकी छवि रॉबिनहुड वाली थी। जी हां...विधायक रहते हुए मुख्तार ने अपनी विधायक निधी से 20 गुना ज्यादा पैसा सड़कों, पुलों, अस्पतालों और स्कूल-कॉलेजों पर खर्च किया था। हालांकि, मुख्तार अंसारी ने ठेकेदारी, खनन, स्क्रैप, शराब, रेलवे ठेकेदारी से अपनी सल्तनत भी खड़ी की थी। इसी सल्तनत को खड़ा करने में मछली कारोबार ने भी अपनी अहम भूमिका निभाई थी।
मुख्तार गिरोह का लिल्लू हैं मछली माफिया
दरअसल, दैनिक जागरण की खबर के मुताबिक, श्यामलाल सोनकर उर्फ लिल्लू मुख्तार गिरोह का मछली माफिया हैं। लिल्लू ने आंध्र प्रदेश में बैठक बिहार के छपरा, मुजफ्फरनगर सहित कई जिलों में मछली की आपूर्ति करता है। साथ ही, मऊ, गाजीपुर, आजमगढ़, वाराणसी सहित पूरे पूर्वांचल में इनका एकछत्र साम्राज्य फैला हुआ है। ऐसा बताया जाता है कि नेपाल व बैंकाक में भी मुख्तार गैंग बड़े पैमाने पर मछलियों की आपूर्ति करता था, जिससे मुख्तार गैंग को करोड़ों रुपये की आय होती थी।
मुख्तार की छत्रछाया में खूब फैला मछली कारोबार
ऐसा बताया जाता है कि मुख्तार अंसारी गैंग की छत्रछाया में मछली कारोबार देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक खूब फैला। मुख्तार का गैंग नेपाल व बैंकाक में भी गैंग बड़े पैमाने पर मछलियों की आपूर्ति करता है। हालांकि, मुख्तार के जेल जाने के मऊ पुलिस ने मछली के इस अवैध कारोबार के खिलाफ भी अभियान चलाया था। उस वक्त मुख्तार के अवैध मछली कारोबार पर कार्रवाई भी की गई थी।












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