बनारस में बंदरों के झुंड ने किया बच्चे पर हमला, कर दिया घायल
वाराणसी। काशी में जानवरों का आतंक किसी से छुपा नही है। बीते दिनों आवारा सांड के आतंक से युवक की मौत से लेकर छत पर कपड़े सुखाने गयी लड़की को बंदर के दौड़ाने पर हुई मौत इस बात के गवाह हैं कि किस कदर लोग आवारा जानवरों के शिकार हो रहे हैं। इन्ही सब के बीच शहर के वीवीआईपी कालोनी में 11 वर्षीय बच्चे को बंदरों के झुंड ने हमला किया जिसके बाद उसके शरीर के कई हिस्सों में बंदर के काटने के जख्म भी आये। शोर सुनने के बाद जब लोगों ने बंदरो को भगाया तब जाकर बच्चे की जान बच पाई।

अधिकारियों की कालोनी में हुआ हादसा
शुभांकर मुखर्जी नाम का क्लास 7 में पढ़ने वाला बच्चा अपने माता-पिता के साथ शहर के प्रतिष्ठित रिहायशी कॉलोनी गणेश धाम नेवादा, सुन्दरपुर अपने ननिहाल गया हुआ था। शुभांकर मुखर्जी के पिता सुमित मुखर्जी ने बताया कि वो अपने ससुराल अस्वस्थ ससुर को देखने गए थे। करीब 4 बजे अचानक घर के बाहर शोरगुल सुन बाहर निकले तो पता लगा कि बड़ा बेटा घर के बच्चों के साथ कॉलोनी में ही स्थित दुकान से अपने लोगों के लिये कुछ सामान लेकर लौट रहा था। उसके हाथ में बहुत सारे पैकेट देख कर बंदरों का झुंड टूट पड़ा। इस घटना में वह बुरी तरह जख्मी हो गया।

संबंधित अधिकारी सुना रहे अपना राग
वहीं इस दर्दनाक घटना के बाद शहर में चल रहे जानवरों के आतंक ने नगर निगम की पोल खोल दी है। इस पूरे मामले पर जब नगर निगम के अधिकारियों से बात की गई तो बताया गया कि कुछ दिनों पहले मथुरा से बन्दर कैप्चर यूनिट को बनारस बुलाया गया। सैकड़ों की संख्या में उस वक्त बन्दरों को पकड़ कर शहर से दूर जंगलों में पहुंचाया भी गया लेकिन कुछ दिनों बाद बन्दर लौटकर शहर में प्रवेश कर जाते हैं।












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