मिलिए साकेत मिश्रा से, जिन्होंने IPS से MLC बनने तक का सफर कुछ यूं किया तय
भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा दांव चलते हुए यूपी विधान परिषद सदस्यों की सूचनी में साकेत मिश्रा का नाम भी शामिल किया था। आइए जानते है कौन हैं साकेत मिश्रा, जिन्होंने IPS से MLC तक सफर किया तय।

Saket Mishra: यूपी विधानसभा परिषद सदस्य मनोनीत करने के लिए प्रदेश की योगी सरकार ने 6 नामों का प्रस्ताव राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को सौंपा था। इन नामों में आईपीएस साकेत मिश्रा का नाम भी शामिल था। प्रदेश की योगी सरकार द्वारा भेज गए इन 6 नामों पर राज्यपाल ने अपनी मुहर लगा दी। साकेत मिश्रा का नाम उच्च सदन के लिए मनोमीत करवा के बीजेपी एक साथ कई एजेंडों को साधने की कोशिश में हैं। आइए जानते है कौन हैं साकेत मिश्रा...
कौन हैं IPS साकेत मिश्रा?
साकेत मिश्रा, उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले हैं और 1976 बैच के आईएएस रहे नृपेंद्र मिश्रा के बेटे हैं। नृपेंद्र मिश्रा प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव भी रहे हैं। साकेत मिश्रा की पढ़ाई दिल्ली से हुई है। उन्होंने सेंट सटीफेंस कॉलेज से इकोनॉमिक्स की पढाई की। इसके बाद आईआईएम कोलकाता में एडमिशन लिया। यहां से मैनेजमेंट की डिग्री हासिल की। इसके बाद साकेत मिश्रा ने सिविल सेवा की परीक्षा दी।
साकेत मिश्रा 1994 में बने IPS
साकेत मिश्रा का चयन लोकसेवा आयोग में हो गया और साल 1994 में वह आईपीएस बने गए। हालांकि, साकेत मिश्रा का जल्द ही प्रशासनिक सेवा से मोहभंग हो गया और उन्होंने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद साकेत मिश्रा फ़ाइनेंस सेक्टर में लौटने का इरादा किया। साकेत मिश्रा ने कई बैंकों में उच्च पदों पर काम किया। जर्मनी के ड्यूस बैंक के साथ उन्होंने 6 इंटरनेशनल बैंक में नौकरी की। इसके बाद साकेत मिश्रा का रुझान समाज सेवा की तरफ हो गया। साल 2019 में वे श्रावस्ती पहुंचे और लोकसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी।
राजनीति में प्रवेश के लिए साकेत मिश्रा ने ननिहाल को चुना
साकेत मिश्रा का पैतृक गांव कासिली है, लेकिन राजनीति में प्रवेश के लिए उन्होंने अपने ननिहाल श्रावस्ती को चुना। क्योंकि, साकेत मिश्रा के नाना पंडित बदलूराम शुक्ला बहराइच से 1971 में कांग्रेस सांसद चुने गए थे और प्रभावशाली ब्राह्मण चेहरों में से रहे हैं। साकेत मिश्रा ने लोकसभा चुनाव से पहले श्रावस्ती में जमीन पर काम किया और लोगों को अपने साथ जोड़ा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साकेत ने श्रावस्ती में लोकसभा चुनाव के संकेतों के वक्त कई रैलियां भी की थीं।
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साकेत मिश्रा का अब बीजेपी ने भेजा विधानपरिषद
बीजेपी ने साकेत मिश्रा का नाम विधान परिषद सदस्य के लिए भेजा था, जिसपर राज्यपाल ने अपनी मुहर लगा दी। साकेत मिश्रा के चयन के बाद बीजेपी की ये रणनीति और स्पष्ट हो गयी है कि पार्टी प्रशासनिक सेवा में अनुभव और किसी विशेष योग्यता वाले और टेक्नोलॉजी सैवी युवा चेहरों को तरजीह देना चाहती है। तो वहीं, बीजेपी की नजर पूर्वांचल के बड़े ब्राह्मण वोट बैंक पर भी है। क्योंकि, शिव प्रताप शुक्ला, कलराज मिश्र जैसे दिग्गज नेताओं के राज्यपाल बनने और सक्रिय राजनीति से दूरी के बाद बीजेपी अब किसी बड़े युवा ब्राह्मण चेहरों को तलाश में थी। साकेत मिश्रा के परिवार का प्रभाव श्रावस्ती से लेकर देवरिया तक रहा है।












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