आरक्षण के लिए मायावती ने लोगों याद दिलाया 1989 का संघर्ष
जौनपुर में रैली को संबोधित करते हुए मायावती ने याद दिलाया 1989 में आरक्षण के लिए संघर्ष की कहानी, बोली भाजपा और कांग्रेस ने किया था आरक्षण का विरोध
जौनपुर। बसपा सुप्रीमो मायावती ने जौनपुर में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मैं अति पिछड़े वर्ग के लोगों को याद दिलाना चाहती हूं कि भाजपा दलितों के तो खिलाफ है ही लेकिन अति पिछड़ों के खिलाफ भी है। 1988 तक अति पिछड़े वर्ग के लोगों को सरकारी नौकरी में आरक्षण मिलना चाहिए, तो उस समय कांग्रेस पार्टी की केंद्र में सरकार थी। उस वक्त हमारी पार्टी ने कहा कि मंडल कमीशन की इस रिपोर्ट को लागू कर देना चाहिए, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने हमारी बात को नहीं माना।

हमने आरक्षण की लड़ाई लड़ी है
मायावती ने कहा कि 1989 में देश में पहली बार बसपा के 3 सांसद लोकसभा में जीतकर आए, मैं भी बिजनौर से जीतकर गई। उस वक्त केंद्र में सत्ता का परिवर्तन हुआ और बीपी सिंह की सरकार बनी, उनकी सरकार विभिन्न पार्टियों के समर्थन से बनी थी। उस वक्त उन्होंने कहा था कि बसपा भी उन्हें समर्थन दे, हमने उस वक्त कहा कि हम समर्थन देने को कहा लेकिन आपको दो शर्तें माननी होगी पहली यह कि बाबा साहब को भारत रत्न की उपाधि से सम्मानित करे, लेकिन कांग्रेस ने हमारी इस बात को नहीं माना और बाबा साहब को भारत रत्न से सम्मानित नहीं किया।

भाजपा ने आरक्षण का विरोध किया था
हमारी दूसरी शर्त अति पिछड़े के हित में थी, अति पिछड़े वर्ग के लोगों को सरकारी नौकरियों व अन्य क्षेत्रों में आरक्षण मिलना चाहिए। उन्होंने हमारी बात को माना और बाबा साहब को भारत रत्न मिला और पूरे देश में अति पिछड़ों को आरक्षण मिलना शुरु हुआ। लेकिन तब भाजपा को यह अच्छा नहीं लगा, देशभर में मंडल कमीशन के खिलाफ प्रदर्शन किया और तोड़फोड़ हुई। बीपी सिंह सरकार से भाजपा ने अपना समर्थन वापस ले लिया और सरकार गिर गई।

प्रधानमंत्री अपर कास्ट के
मायावती ने कहा कि पीएम खुद को अति पिछडी जाति का बताते हैं लेकिन वह अगड़ी जाति के हैं, यह नरेंद्र मोदी पिछड़ी जाति का नहीं अपर कास्ट का है। उन्होंने कहा कि पिछड़ी जाति का आरक्षण खाने के लिए पीएम ने खुद को इसमें शामिल किया, लेकिन पीएम अपर कास्ट का है। मायावती ने कहा कि मौका पाते ही भाजपा या तो आरक्षण को खत्म कर देगी या फिर प्रभावहीन बना देगी। अपनी हीन जातिवादी मानसिकता के चलते भाजपा ने दलितों और पिछड़ों का शोषण किया है।

पीएम नेगेटिव दलित मैन
हमने नोटबंदी के बाद कुछ दिन की मोहलत देश की जनता के लिए कही थी, यह बात मैंने नहीं बल्कि पूरे विपक्ष ने कहा था, लेकिन अब पीएम मोदी खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे, अपनी हार को देखते हुए बसपा की सरकार को सत्ता में आते हुए देखकर आयकर विभाग की रूटीन की चिट्ठी को ऐसे दिखा रहे हैं जैसे इनकी पार्टी की तरह हमारी पार्टी ने नंबर दो का पैसा जमा किया है। इसे यह स्पष्ट हो जाती है कि नरेंद्र दामोदर दास मोदी नहीं निगेटिव दलित मैन हैं।

मायावती के भाषण के मुख्य अंश
- नोटबंदी का फैसला राजनीतिक स्वार्थ व जनता का ध्यान बांटने के लिए लिया गया है।
- किसी भी गरीब व्यक्ति के कहते में एक भी रुपया नहीं जमा हुआ है
- कर्ज में डूबे किसानों का एक भी रुपया माफ़ नहीं किया गया
- बसपा का दलित वोट एकजुट मुस्लिम वर्ग सपा को देती है तो उनका वोट ख़राब ही चला जायेगा
- मोदी सरकार के खिलाफ लोगों में गुस्सा, मोदी ने जनता से किए वादे पूरे नहीं किए
- सपा और केंद्र सरकार ने कुछ नहीं दिया, सपा सरकार में यूपी में जंगलराज
- 5 चरणों में बीजेपी हार चुकी है, यूपी में बीएसपी को पूर्ण बहुमत मिलेगा
- कांग्रेस पार्टी ने यूपी के दिल्ली में बसे लोगों को गंदगी बताया था,
- ऐसी पार्टी को भी इस चुनाव में सबक सिखाना है
- पूर्वांचल के जो लोग रोजी रोटी के लिए मुंबई चले गए, वहां भाजपा औऱ उनके सहयोगी शिवसेना वाले सौतेला व्यवहार करते हैं, इस चुनाव में भाजपा से इसका बदला लेना है।
- प्रदेश की जनता का ध्यान बंटाने के लिए पीएम किस्म किस्म की नाटकबाजी कर रहे हैं।
- सच सामने आने के बाद अब वो कह रहे हैं कि आंकड़ें कहां से आएं, क्या पता यह सच है कि झूठ, सभी सरकारों के आंकड़ें जहां से आएं हैं वहीं से हमारे भी आंकड़ें आएं हैं। मैं अवैध
- ऐसी स्थिति में सच्चर कमेटी की रिपोर्ट का लागू होना वर्तमान स्थिति में संभव नहीं है।
- आतंकवाद के नाम पर पूरे देश में मुस्लिम व अन्य अल्पसंख्यक समाज के लोगों को शक की नजर से देखा जा रहा है।
- पूरे देश में सांप्रदायिक और कट्टरवादी ताकतों के मजबूत होने की वजह से मुसलमानों पर शोषण हो रहा है।
- मुस्लिम पर्सनल लॉ, तीन तलाक के मुद्दे में दखल चिंता का विषय है।
- जामिया और एएमयू का अल्पसंख्यक का दर्जा भी छीना जा रहा है।
- मुस्लिम समाजवालों के साथ अधिकांश सौतेला व्यवहार अपनाया जा रहा है।
- किसी कारणवश भाजपा सत्ता में आई तो मौका पाते ही आपके आरक्षण को खत्म कर देगी या फिर इसे प्रभावहीन बना देगी।












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