VIDEO: झगड़े की जानकारी पर आई पुलिस ने बुलाने वाले निर्दोष को ही पीट दिया
मऊ। योगी सरकार अपनी वाहन सेवा डायल 100 को लेकर अपराध के सफाए के तमाम दावे करती है लेकिन कुछ मामलों में ये आम जनता के लिए ही काल साबित हो रही है। मऊ जिले में एक युवक को यूपी 100 पर शिकायत करना महंगा पड़ गया और पुलिस ने उल्टा सूचना देने वाले यूवक को ही जमकर पीटा। यहां कुछ लोगों को आपस में झगड़ते देख एक युवके ने इसकी जानकारी यूपी पुलिस को दी जिसके बाद पुलिस उसी व्यक्ति को उठाकर ले गई और खूब पिटाई की। मामले में जब युवक ने इसकी शिकायत थानाध्यक्ष से की तो सिपाही को ये बात इतनी नागवार गुजरी कि उसने सब्जी बेच रहे पीड़ित युवक के भाई को इंजेक्शन लगा दिया जिसकी वजह उसके पूरे शरीर में इंफेक्शन फैल गया।

थानेदार से शिकायत पड़ी महंगी, कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा
मामला मऊ के दक्षिण टोला थाना क्षेत्र के औरंगाबाद खटिक टोला मुहल्ले का है जहां झगड़ रहे लोगों की जानकारी डायल-100 को देना एक व्यक्ति को काफी भारी पड़ गया। पुलिस ने उसी शख्स को उठाकर उसकी खूब पिटाई की। पुलिस प्रताड़ना के बाद पीड़ित विजय सोनकर का भाई जब घर पहुंचा तो हाथ में दर्द होने और पुलिस प्रताड़ना का जिक्र परिजनों से किया। वहीं जबरदस्ती इंजेक्शन लगाने से विजय के भाई की हालत जब गम्भीर होने लगी तो परिवार के लोगों ने इलाज कराया। पीड़ित मां चिनौती देवी न बताया कि अपनी व्यथा लेकर दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कर्रवाई के लिए एसपी मऊ के यहां तक गईं, लेकिन न्याय नहीं मिला जिसके बाद परिजनों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए परिवाद दाखिल कर दिया। कोर्ट ने मामले को गम्भीरता से लेते हुए कोर्ट ने पांच पुलिसकर्मी और दो दरोगा के खिलाफ धारा 342, 323, 504, 506 के तहत मुकदमा किया गया।
मुंशी ने बदले के लिए किया ये काम, इंजेक्शन से फैला इंफेक्शन
आपको बता दे कि कोर्ट ने जिन पुलिस वालों को आरोपी मानते हुए मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है उनके नाम है धीरज कुमार सिंह (दरोगा), राजेश कुमार प्रभाकर (दरोगा), अजय यादव (मुंशी), रविरंजन राय (सिपाही), सुनील यादव (सिपाही), विमलेश सोनकर (सिपाही) और उमानन्द यादव। वहीं परिजनों ने बताया की पुलिस को सूचना देने पर हमको ही पुलिस पकड़ कर ले गई और जमकर लाठी बरसाई। इस मामले की शिकायत हमने थानाध्यक्ष से की। इससे नाराज़ होकर थाने के मुंशी अजय यादव ने मुझसे बदला लेने के लिए मेरे भाई को इंजेक्शन लगा दिया जिसके बाद हमने उसकी जाँच कराई तो पता चला की इंजेक्शन लगाने से शरीर में कोई इन्फेक्शन फ़ैल गया है।












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