लोको पायलट की सतर्कता से टली बड़ी दुर्घटना, रामपुर में पटरी से उतारने की कोशिश नाकाम
उत्तर प्रदेश के रामपुर में एक संभावित भयावह घटना को लोको पायलट की त्वरित सूझबूझ से टाल दिया गया। देहरादून से काठगोदाम जा रही नैनी जन शताब्दी एक्सप्रेस के पायलट ने बुधवार देर रात पटरियों पर एक पुराना टेलीकॉम पिलर देखा और तत्काल आपातकालीन ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। पायलट की सतर्कता से ट्रेन और यात्रियों की जान बच गई। जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
रेलवे अधिकारियों को घटना की जानकारी दी गई। जिसके बाद पुलिस अधीक्षक विद्यासागर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अतुल श्रीवास्तव और जीआरपी के एसपी मौके पर पहुंचे। अवरोध को एक पुराना टेलीकॉम पोल बताया गया। जिसे तुरंत हटाकर ट्रेन सेवाओं को बहाल कर दिया गया। यह घटना बलवंत एन्क्लेव कॉलोनी के पास, उत्तराखंड सीमा के करीब, बिलासपुर रोड रुद्रपुर सिटी स्टेशन के पास किलोमीटर 43/10-11 पर हुई।

रेलवे ट्रैक पर लगभग सात मीटर लंबा टेलीकॉम पिलर रखा गया था। जिससे नैनी जन शताब्दी एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हो सकती थी। लोको पायलट की सूझबूझ ने ट्रेन को समय रहते रोककर यात्रियों की जान बचाई। इस घटना ने रेल सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं और तोड़फोड़ की आशंका को लेकर जांच तेज कर दी गई है।
एसपी रेलवे आशुतोष शुक्ला ने बताया कि कल रात 10.18 बजे जीआरपी रामपुर को आरपीएफ से एक मेमो मिला कि जब नैनी जनशताब्दी ट्रेन रामपुर से रुद्रपुर सिटी जा रही थी। इस दौरान लगभग 1.5-1 बजे ट्रैक पर एक पुराना बिजली का खंभा पड़ा हुआ था। रुद्रपुर सिटी स्टेशन से 2 किमी पहले लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाया और ट्रेन को मौके से हटा दिया गया और हमें इसकी सूचना दी गई। जीआरपी, आरपीएफ और जिला पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच की गई एक तरफ झाड़ियाँ थी। दूसरी तरफ जंगल था और फिर उसे पटरियों पर खींच लिया गया। रामपुर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।
घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की। टीम ने रातभर पिलर को कब्जे में लेकर इलाके की तलाशी ली। रेलवे ने एक बयान जारी कर बताया कि 12091 नैनी-दून एक्सप्रेस काठगोदाम जा रही थी। ट्रेन के रास्ते में लोहे का खंभा पाया गया। लोको पायलट ने समय पर इमरजेंसी ब्रेक लगाकर दुर्घटना को टाल दिया। जीआरपी और आरपीएफ मामले की गहन जांच कर रहे हैं।
इस घटना ने न केवल ट्रेन पायलटों की सतर्कता के महत्व को रेखांकित किया है। बल्कि क्षेत्र में रेल सुरक्षा के संभावित खतरों को भी उजागर किया है। सुरक्षा बल अब हाई अलर्ट पर हैं और इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़े कदम उठा रहे हैं।












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