Mahakumbh 2025: 'भक्ति या शक्ति नहीं इस वजह से आएं महाकुंभ', मशहूर कथावाचक जया किशोरी ने गिनाएं कारण
Mahakumbh 2025: संगमनगरी प्रयागराज में दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक आयोजन महाकुंभ शुरू हो चुका है। 13 जनवरी से शंखनाद हुए महाकुंभ 2025 के आज दूसरे दिन यानी मकर संक्रांति पर प्रयागराज अमृत स्नान जारी है। इस खास मौके पर मंगलवार को कथावाचक जया किशोरी (Jaya Kishori ) ने भी महाकुंभ में शामिल होकर पहला अमृत स्नान किया। उन्होंने मीडिया को बताया कि उनका पहला कुंभ स्नान है।
इस दौरान मीडिया से बात करते हुए जया किशोरी ने कहा, "यहां आए सभी लोगों की भावनाएं शानदार हैं। इतनी ठंड के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में लोगों का यहां आना अद्भुत है। मेरा अनुभव बहुत अच्छा रहा।"

Mahakumbh 2025: जया किशोरी का पहला महाकुंभ स्नान
आध्यात्मिक वक्ता जया किशोरी ने अपने अनुभव को बयां करते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को एक ही स्थान पर देखकर एक अनोखी ऊर्जा पैदा होती है, जो आम दिनों में नहीं होती। यहां आने वाले हर व्यक्ति को यहां सब कुछ मिलेगा- शांति, ज्ञान, आध्यात्म और संस्कृति। प्रयागराज में इस समय इन सभी का समागम देखने को मिल रहा है।
जया किशोरी ने कहा कि मुझे बहुत खुशी है कि मैं पहली बार कुंभ में स्नान के लिए आई हूं। मैं चाहूंगी कि देश का हर व्यक्ति महाकुंभ के दर्शन कर सके। हम अपनी संस्कृति, धर्म और संस्कार दुनिया को दिखा रहे हैं, जिससे युवा आकर्षित हो और उनका ध्यान भगवान और भक्ति से जुड़ सके।
जया किशोरी ने गिनाईं महाकुंभ आने की वजह
महाकुंभ के शुभ अवसर पर प्रयागराज पहुंची कथावाचक जया किशोरी ने लोगों से कुंभ नगरी आने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले हर व्यक्ति को यहां सब कुछ मिलेगा- शांति, ज्ञान, अध्यात्म और संस्कृति। जया किशोरी ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन आश्रम के आध्यात्मिक प्रमुख स्वामी चिदानंद सरस्वती और साध्वी भगवती सरस्वती के साथ त्रिवेणी संगम पर नाव की सवारी कर रही थीं।
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वहीं स्वामी चिदानंद सरस्वती ने लोगों को सामूहिक धार्मिक समागम देखने के लिए आमंत्रित किया और कहा, "इस मकर संक्रांति पर न केवल यहां मौजूद लोगों ने बल्कि पूरे सनातन धर्म ने स्नान किया। यह सनातन की अमरता का उत्सव है। इस कुंभ ने सबको दिखा दिया है कि 'सारे घाट पटे पड़े हैं, लोग कहते हैं हम बटे पड़े हैं', मैं यहां सभी को आमंत्रित करना चाहता हूं, 'आओ कुंभ चलें'... मैं सभी भारतीयों और दुनिया के सभी लोगों की भलाई के लिए प्रार्थना करता हूं।"
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महाकुंभ 2025 से जुड़ी खांस बातें
महाकुंभ 2025 का आयोजन 13 जनवरी से शुरू हुआ है, जो लगभग 50 दिनों तक चलेगा। पुराणों के अनुसार महाकुंभ में संगम में स्नान करने से सभी पाप धुल जाते हैं और वो मोक्ष प्राप्ति के योग्य होते हैं। प्रयागराज में जहां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का संगम है।












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