Maha Kumbh 2025: जौनपुर रोड से महाकुंभ में क्यों पहुंचेंगे सबसे ज़्यादा श्रद्धालु? प्रतापगढ़ से सबसे कम
Maha Kumbh 2025: महाकुंभ मेला 2025 के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने व्यापक ट्रैफिक प्लान तैयार कर लिया है। प्रमुख स्नान पर्वों जैसे मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, और महाशिवरात्रि पर भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रयागराज ट्रैफिक पुलिस ने मुख्य स्नान पर्वों और सामान्य दिनों के लिए अलग-अलग ट्रैफिक योजनाएं बनाई हैं।
इस बार महाकुंभ में 40 करोड़ से ज्यादा तीर्थयात्रियों के आने की संभावना है। भीड़ प्रबंधन और यातायात नियंत्रण के लिए 1.25 लाख पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सात प्रमुख रास्तों पर ट्रैफिक मैनेजमेंट को बेहतर बनाने की तैयारी की गई है।

जौनपुर रोड से आएगा सबसे ज्यादा ट्रैफिक
यातायात योजना के अनुसार, महाकुंभ क्षेत्र में आने वाले सात प्रमुख मार्गों में जौनपुर रोड से सबसे ज्यादा 21% यातायात की संभावना है। इसके बाद बुंदेलखंड के रीवा-बांदा मार्ग से 18% और वाराणसी रोड से 16% श्रद्धालु आ सकते हैं। कानपुर रोड से 14%, मिर्जापुर रोड से 12%, लखनऊ रोड से 10%, और प्रतापगढ़ रोड से 9% यातायात की उम्मीद है।
ट्रैफिक पुलिस ने इन सभी मार्गों पर भीड़ नियंत्रण और सुगम यातायात के लिए एडवाइजरी जारी की है। बड़े और छोटे वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी, जिससे तीर्थयात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
पैदल यात्रियों के लिए अलग मार्ग
शाही स्नान को छोड़कर सामान्य दिनों में सभी सात रास्तों पर अलग-अलग ट्रैफिक प्लान लागू होगा। कुंभ मेला क्षेत्र में पैदल यातायात के लिए अलग व्यवस्था होगी और वनवे ट्रैफिक सिस्टम अपनाया जाएगा। भीड़ अधिक होने पर ट्रैफिक डायवर्जन का निर्णय एसएसपी कुंभ मेला द्वारा लिया जाएगा।
योजना के तहत, बड़े और छोटे वाहनों के पार्किंग स्थलों को मेला क्षेत्र के बाहर रखा गया है। सामान्य दिनों में शहरी इलाकों में पैदल यात्रियों की आवाजाही पर कोई रोक नहीं होगी, जबकि मुख्य स्नान पर्वों पर विशेष प्रबंध किए जाएंगे।
महाकुंभ के लिए तैयार की गई यह योजना बीते कई वर्षों में सबसे व्यापक मानी जा रही है। प्रयागराज के सात प्रमुख रास्तों पर वाहनों का दबाव कम करने के लिए यह ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जाएगा।
Maha Kumbh 2025: पुलिस और प्रशासन की चुनौती
40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं की संभावित संख्या को देखते हुए ट्रैफिक प्लानिंग प्रशासन और पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। इस बार के महाकुंभ में तीर्थयात्रियों को बेहतर अनुभव देने के लिए यातायात और सुरक्षा प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।












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