जो एक बार खाया 'अब्दुल्ला ग्रेट' तो भूल जाएंगे दुनिया के सभी आम, एक ही पेड़ में लगती हैं आम की 300 किस्में
आज हम जिस आम की बात कर रहे हैं, वो पूरी दुनिया में सिर्फ एक जगह होता है और स्वाद के मामले में ये सभी आमों को पीछे छोड़ देता है। तो चलिए आज आपको स्पेशल 'अब्दुल्ला ग्रेट' आम के बारे में बताते हैं।

गर्मियों का मौसम किसी को भी नहीं पसंद है। चिलचिलाती धूप, धूल भरी आंधियां और ढेर सारा पसीना हमें परेशान कर देता है। हालांकि, इन सब परेशानियों के बीच एक चीज है जिसकी वजह से हम भीषण गर्मी में भी खुश हो जाते हैं और वो है आम। गर्मी में आम खाने का जो मजा है वो किसी भी चीज में नहीं है। आम को ऐसे ही फलों का राजा नहीं कहा जाता है। इसे खा कर जो आनंद आता है उसे आप शब्दों में बयां नहीं कर सकते।
ऐसे तो आम की कई किस्में होती हैं और तरह-तरह के लोगों को तरह-तरह की किस्मों के आम पसंद हैं। अगर आप से कहा जाए कि दुनिया में एक ऐसा आम का एक पेड़ है, जिसमें 300 किस्म के आम लगते हैं। तो क्या आप यकीन करेंगे? पहली बार में तो आपका भी जवाब होगा की ये कैसा मज़ाक है। आखिर एक पेड़ पर एक से ज़्यादा प्रजाती के आम कैसे मुमकिन हैं ? तो हम आपको बता दें कि ये कोई मज़ाक नहीं बल्कि हकीकत है।

एक पेड़, 300 किस्म के आम
'नवाबों के शहर' लखनऊ में एक यूनिक आम का पेड़ है जो काफी चर्चा में रहता है। इस आम के पेड़ की खासियत है कि इस एक पेड़ में ही करीब 300 किस्म के आम लगते हैं। यह पेड़ लखनऊ से कुछ किलोमीटर दूर मलिहाबाद चौराहे के पास मौजूद है। लखनऊ शहर के रहने वाले हाजी कलीम उल्लाह खान ने बड़ी मशक्कत के साथ एक ऐसा पेड़ इजाद किया, जिसे देखने वालों की आंखें फटी की फटी रह गई।
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उन्होंने ग्राफ्टिंग तकनीक का सहारा लेकर एक ऐसा पेड़ इजाद किया जिसमें 300 किस्म के आम लगते हैं। इन्हीं में से एक है 'अब्दुल्ला ग्रेट' आम। जो मिठास के मामले में दुनिया के सभी आमों को फेल कर देता है। इस आम का स्वाद लाजवाब है। एक बार चखने के बाद इसे बार-बार खाने का मन करेगा। इसमें गुठली बहुत छोटी होती है।

इस आम के नाम के पीछे की कहानी
अब्दुल्ला ग्रेट आम का नाम मैंगो मैन के नाम से मशहूर मलिहाबाद के कलीमुल्लाह खान के पिता जी के नाम पर रखा गया है। मीडिया से बात करते हुए कलीमुल्लाह बताते हैं कि इस आम की नस्ल उनके पिता जी द्वारा विकसित की गई थी। यही वजह है कि उन्होंने इस आम का नाम अब्दुल्ला ग्रेट आम रख दिया। इस आम को लेकर एक बात यह भी लोकप्रिय है कि जब 1990 में एक बार पूरे भारत में आम की प्रदर्शनी लगी थी तो इसमें अब्दुल्ला ग्रेट आम को पहला इनाम मिला था।

मैंगो मैन के नाम से फेमस है हाजी कलीम साहब
आपको बता दें कि हाजी कलीम साहब ने 17 साल की उम्र में ही एक पौधा इजाद किया था, जिसमें करीब 7 किस्म के आम लगते थे। इतना ही नहीं, आम पर किए गए काम को लेकर हाजी कलीम साहब को दुनिया में लोग 'मैंगो मैन' के नाम से भी जानते हैं। इस विचित्र पेड़ में जो भी आम लगते हैं, उसे बेचा नहीं जाता बल्कि लोगों में बांट दिया जाता है। हाजी कलीम साहब कहते हैं कि आम एक ऐसा पेड़ है जो अपने आप में पूरा कॉलेज है और उस पर पढ़ाई करने की जरूरत है।












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