Lucknow Blue Drum Case: बेटा बाप को आरी से काट रहा था 8-8 इंच, रीढ़ की हड्डी बनीं मुसीबत-Postmortem Report
Lucknow Blue Drum Case: लखनऊ के आशियाना इलाके में 20 फरवरी 2026 की सुबह एक ऐसी वारदात हुई, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया। 21 वर्षीय बेटे अक्षत प्रताप सिंह ने कथित तौर पर अपने 50 वर्षीय पिता मानवेंद्र सिंह (जिन्हें मानवेंद्र प्रताप सिंह भी कहा जाता है) की लाइसेंसी राइफल से गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को आरी और अन्य औजारों से बाथरूम में काटकर शव के टुकड़े-टुकड़े करता रहा।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि पेट व पीठ पर आठ-आठ इंच गहरे कट, रीढ़ की हड्डी नहीं काट सका। इसके बाद लाश के हिस्सों को अलग-अलग जगहों पर फेंकने की कोशिश की। धड़ को नीले प्लास्टिक के ड्रम में भरकर घर में ही छिपा लिया। दुर्गंध छिपाने को रूम फ्रेशनर का सहारा लिया। आइए जानते हैं क्या क्या पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुए खुलासे...

Manvendra Singh Murder Case: पिता मानवेंद्र सिंह के लिए बेटा बन गया कसाई?
मानवेंद्र सिंह आशियाना स्थित तीन मंजिला मकान में रहते थे। वे वर्धमान पैथोलॉजी लैब (काकोरी में) के मालिक थे और शराब के कारोबार से भी जुड़े थे। उनकी पत्नी की मौत 9 साल पहले हो चुकी थी। इसके बाद उन्होंने अकेले ही बेटे अक्षत और बेटी कृति (जो छोटी है) की परवरिश की।
अक्षत बी.कॉम का छात्र है, लेकिन पिता लगातार उसे NEET (मेडिकल प्रवेश परीक्षा) की तैयारी के लिए दबाव डाल रहे थे। पुलिस के अनुसार, यह दबाव ही विवाद का मुख्य कारण बना। अक्षत पढ़ाई के इस दबाव से परेशान था और बार-बार विरोध करता था। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी उल्लेख है कि परिवार में दूसरे विवाह या अन्य रिश्तों को लेकर भी तनाव था, जिसकी जांच पुलिस कर रही है। पड़ोसियों के मुताबिक, घर में सामान्य रूप से सब कुछ ठीक लगता था। कोई नहीं जानता था कि अंदर क्या चल रहा है।
Lucknow Manvendra Singh Blue Drum Case: 20 फरवरी सुबह 4:30 बजे
पुलिस के अनुसार, 20 फरवरी की सुबह करीब 4:30 बजे पिता-पुत्र के बीच जोरदार बहस हुई। अक्षत गुस्से में आया और पिता की लाइसेंसी राइफल उठाकर गोली चला दी। गोली लगने से मानवेंद्र सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना की गवाह उनकी बेटी कृति भी थी।
हत्या के तुरंत बाद अक्षत ने शव को तीसरी मंजिल से घसीटकर बाथरूम में ले जाया। यहां उसने आरी (मशीन/सॉ) और चाकू का इस्तेमाल कर शव के टुकड़े करने शुरू किए। उसने दोनों पैर घुटनों के नीचे से काटे, दोनों हाथ काटे और सिर अलग कर दिया।
Lucknow Manvendra Singh Postmortem Report: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रोंगटे खड़े कर देने वाले तथ्य सामने आए हैं:-
- पेट और पीठ पर 8-8 इंच गहरे कट लगे थे।
- आरोपी रीढ़ की हड्डी (स्पाइनल कॉर्ड) को पूरी तरह काट नहीं सका, यही उसकी सबसे बड़ी मुसीबत बनी।
- शव को चार मुख्य हिस्सों में बांटने की कोशिश की गई थी।
अक्षत ने कटे हुए हाथ-पैर और सिर को कार में रखकर लखनऊ के बाहरी इलाके सदरौना (लगभग 21 किलोमीटर दूर) फेंक दिया। सिर अभी भी गुम है। धड़ को स्लीपिंग बैग में लपेटकर नीले प्लास्टिक के ड्रम में बंद कर दिया।
सबूत मिटाने की कोशिश और नीले ड्रम की भूमिका
अक्षत ने शव ठिकाने लगाने की पूरी योजना बनाई थी। वह ड्रम में धड़ भरकर बाहर ले जाने वाला था। उसके पास 10 लीटर केरोसिन भी था, जिससे बचे हुए अवशेष जलाने की तैयारी थी। घर में खून के निशान मिटाने के लिए उसने कई घंटे लगाए। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि दुर्गंध छिपाने के लिए रूम फ्रेशनर का भी इस्तेमाल किया गया। लेकिन योजना फेल हो गई। जब वह ड्रम लेकर कार में बैठा, तो बाहर किसी ने कार पर दस्तक दी। घबरा कर वह ड्रम वहीं छोड़कर भागने की कोशिश करने लगा।
उसने पहले पिता के गायब होने की शिकायत खुद थाने में दर्ज कराई। बताया था कि पिता दिल्ली गए हैं। लेकिन मोबाइल स्विच ऑफ होने और बयानों में विरोधाभास के कारण पुलिस को शक हुआ। पूछताछ में अक्षत टूट गया और पूरा कबूलनामा कर लिया।
पुलिस की कार्रवाई: रिकवरी और रीक्रिएशन
लखनऊ पुलिस (सेंट्रल जोन) ने तुरंत कार्रवाई की। डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस विक्रांत वीर ने बताया कि आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया है। अब तक क्या-क्या हुआ बरामद?
बरामदगी:
- लाइसेंसी राइफल
- आरी (सॉ मशीन)
- चाकू और अन्य हथियार
- नीला ड्रम जिसमें धड़ मिला
- कार में खून के निशान
अक्षत ने क्राइम सीन रीक्रिएशन भी किया, जिसमें उसने पूरी वारदात दोहराई। फॉरेंसिक टीम ने घर, कार और आसपास के इलाकों से सबूत जुटाए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने हत्या की बर्बरता की पुष्टि की। पुलिस का कहना है कि अक्षत कई घंटे तक बाथरूम और कमरे में शव के साथ रहा। पड़ोसियों को कुछ भी भनक नहीं लगी।
क्या था असली मकसद?
पुलिस कई एंगल से जांच कर रही है:-
- 1. NEET का दबाव- सबसे मजबूत कारण।
- 2. पारिवारिक तनाव - पिता के संभावित दूसरे विवाह या अन्य रिश्तों को लेकर विवाद।
- 3. संपत्ति - पैथोलॉजी लैब और शराब कारोबार पर कब्जे की आशंका।
अक्षत ने पुलिस को बताया कि वह अकेला ही अंतिम संस्कार कर देता। लेकिन पुलिस इसे पूर्व नियोजित नहीं मान रही है, बल्कि गुस्से में हुई घटना मान रही है। मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञों से भी सलाह ली जा रही है।
Lucknow Akshat Singh Kills Father: किन किन धाराओं में मुकदमा दर्ज?
यह मामला सिर्फ एक हत्याकांड नहीं, बल्कि युवाओं पर पड़ रहे करियर दबाव, पारिवारिक संवाद की कमी और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों को रेखांकित करता है। लखनऊ पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। आरोपी पर IPC की धारा 302 (हत्या), 201 (सबूत मिटाना) आदि के तहत मुकदमा दर्ज है। शव के बाकी हिस्सों की तलाश जारी है। अदालत में पेशी के बाद अक्षत को जेल भेज दिया गया है।
यह घटना याद दिलाती है कि घरेलू विवाद कितने खतरनाक रूप ले सकते हैं। अगर आपको या आपके किसी परिचित को ऐसे तनाव का सामना करना पड़ रहा है, तो मदद लें- काउंसलिंग या परिवार से खुलकर बात करें।












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