'हमारी गलती नहीं है कि इस फ्लैट को अतीक अहमद के सहयोगी ने बनवाया', लखनऊ के इस अपार्टमेंट को तोड़ने का आदेश!
लखनऊ के एक अपार्टमेंट को तोड़ने का नोटिस दिया गया है। कथित तौर पर इस अपार्टमेंट को अतीक अहमद और अशरफ के करीबी सहयोगी मोहम्मद मुस्लिम ने बनवाया था।

उत्तर प्रदेश की सरकार अवैध निर्माणों के खिलाफ पूरे राज्य में एक्टिव मोड पर काम कर रही है। इसी क्रम में लखनऊ के एक आलीशान अपार्टमेंट 'शिव एम्पायर रेजीडेंसी' को लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने अवैध बताते हुए तोड़ने का नोटिस दिया है। इस फ्लैट को माफिया नेता अतीक अहमद और अशरफ के करीबी सहयोगी मोहम्मद मुस्लिम ने बनवाया था।
अब अपार्टमेंट में रहने वाले 22 परिवारों को अतीक अहमद और अशरफ के खिलाफ यूपी सरकार की कार्रवाई का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। इस डर से वहां रहने वाले 22 परिवार परेशान हैं। हालांकि निवासियों का कहना है कि अगर फ्लैट खाली करने के लिए कहा गया तो वे अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।
न्यूज 18 के मुताबिक अपार्टमेंट में रहने वाले एक शख्स ने कहा, ''हमने इस फ्लैट को खरीदने के लिए अपनी सारी मेहनत की कमाई लगा दी है। इस फ्लैट के सिवा हमारे पास कुछ नहीं है। हम किसी भी विकास प्राधिकरण को हमारे घरों को नहीं गिराने देंगे। यह हमारी गलती नहीं है कि फ्लैट को अतीक अहमद के सहयोगी ने बनवाया था। हमें इससे लिए परेशान क्यों किया जा रहा है।''
जमीन के मालिक का क्या कहना है?
जिसकी जमीन पर 'शिव एम्पायर रेजीडेंसी' बनी है, उसके मालिकों में से एक शिव कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि यह हमारे लिए एक बड़ा हैरान करने वाला मामला है। यह कोई नया अपार्टमेंट नहीं है। जिस जमीन पर हमारा अपार्टमेंट बना है, वह हमारे पूर्वजों की है, जिन्होंने इसे 1928 में लीज पर लिया था।
शिव कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि भूमि 'कायस्थ समाज' की है। हमारे पूर्वजों ने 1928 में लखनऊ इंप्रूवमेंट ट्रस्ट से 90 साल की लीज पर यह जमीन खरीदी थी। लीज पूरी होने पर हमने फ्री होल्ड करवाया और फिर एक बिल्डर के साथ एग्रीमेंट किया, जिसने आखिरकार अपार्टमेंट बनवा लिया। हम सच में नहीं जानते कि बिल्डर का मोहम्मद मुस्लिम के साथ कोई संबंध है या नहीं, क्योंकि जब अपार्टमेंट का निर्माण किया गया था, तो लोगों को मुस्लिम और उनके कनेक्शन के बारे में पता नहीं था।
उन्होंने कहा कि लोग एलडीए के पास भी गए जहां उन्हें बताया गया कि अपार्टमेंट मोहम्मद मुस्लिम का है और केवल दो मंजिल बनाने की अनुमति दी गई थी जबकि अपार्टमेंट पांच मंजिला है।
लखनऊ विकास प्राधिकरण के अधिकारी क्यो बोले...?
एलडीए के अधिकारियों ने कहा कि माफिया नेताओं और उनके करीबी सहयोगियों की संपत्तियों की जांच करने पर हमें ये पता चला है कि लगभग 446 वर्ग मीटर की जमीन मोहम्मद मुस्लिम के रिश्तेदार अमीर अली की थी, जिसने पांच मंजिला अपार्टमेंट 2012 में बनवाया था।एलडीए के अधिकारी ने कहा, "यह अपार्टमेंट उस योजना के खिलाफ था, जिसे एलडीए ने मंजूरी दी थी, जिसमें दो मंजिला निर्माण की अनुमति दी गई थी।"
अधिकारियों ने कहा कि एलडीए ने पहली बार 19 दिसंबर 2012 को अमीर अली को अवैधता को लेकर नोटिस दिया था। 30 जुलाई 2013 को एलडीए ने 25 दिनों के भीतर ढांचा गिराने का आदेश दिया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। एलडीए के अंचल अधिकारी रमा शंकर ने इस मुद्दे पर कहा कि अपार्टमेंट का निर्माण मोहम्मद मुस्लिम ने किया था।
UP पुलिस ने क्या कहा?
यूपी पुलिस के मुताबिक, लखनऊ में रहने वाले मोहम्मद मुस्लिम के प्रयागराज अक्सर जाता था और अतीक अहमद के काफी करीबी थे। करीब 10 साल तक दोनों मोहम्मद मुस्लिम और अतीक अहमद ने एक साथ काम किया था। लेकिन पिछले चार साल से दोनों के बीच विवाद बढ़ गया था।
हाल ही में, अतीक ने जेल से कैसे काम किया, यह दिखाने वाले कुछ संदेश वायरल हुए जिसमें अतीक अहमद ने मोहम्मद मुस्लिम को धमकी दी थी और उससे 5 करोड़ रुपये की मांग की थी। बिल्डर ने अतीक अहमद के बेटे असद को 80 लाख रुपये का भुगतान किया था।
असद 14 अप्रैल 2023 को झांसी में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी 2023 में हुई उमेश पाल की हत्या की योजना बनाने के लिए 80 लाख रुपये का इस्तेमाल किया गया था।
हाल ही में अतीक अहमद के बेटे असद और मोहम्मद मुस्लिम का एक ऑडियो क्लिप वायरल हुआ था। बाद में अतीक अहमद ने मोहम्मद मुस्लिम को धमकी भरा मैसेज भी किया था।












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