Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

लोकसभा चुनाव: PM Modi मेरठ से ही हर बार क्यों शुरू करते हैं चुनाव प्रचार? 7 सीटों के परिणाम में छिपे हैं संकेत

PM Modi Election Campaign 2024 from Meerut: बीजेपी लगातार तीसरी बार केंद्र की सत्ता में आने के लिए चुनाव मैदान में उतरी है और लगातार तीसरी बार भी इसके चुनाव अभियान का आगाज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी के मेरठ से ही किया है। समय बीता तो पीएम मोदी के भाषणों की लाइन जरूर बदली। लेकिन, मेरठ की जगह किसी और स्थान का विचार क्यों नहीं हुआ, यह समझना दिलचस्प है।

पीएम मोदी ने 2024 के लोकसभा चुनाव अभियान की शुरुआत 31 मार्च यानी रविवार को मेरठ से की तो पिछले दोनों चुनावों से इसमें सबसे बड़ा अंतर ये था कि इसमें आरएलडी के मुखिया जयंत चौधरी भी उनके साथ मंच पर मौजूद थे। रालोद का प्रभाव पश्चिमी यूपी में ही है और इस बार वह बीजेपी की अगुवाई वाले एनडीए का हिस्सा है।

meerut for bjp and modi

मेरठ से बीजेपी ने अरुण गोविल पर लगाया है दांव
बीजेपी ने इस बार मेरठ लोकसभा सीट से अपने तीन बार के सांसद राजेंद्र अग्रवाल की जगह प्रसिद्ध रामायण धारावाहिक में भगवान राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल को टिकट दिया है। भाजपा 66 वर्षीय गोविल के दम पर इस बार जाटलैंड में बड़ी जीत की उम्मीद में उतरी है।

मेरठ बीजेपी का गढ़ बन चुका है
सिर्फ मेरठ की बात करें तो बीजेपी इस सीट पर 1991 से हुए अबतक के 8 लोकसभा चुनावों में 6 बार जीत चुकी है। 2009 से इसके नेता राजेंद्र अग्रवाल यहां से लगातार जीत रहे हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव अभियान का आगाज करते हुए पीएम मोदी ने इस बार मेरठ की रैली में भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने भाषण को फोकस किया है।

अबकी बार मेरठ से भ्रष्टाचारियों पर प्रहार
दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी इंडिया ब्लॉक की रैली के तुरंत बाद पीएम मोदी ने मेरठ की रैली में कहा, 'जब मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई कर रहा हूं, कुछ लोग परेशान हैं और अपना आपा खो रहे हैं। मोदी का मंत्र है 'भ्रष्टाचार हटाओ'। वे कहते हैं 'भ्रष्टाचारी बचाओ'। यह चुनाव दो पक्षों की लड़ाई है। एक एनडीए है- भ्रष्टाचार मिटाने का मैदान। दूसरा मैदान भ्रष्ट को बचाना है। अब आपको फैसला करना है कि भ्रष्टाचारी को बचाने की जरूरत है या भ्रष्टाचार को खत्म करने की आवश्यकता है।'

2014 में मुजफ्फरनगर दंगे पर फोकस रहा भाषण
2014 के चुनाव अभियान की शुरुआत में पीएम मोदी ने मुजफ्फरनगर दंगे के मामले पर काफी फोकस किया था। वह तब क्षेत्र का सबसे गर्म मसला था और भाजपा के पीएम उम्मीदवार के तौर पर नरेंद्र मोदी ने इसे जोर-शोर से उठाया था। उन्होंने तब पश्चिमी यूपी की चुनावी अहमियत यह कहकर बयां किया था कि कहा जाता है उत्तर प्रदेश में सत्ता का सूरज पश्चिम से उगता है।

2019 में बालाकोट एयरस्ट्राइक का हथियार था साथ
लेकिन, पांच साल बाद 2019 में 27 मार्च को चुनाव अभियान की शुरुआत के समय पीएम मोदी के पास करीब एक महीने पहले हुए बालाकोट एयरस्ट्राइक वाला हथियार था। उन्होंने ट्रिपल तलाक और बेटियों की सुरक्षा पर भी बात की और सपा, आरएलडी और बसपा गठबंधन को 'सराब' कहा था।

हम यहां देखेंगे कि पिछले दो चुनावों में पीएम मोदी के भाषणों का इलाके की 7 लोकसभा सीटों पर क्या असर पड़ा था।

मेरठ
2014 के लोकसभा चुनाव को देश के चुनावी इतिहास में मोदी लहर के लिए भी जाना जाता है। यूपी में तो इसका अप्रत्याशित असर नजर आया था। मेरठ में बीजेपी प्रत्याशी राजेंद्र अग्रवाल को जहां 47.86% वोट पड़े थे, वहीं बसपा को 27%, सपा को 19.01% और कांग्रेस की नगमा को मात्र 3.85% वोट आए थे।

2019 के चुनाव का परिदृश्य बदल चुका था। सपा-बसपा-रालोद का गठबंधन था। फिर भी बीजेपी उम्मीदवार को पहले से अधिक यानी 48.17% वोट मिले। जबकि, महागठबंधन के बसपा उम्मीदवार हाजी मोहम्मद याकूब को 47.78% वोट हासिल हुए। कांग्रेस को सिर्फ 2.83% वोट आए थे। इस बार यहां सपा-कांग्रेस गठबंधन से समाजवादी पार्टी ने पहले भानु प्रताप सिंह को टिकट दिया था। लेकिन, अब विधायक अतुल प्रधान को उतार दिया है। वहीं बीएसपी से देवव्रत त्यागी मैदान में हैं।

बागपत
2014 में बागपत सीट से बीजेपी के डॉ सत्यपाल सिंह 42.15% वोट लेकर जीते थे। तब सपा को 21.26%, आरएलडी के चौधरी अजित सिंह को 19.86% और बसपा को 14.11% वोट मिले थे।

2019 में यहां आरएलडी के जयंत चौधरी विपक्षी गठबंधन के संयुक्त उम्मीदवार थे, जिन्हें 48.04% वोट मिला। लेकिन, कमाल ये हो गया कि विपक्षी वोट एकजुट होने के बावजूद भाजपा उम्मीदवार सत्यपाल सिंह 50.29% वोट लेकर विजयी रहे।

मुजफ्फरनगर
2014 मुजफ्फरनगर का सबसे बड़ा मुद्दा सांप्रदायिक दंगा था। भाजपा ने इसके खिलाफ यूपी की तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार के विरोध में जोरदार अभियान चलाया था। पार्टी के संजीव कुमार बालियान को यहां करीब 59% वोट मिले। बीएसपी 22.77% और सपा 14.52% वोट ही जुटा सकी।

2019 में अजित सिंह अपनी सीट बदलकर मुजफ्फरनगर चले आए। उन्हें महागठबंधन ने अपना प्रत्याशी बनाया। कांग्रेस ने भी उम्मीदवार नहीं उतारे। तब भी अजित सिंह को 48.83% वोट आए।

तब भाजपा के संजीव कुमार बालियान यहां से 49.39% वोट लेकर जीते और अजित सिंह के लोकसभा पहुंचने की उम्मीदों पर फिर से पानी फिर गया।

बिजनौर
2014 में बीजेपी को बिजनौर में 4,86,913 वोट मिले और कुंवर भारतेंद्र को जीत मिली। वहीं सपा को 2,81,139 और बसपा को 2,30,124 वोट प्राप्त हुए।

2019 में बीजेपी को बिजनौर में झटका लगा। महागठबंधन के उम्मीदवार के तौर पर बीएसपी के मलूक नागर को 5,61,045 वोट मिले। जबकि, भाजपा प्रत्याशी राजा भारतेंद्र सिंह को 4,91,104 वोट ही मिल सके। 2024 में गठबंधन के तहत बीजेपी ने बागपत और बिजनौर सीटें आरएलडी के लिए छोड़ी हैं। लेकिन, गौर करने वाली बात है कि 2014 के मुकाबले भाजपा का वोट यहां बढ़ गया था।

कैराना
2014 में कैराना लोकसभा सीट पर बीजेपी उम्मीदवार हुकुम सिंह 5,65,909 (50.54%) वोट लेकर चुनाव जीते थे। 2019 के लोकसभा चुनाव महागठबंधन से बीएसपी उम्मीदवार के बावजूद बीजेपी के प्रदीप कुमार 5,66,961 (50.43%) लाकर चुनाव जीत गए थे। जबकि, बसपा को महज 4,74,801 वोट मिल पाए थे।

सहारनपुर
सहारनपुर सीट बीजेपी 2014 में जीती थी लेकिन, 2019 में बीएसपी से करीब 23 हजार वोटों से हार गई थी। लेकिन, 2014 में भाजपा को यहां 4,72,999 वोट मिले थे। वहीं 2019 में उसे 4,91,722 मत हासिल हुए थे। यानी ज्यादा वोट आने के बावजूद विपक्षी दलों के संयुक्त उम्मीदवार की वजह से बीजेपी के हाथ से यह सीट निकल गई थी।

नगीना
नगीना (सुरक्षित) सीट पर बीजेपी 2014 में 3,67,825 लेकर जीती थी। 2019 में इसके उम्मीदवार को 4,01,546 वोट मिले थे। लेकिन, यहां बसपा को बड़ी जीत मिली थी। जाहिर है 2019 में इन सभी सीटों पर बीजेपी को जीत नहीं भी मिली है तो भी उसके वोट बढ़े हैं। ये सारी सीटें पश्चिमी यूपी की हैं, जिसने लगातार दोनों चुनावों से केंद्र में भाजपा को सत्ता दिलाने में अहम भूमिका निभाई है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+