पुलिस हिरासत में मौत: इलाहाबाद HC का निर्देश- कब्र से शव निकालो और दिल्ली एम्स में करवाओ पोस्टमार्टम
प्रयागराज, 11 फरवरी। उत्तर प्रदेश के कासगंज में पुलिस हिरासत में मारे गए मुस्लिम लड़के के चर्चित मामले में शुक्रवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने प्रशासन को सख्त निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि मृतक के शव को कब्र से निकाल कर उसका दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में नए सिरे से पोस्टमॉर्टम कराया जाए। बता दें कि मृतक युवक अल्ताफ के पिता चांद मियां ने कोर्ट से गुहार लगाई थी कि पुलिस हिरासत में बेटे की मौत के बाद किए गए पोस्टमार्टम से वह संतुष्ट नहीं है। चांद मियां की याचिका पर उच्च न्यायालय ने आज सुनवाई करते हुए यूपी सरकार को अल्ताफ का फिर से पोस्टमार्टम कराने का निर्देश दिया है।
Recommended Video

चांद मियां ने अपनी याचिका में कोर्ट से अपील की थी कि उनके बेटे के शरीर को निकाला जाए और शव का नए सिरे से दिल्ली एम्स में पोस्टमॉर्टम किया जाए। याचिका में चांद ने जोर देते हुए कहा कि पोस्टमार्टम यूपी के बाहर किया जाए। इसके पीछे उन्होंने राज्य पुलिस की कथित संलिप्तता का कारण बताया। याचिकाकर्ता ने पश्चिमी यूपी के एक पुलिस स्टेशन में शौचालय की जमीन से केवल तीन फीट ऊपर पानी के पाइप से लटकते हुए मृतक अल्ताफ को दिखाते हुए तस्वीरें जिला अदालत में पेश की थीं।
यह भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट का यूपी सरकार को अल्टीमेटम, CAA का विरोध करने वालों के खिलाफ जारी नोटिस वापस लें
जस्टिस अंजनी कुमार मिश्रा और जस्टिस दीपक वर्मा की खंडपीठ ने 10 फरवरी को कासगंज के जिला पुलिस प्रमुख को शव को कब्र से निकालने और तुरंत दिल्ली के एम्स भेजने का निर्देश दिया, जहां डॉक्टरों की एक टीम पोस्टमॉर्टम करेगी। अदालत ने अपने निर्देश में यह भी कहा कि शरीर को सील करने और पोस्टमॉर्टम की पूरी प्रक्रिया और बाद में शव को सील करने संबंधी अन्य प्रक्रियाओं की वीडियोग्राफी भी की जाएगी। न्यायाधीशों ने कहा कि पोस्टमार्टम के विभिन्न चरणों में शरीर के हाई रेजोल्यूशन स्टिल फोटो भी रखे जाएंगे और संरक्षित किए जाएंगे।












Click it and Unblock the Notifications