सवालों के घेरे में रेलवे की सुरक्षा! एक बार फिर की गई ट्रेन को डीरेल करने की कोशिश, ट्रैक पर मिला गैस सिलेंडर

Kanpur: उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक भीषण ट्रेन हादसा होते-होते बचा है। यहां रेलवे ट्रैक पर एक छोटा गैस सिलेंडर रख कर ट्रेन को डीरेल करने की कोशिश की गई है। ट्रैक पर छोटा सिलेंडर मिलने के बाद सनसनी फैल गई। यह घटना ट्रेन सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा करती है।

घटनास्थल पर आज सुबह प्रेमपुर स्टेशन पर एक मालगाड़ी के गुजरने से ठीक पहले पटरियों पर 5 लीटर का खाली गैस सिलेंडर पाया गया था।हाल ही में, पटरियों पर रखे एलपीजी सिलेंडर का उपयोग करके कालिंदी एक्सप्रेस को पटरी से उतारने की कोशिश की गई थी। इसके अलावा, पास में पेट्रोल और बारूद भी मिला था। ऐसी बहुत सी घटनाएं बीते कुछ समय में सामने आई हैं।

Kanpur Train Accident

सवालों के घेरे में रेलवे की सुरक्षा

एक अन्य घटना में, एक मालगाड़ी दुर्घटना से बाल-बाल बच गई, जब लोको पायलट ने सिलेंडर को देखा और समय रहते ट्रेन को रोक दिया। यह मामला कानपुर देहात का था। रेलवे सुरक्षा बल के एसपी के अनुसार, पटरियों पर पांच किलो का खाली एलपीजी सिलेंडर मिला। ट्रेन की धीमी गति के कारण पायलट ने आपातकालीन ब्रेक लगाए और अधिकारियों को सतर्क किया।

ट्रैक पर सिलिंडर मिलने की जांच जारी

इस मामले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) कर रही है। इस बीच यूपी एटीएस, पुलिस और जीआरपी अपनी जांच कर रही है। इस घटना से पहले 10 सितंबर को राजस्थान के अजमेर में एक और साजिश सामने आई। यहां सरधना में रेलवे ट्रैक पर करीब 70 किलो वजनी सीमेंट के दो ब्लॉक रखे गए, ताकि मालगाड़ी को पटरी से उतारा जा सके।

गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ क्योंकि ट्रेन सीमेंट के ब्लॉकों को तोड़कर आगे निकल गई। इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। महाराष्ट्र के सोलापुर क्षेत्र में कुर्दुवाड़ी स्टेशन के पास एक बड़े सीमेंट के पत्थर का उपयोग करके मालगाड़ी को पटरी से उतारने की फिर से कोशिश की गई। लोको पायलट की सतर्कता के कारण हादसा टल गया।

ट्रेन को डीरेल करने की पिछली घटनाएं

8 सितंबर को रात करीब 8:30 बजे कालिंदी एक्सप्रेस को निशाना बनाने की साजिश सामने आई थी। प्रयागराज से भिवानी जा रही इस ट्रेन ने पटरी पर एलपीजी से भरे सिलेंडर को टक्कर मार दी, जिससे जोरदार आवाज हुई। घटनास्थल पर बारूद, पेट्रोल से भरी बोतलें और माचिस भी बरामद की गई थी।

इससे पहले 17 अगस्त की रात को कानपुर-झांसी रूट पर साबरमती एक्सप्रेस (19168) अपने इंजन के साथ पटरी से उतर गई थी। यह ट्रेन वाराणसी से अहमदाबाद जा रही थी, तभी इंजन से एक पत्थर टकराने के कारण यह पटरी से उतर गई। ड्राइवर ने बताया कि पत्थर से टकराने के कारण इंजन का कैटल गार्ड बुरी तरह मुड़ गया।

ये घटनाएं भारत के विभिन्न क्षेत्रों में रेलवे सुरक्षा के लिए जारी खतरों की ओर ध्यान खींचती हैं। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने और देश भर में सभी रेल नेटवर्क पर यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि बनाए रखने के लिए अधिकारी इन मामलों की सक्रिय रूप से जांच कर रहे हैं।

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