2 हजार का नोट हुआ बंद तो लगा दिया Akhilesh Yadav को फ़ोन, खजांची' की माँ को याद आई 2016 की नोटबंदी
हाल ही में आरबीआई (RBI) ने 2000 के नोटों को चलन से बाहर कर दिया है। जिसने लोगों को 2016 की नोटबंदी की यादें ताजा कर दी हैं। वहीं 2016 की नोटबंदी के दौरान सुर्खियों में रहा एक बच्चा 'खजांची' फिर चर्चाओं में है।

इस तस्वीर में जो बच्चा आपको नजर आ रहा है, शायद आपने इसे न पहचाना हो। ये वही बच्चा है जिसने 2016 में हुई नोटबंदी के दौरान एक बैंक के बाहर जन्म लिया था। इसका नाम खजांची है और यह नाम इसे स्वयं पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने इस बच्चे को दिया था। वहीं जब 2023 में एक बार फिर नोटबंदी हुई तो खजांची की माँ को वही दिन फिर याद आ गया। वो मीडिया के सामने आई और कैमरे पर ही अखिलेश यादव को फ़ोन लगा दिया।
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2000 का नोट बंद, सितंबर तक करें जमा
दरअसल, आरबीआई (RBI) ने 2000 के नोट को चलन से बाहर किया है। शुक्रवार को जारी अपने बयान में आरबीआई (RBI) ने कहा है कि 2000 के नोट वैध रहेंगे और 30 सितंबर 2023 तक इन्हें बैंकों में जमा कराया जा सकता है। लोग 2000 के नोट अपने बैंक खाते में जमा कर सकते हैं या किसी भी बैंक की शाखा में जाकर अपने नोट बदल सकते हैं। वहीं 2016 की नोटबंदी की तरह इस बार भी इसपर राजनीती गरमा गई है।

2016 की नोटबंदी में हुआ था खजांची का जन्म
अप्पको बताते चलें कि 2016 की नोटबंदी के एक महीने से भी कम समय में, एक विधवा सर्वेशा देवी 2 दिसंबर को कानपुर देहात में लगभग 500 लोगों की बैंक कतार में पांच घंटे तक अपनी बारी का इंतजार कर रही थी, जब उसे प्रसव पीड़ा हुई। उसकी मां शशि देवी उसे एक कोने में ले गई, जहां उसने एक लड़के को जन्म दिया। इसी मौके का फायदा उठाते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नोटबंदी को लेकर केंद्र पर निशाना साधा और उस बच्चे का नाम खजांची रख दिया।

2023 में हुई नोटबंदी, खजांची की माँ को याद आया वो दिन
इसके बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राज्य विधानसभा चुनावों से पहले अपनी अधिकांश जनसभाओं में खजांची नाथ की कहानी सुनाई। वही खजांचिनाथ और उनकी माँ एक बार फिर जब 2 हजार का नोट बंद हुआ है तो अपनी आपबीती को याद कर रही हैं। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि 'फिर नोटबंदी होने से उन्हें काफी हैरानी हुई है। नोटबंदी सरकार का गलत फैसला है। इससे बहुत से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।'

हेलो! अखिलेश भैया बोल रहे हैं क्या?
उन्होंने कहा कि 'इस बार तो मेरे पास केवल 2 हजार के दो ही नोट हैं। लेकिन और भी महिलाऐं हैं जिन्हे परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा इस बार लाइन में लगने से पहले सभी माताएं बहनें अपना ध्यान रखें।' इस दौरान उन्होंने अखिलेश यादव को फ़ोन भी मिलाया, लेकिन उधर से जवाब आया कि अखिलेश भैया सैफई गए हुए हैं। आते ही बात करा देंगे।
हालांकि इस बार की नोटबंदी में बैंकों के बाहर लोगों की लंबी-लंबी कतारें देखने को नहीं मिल रही हैं। आरबीआई का ये फैसला सोची समझी योजना के तहत किया है। RBI ने 2018 से 2000 के नोट छापने बंद कर दिए थे।












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