यूपी: ABP पत्रकार की मौत 'हत्या' या एक्सीडेंट? सोशल मीडिया पर गहराया ये मुद्दा, जानें क्या है लोगों का कहना
UP:पत्रकार की मौत 'हत्या' या एक्सीडेंट? सोशल मीडिया पर गहराया ये मुद्दा, जानें क्या है लोगों का कहना
लखनऊ, 14 जून: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में स्थित एबीपी न्यूज टेलीविजन चैनल के पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव रविवार (13 जून) की रात रहस्यमय परिस्थितियों में मृत पाए गए थे। इनकी उम्र 42 साल थी। प्रतापगढ़ से एबीपी संवाददाता सुलभ श्रीवास्तव कटरा में रहस्यमय परिस्थितियों में मृत पाए गए थे। उनकी मौत के बाद से सोशल मीडिया पर ये मुद्दा छाया हुआ है। ट्विटर पर इस मामले ने तूल तब पकड़ी जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। ममता बनर्जी ने कहा, ''उत्तर प्रदेश में ये क्या हो रहा है, एबीपी न्यूज के रिपोर्टर की हत्या कर दी गई। मैं इसकी निंदा करती हूं।'' मामले में ट्विस्ट ये है कि यूपी पुलिस ने इस मामले में कहा है कि पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की "मोटरसाइकिल दुर्घटना" में मौत हुई है। वहीं पत्रकार का शव रहस्यमय परिस्थितियों पाए जाने के बाद सोशल मीडिया पर लोग इसे हत्या बता रहे हैं और योगी सरकार की ओलचना कर रहे हैं। इस मामले पर प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव ने भी जांच की मांग की है।
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सुरक्षा को लेकर मौत से 2 दिन पहले पत्रकार ने एडीजी को लिखा था पत्र
इस मामले में हैरान करने वाली बात ये है कि अपनी मौत से 2 दिन पहले पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव ने एडीजी को पत्र लिखकर कहा था कि उत्तर प्रदेश में शराब माफिया का पर्दाफाश करने से उनकी जान को खतरा है। एबीपी न्यूज और एबीपी गंगा के लिए काम करने वाले सुलभ श्रीवास्तव ने उत्तर प्रदेश पुलिस को लिखा था कि प्रतापगढ़ में शराब माफियाओं की उनकी हालिया रिपोर्ट के बाद उन्हें जान का खतरा महसूस हुआ। सुरक्षा की मांग करते हुए श्रीवास्तव ने कहा था कि उन्हें सूत्रों से पता चला है कि उनकी खबर के प्रकाशन के बाद शराब माफिया उनसे नाराज थे और उन्हें या उनके परिवार को नुकसान पहुंचाना चाहते थे।
प्रतापगढ़ पुलिस ने पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की मौत पर क्या कहा?
प्रतापगढ़ पुलिस ने ट्विटर पर जारी एक बयान में कहा है, '' पत्रकार श्रीवास्तव मीडिया कवरेज के बाद रविवार रात करीब 11 बजे अपनी मोटरसाइकिल पर लौट रहे थे। वह एक ईंट भट्टे के पास अपनी मोटरसाइकिल से गिर गए थे। कुछ मजदूरों ने उन्हें सड़क से उठा लिया और फिर उसके दोस्तों को फोन करने के लिए उसके फोन का इस्तेमाल किया। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।'' पुलिस ने यह भी कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि श्रीवास्तव की "बाइक सड़क के किनारे एक हैंडपंप से टकराने के बाद गिर गई।" पुलिस ने यह भी कहा कि वे मामले में हर एंगल से जांच कर रहे हैं।
पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की पत्नी क्या कहा?
पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव पत्नी ने कहा, ''देखिए जब हम देखे ही नहीं हैंस तो ये कैसे बता सकते हैं कि ये हत्या है या एक्सीडेंट। लेकिन ये 3 दिन से परेशान तो थे, कह रहे थे ऐसा लगता है कि हम कहीं जा रहे हैं तो हमारा कोई पीछा कर रहा है। इस बात से हमको ये लगता है, ये हत्या भी हो सकती है। लेकिन ये पक्की बात नहीं है कि ये हत्या है या एक्सीडेंट है। मेरे पति ने एडीजी साहब से इस बात की शिकायत की थी कि उनका कोई पीछा कर रहा है, उन्हें सुरक्षा दी जाए। लेकिन उसपर कोई कार्रवाई नहीं हुई।''
पत्नी ने दावा किया, ''मेरे पति ने 3-4 दिन पहले पूछे जाने पर बताया था कि उन्होंने एक खबर चलाई थी, जिसको लेकर उन्हें कुछ लोग परेशान कर रहे हैं। हालांकि मुझे ये नहीं पता कि कौन सी खबर थी। इसी वजह से कुछ लोग इनके पीछे पड़े थे।'' पत्रकार की पत्नी ने सरकार ने इंसाफ की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनके दो बच्चे हैं, जिसके भविष्य की उनको चिंता है।
रिपोर्टर की मौत को लेकर ट्विटर पर स्थानीय पत्रकारों ने किए चौंकाने वाले दावे
-यूपी के पत्रकार पीयूष राय ने अपने ट्विटर पर दावा किया है कि पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की प्रतापगढ़ में हुई मौत के मामले में हत्या का मामला दर्ज किया गया है। वहीं एक अपने अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा है, ''यूपी के प्रतापगढ़ में एबीपी न्यूज रिपोर्टर सुलभ श्रीवास्तव की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई है। जबकि उन्होंने एडीजी प्रयागराज को अपनी जान के लिए खतरा के लिए पत्र लिखा था। पुलिस ने इसे हादसा बताकर किसी तरह की गड़बड़ी से इंकार किया है।''
-एबीपी न्यूज के पत्रकार पंकज झा ने लिखा है, ''हमारे सहयोगी सुलभ नहीं रहे। कल रात रिपोर्टिंग के लिए गए थे, फिर नहीं लौटे। उन्हें लगता था कोई उनके पीछे पड़ा है .. नि:शब्द हूं .. आज भी याद है आठ साल पहले वाली मुलाकात जब आप एबीपी परिवार से जुड़े थे।''
-पत्रकार मनीष श्रीवास्तव ने लिखा है, ''प्रतापगढ़ में शराब माफिया के खिलाफ खबर दिखाने वाले सुलभ की हत्या को दुर्घटना की शक्ल दी जा रही है। प्रतापगढ़ में साढ़े छह साल में 14 कप्तान क्यों बदले गए? कोई अफसर क्यों नहीं रहना चाहता? शराब माफिया गुड्डू सिंह का राजनीतिक संरक्षक कौन है? इन सवालों में हत्या का सच छिपा है।''
-ट्विटर पर महिला पत्रकार रोहिणी सिंह ने लिखा है, ''कल रात इस चैनल (एबीपी) के लिए काम करने वाले एक रिपोर्टर को मृत पाया गया, उसके शरीर पर चोट के निशान थे। एक दिन पहले ही उसने पुलिस को बताया था कि शराब माफिया से उसकी जान को खतरा है। अपने रिपोर्टर के लिए बोलने के बजाय, चैनल साजिश के सिद्धांतों को हवा देने में व्यस्त है।''
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पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की मौत पर ट्विटर यूजर क्या बोले?
- अंशुल सुनीता भारद्वाज नाम के यूजर ने लिखा है, ''एबीपी के पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव का निधन। मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि ये किसी माफिया द्वारा पत्रकार की आवाज को दबाने की साजिश है। ये कैसा गुंडाराज है योगी जी। पत्रकार खबरों को अपनी जान पर खेलकर लोगो के सामने पेश करता है। यह रिपोर्टर मरा नही है शहीद हुआ है।''
- कुसुम वर्मा नाम की यूजर ने लिखा है, सुलभ श्रीवास्तव की हत्या? पत्रकारों यूपी में रहना है तो योगी योगी लिखना होगा वरना?
-एक अन्य यूजर ने लिखा है, ''उत्तर प्रदेश में एबीपी पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव के निधन पर स्तब्ध हूं। यह देखकर दुख होता है कि "लोकतंत्र और स्वतंत्रता" हमारे लोकाचार का हिस्सा होने के बावजूद, हम उन लोगों की जान नहीं बचा पा रहे हैं जो सच्चाई को सामने लाने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं।












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