VIDEO: पुलिस की पिटाई से महिला होमगार्ड के बेटे की मौत
इटावा। आम जनता जिन्हें अपना रक्षक समझती है वही उनके लिए भक्षक बन गए है। जी हां आए दिन ऐसे तमाम मामले सामने आते हैं जब यूपी पुलिस बर्बर हो कर आम लोगों पर अपना कहर ढ़ाती है। इटावा पुलिस मजलूमों पर इस कदर जुल्म कर रही है जिसकी कोई सीमा ही नहीं है।

इटावा में आज इकदिल इलाके के भूलपुर के रहने बाले कमल संखवार को इकदिल पुलिस मोबाइल चोरी के आरोप में उठा लाई थी जिसके बाद पुलिस ने आरोपी की जमकर पिटाई की। पुलिस की पिटाई से उसकी मौत हो गई। हत्या के आरोप से बचने के लिए इकदिल थानाध्यक्ष अमित कुमार ने कमल संखवार की मिर्गी से हुई मौत बताई।
जबकि मृतक की मां ऊषा देवी (नारी निकेतन) में होमगार्ड हैं। मृतक की मां ने बताया कि मेरा बेटा मुझे लेने आ रहा था। बेटे का फोन आया तो बेटे ने पुलिस द्वारा पीटे जाने की बात कही और जबतक में अपने बेटे के पास पहुंची तो मेरे बेटे को पुलिस लात-घूंसो से मार रही थी। उसकी हालत गंभीर होने के कारण जिला अस्पताल ले कर आए, जहाँ डॉक्टर ने मेरे बेटे को मृत घोषित कर दिया।
आरोपी पुलिस कर्मियों को बचाने के चक्कर में पुलिस के बड़े अधिकारी मेरे बेटे को मिर्गी की बिमारी के कारण मौत बता रहे है। लेकिन मेरे बेटे को मिर्गी की कोई बीमारी नही थी पुलिस ने मेरे बेटे की हत्या की है। इस मामले पर जब इटावा के पुलिस अधिकारी से बात की तो वह अपने पुलिस कर्मियों का बचाव करते दिखे। मृतक की माँ और भाई को इकदिल थानाध्यक्ष अमित कुमार द्वारा केस वापस लेने की धमकी दे रहे हैं। जिसकी शिकायत पीड़ित एसएसपी से भी कर चुकी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ये इस क्षेत्र का पहला मामला नहीं है कुछ दिन पहले इकदिल थानाध्यक्ष अमित कुमार के साथ अन्य सिपाही ने एक आरोपी की तलाश में आरोपी की माँ की टांग तोड़ दी थी। इटावा जिले के इकदिल थानाध्यक्ष की दबंगई इस कदर है कि कोई फरियादी फरियाद लेकर थाने आए तो उससे ये थानाध्यक्ष अमित कुमार अपने हाथ और पैर दबवाता है और झूठे मुकदमे में फ़साने की धमकी भी देता है। फरियादियों ने पुलिस के डर के वजह से थाना जाना ही छोड़ दिया है। अब देखना ये होगा कि पुलिस के बड़े अधिकारी इस बड़ी घटना के बाद अपने दबंग इकदिल थानाध्यक्ष अमित कुमार के खिलाफ क्या कार्रवाई करते हैं।












Click it and Unblock the Notifications